मुख्य तथ्य

  • अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अधिनियम, 2023 शोध-वित्त को सीमित परियोजना-बोर्ड से राष्ट्रीय रणनीतिक वित्त निकाय तक ले जाता है।
  • 2015 के बाद मिशन-ढांचा क्वांटम, सुपर कम्प्यूटिंग, साइबर-भौतिक प्रणाली, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, फार्मा-मेडटेक और प्राकृतिक खेती पर केंद्रित है।
  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (एसटीआईपी) 2020 (मसौदा) इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पांचवीं राष्ट्रीय नीति का मसौदा है और शोध-व्यय की बहस को…

मुख्य बिंदु

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    अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अधिनियम, 2023 शोध-वित्त को सीमित परियोजना-बोर्ड से राष्ट्रीय रणनीतिक वित्त निकाय तक ले जाता है।

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    2015 के बाद मिशन-ढांचा क्वांटम, सुपर कम्प्यूटिंग, साइबर-भौतिक प्रणाली, सेमीकंडक्टर, जैव प्रौद्योगिकी, फार्मा-मेडटेक और प्राकृतिक खेती पर केंद्रित है।

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    विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति (एसटीआईपी) 2020 (मसौदा) इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पांचवीं राष्ट्रीय नीति का मसौदा है और शोध-व्यय की बहस को सामने रखती है।

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    प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यालय और पीएम-एसटीआईएसी वैज्ञानिकों, मंत्रालयों और मिशन-डिजाइन को जोड़ते हैं।

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    राजस्थान इस राष्ट्रीय ढांचे से पोखरण, सीरी पिलानी, डीओआईटीसी, जयपुर विज्ञान पार्क, जोधपुर विज्ञान केंद्र और विज्ञान-लोकप्रियकरण संस्थानों से जुड़ता है।

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    प्रश्नों में उलझन अक्सर आरंभ-वर्ष, नोडल मंत्रालय, परिव्यय, हब-संख्या और अधिनियम-मिशन-मसौदा-योजना के अंतर को लेकर होती है।

भारत का शोध-वित्त ढांचा एएनआरएफ, एसईआरबी और एसटीआईपी से कैसे बदलता है?

भारत का शोध-वित्त ढांचा एएनआरएफ के आने से केवल अनुदान बाँटने वाली व्यवस्था नहीं रहा, बल्कि विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं, उद्योग और मंत्रालयों को एक राष्ट्रीय शोध-रणनीति में जोड़ने वाला ढांचा बन गया।

शोध-वित्त ढांचा

अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अधिनियम, २०२३ भारत के सार्वजनिक शोध-वित्त ढांचे में विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान बोर्ड अधिनियम, २००८ के बाद सबसे बड़ा संस्थागत परिवर्तन है। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी मंत्रालय के पीआईबी उत्तर के अनुसार एएनआरएफ का लक्ष्य २०२३-२८ में एएनआरएफ कोष, नवाचार कोष, विज्ञान एवं इंजीनियरिंग अनुसंधान कोष और विशेष प्रयोजन कोषों के रूप में ५०,००० करोड़ रुपये जुटाना है।

एएनआरएफ का संस्थागत परिवर्तन

  • कैबिनेट से स्वीकृत राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन विधेयक में २०२३-२८ के लिए ५०,००० करोड़ रुपये का अनुमानित परिव्यय था।
  • अधिनियम बनने के बाद एएनआरएफ विश्वविद्यालयों, प्रयोगशालाओं और मंत्रालयों में रणनीतिक दिशा, शोध-प्रोत्साहन और उद्योग-अकादमिक सहयोग का शीर्ष निकाय बना।
  • इसकी शासी संरचना महत्त्वपूर्ण है।
पद स्थिति
प्रधानमंत्री पदेन अध्यक्ष
केंद्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री पदेन उपाध्यक्ष
शिक्षा मंत्री पदेन उपाध्यक्ष
प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार कार्यान्वयन-श्रृंखला में आते हैं

एसईआरबी से एएनआरएफ तक

  • पुराना एसईआरबी मॉडल विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग के अंतर्गत बाह्य शोध परियोजनाओं को वित्त देता था।
  • एएनआरएफ नवाचार, उद्यमिता और अनुप्रयुक्त शोध तक दायरा बढ़ाता है।
  • नीति का मुख्य बिंदु यह है कि एएनआरएफ केवल बदला हुआ अनुदान बोर्ड नहीं है।
  • यह प्रतिस्पर्धी शोध अनुदान, उच्चस्तरीय प्रयोगशालाओं, उद्योग भागीदारी, राज्य विश्वविद्यालयों और स्वच्छ ऊर्जा, सेमीकंडक्टर, स्वास्थ्य प्रौद्योगिकी तथा डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना जैसे रणनीतिक क्षेत्रों को जोड़ता है।

वित्तीय सोच और जवाबदेही

  • इसकी वित्तीय सोच जवाबदेही भी बदलती है।
  • सार्वजनिक धन, निजी योगदान, सहकर्मी समीक्षा, विषयगत प्राथमिकताएं और राष्ट्रीय प्रयोगशालाएं पेटेंट, प्रोटोटाइप, डेटा मंच, प्रशिक्षित शोधकर्ता और लागू की जा सकने वाली तकनीक जैसे परिणामों से जुड़नी चाहिए।
  • इससे जयपुर, जोधपुर, कोटा और उदयपुर के छोटे विश्वविद्यालय भी उसी राष्ट्रीय शोध नेटवर्क का हिस्सा बनते हैं जो पहले केंद्रीय संस्थानों और महानगरीय प्रयोगशालाओं तक सीमित लगता था।

नीति-पृष्ठभूमि और राजस्थान

  • विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति २०२० का मसौदा इसकी नीति-पृष्ठभूमि देता है।
  • इसे १९५८ के वैज्ञानिक नीति संकल्प, १९८३ के प्रौद्योगिकी नीति वक्तव्य, २००३ की विज्ञान और प्रौद्योगिकी नीति तथा २०१३ की विज्ञान, प्रौद्योगिकी और नवाचार नीति के बाद भारत की पांचवीं राष्ट्रीय विज्ञान-प्रौद्योगिकी-नवाचार नीति मसौदा कहा गया।
  • राजस्थान में यही संरचना राज्य स्तर पर डीओआईटीसी राजस्थान से दिखती है।
  • यह १९८७ के कंप्यूटर विभाग से विकसित होकर २००२ में सूचना प्रौद्योगिकी एवं संचार विभाग बना और राज्य विभागों के लिए आईटी नीति, ई-शासन, वेबसाइट, मानक और सूचना-संचार अवसंरचना का समन्वय करता है।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ एक राष्ट्रीय शोध-वित्त निकाय में प्रधानमंत्री पदेन अध्यक्ष हैं और पुराने एसईआरबी ढांचे को समाहित करने की व्यवस्था है। यह किस साधन से जुड़ा है?
  1. A अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन अधिनियम, 2023 सही उत्तर
  2. B विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार नीति 2013
  3. C राष्ट्रीय सुपर कम्प्यूटिंग मिशन, 2015
  4. D पीआरआईपी योजना, 2023

व्याख्या

विकल्प क सही है क्योंकि एएनआरएफ कानून शीर्ष शोध-वित्त निकाय बनाता है और एसईआरबी परंपरा को समाहित करता है। विकल्प ख नीति दस्तावेज है, एएनआरएफ विधि नहीं। विकल्प ग उच्च-प्रदर्शन संगणन अवसंरचना से जुड़ा है। विकल्प घ फार्मा-मेडटेक शोध योजना है।