मुख्य तथ्य

  • राजस्थान के निर्देशांक, क्षेत्रफल और सीमा-घेरा बताते हैं कि एक ही राज्य में मरुस्थल, पहाड़, मैदान और पठार क्यों साथ मिलते हैं।
  • अरावली मुख्य विभाजक है: पश्चिमी मरुस्थली एक ओर और जलोढ़ तथा पठारी पट्टियाँ दूसरी ओर रहती हैं।
  • राजस्थान की सीमाएँ दिशा के हिसाब से बँटी हैं: उत्तर में पंजाब-हरियाणा, पूर्व और दक्षिण-पूर्व में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में…
  • पश्चिमी राजस्थान रेतीला और आंतरिक अपवाह वाला है, जहाँ लूनी-घग्गर तंत्र और नहरों से सींची गई कमान भूमि मिलती है।
  • पूर्वी राजस्थान नदी-सम्बद्ध है: बनास और चम्बल जलोढ़ मैदान, हाडौती और बीहड़ पट्टी को आकार देते हैं।

मुख्य बिंदु

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    राजस्थान के निर्देशांक, क्षेत्रफल और सीमा-घेरा बताते हैं कि एक ही राज्य में मरुस्थल, पहाड़, मैदान और पठार क्यों साथ मिलते हैं।

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    अरावली मुख्य विभाजक है: पश्चिमी मरुस्थली एक ओर और जलोढ़ तथा पठारी पट्टियाँ दूसरी ओर रहती हैं।

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    राजस्थान की सीमाएँ दिशा के हिसाब से बँटी हैं: उत्तर में पंजाब-हरियाणा, पूर्व और दक्षिण-पूर्व में उत्तर प्रदेश-मध्य प्रदेश, पश्चिम और दक्षिण-पश्चिम में गुजरात और पाकिस्तान।

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    पश्चिमी राजस्थान रेतीला और आंतरिक अपवाह वाला है, जहाँ लूनी-घग्गर तंत्र और नहरों से सींची गई कमान भूमि मिलती है।

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    पूर्वी राजस्थान नदी-सम्बद्ध है: बनास और चम्बल जलोढ़ मैदान, हाडौती और बीहड़ पट्टी को आकार देते हैं।

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    मानचित्र प्रश्न तब साफ होते हैं जब हर क्षेत्र को जिलों, धरातल, अपवाह और एक सटीक संख्या से जोड़ा जाए।

राजस्थान की स्थिति, विस्तार और आकृति कैसे समझें?

राजस्थान की स्थिति, विस्तार और आकृति को उत्तर-पश्चिमी भारत में उसके निर्देशांकों, बड़े क्षेत्रफल, तिरछी अरावली रीढ़ और पश्चिम-पूर्व बदलती भू-आकृति से समझना चाहिए।

राजस्थान भारत के उत्तर-पश्चिमी कोने में स्थित है, पर उसका आंतरिक मानचित्र केवल मरुस्थल नहीं है।

विस्तार और फैलाव

माप विवरण
अक्षांशीय विस्तार आधिकारिक सामग्री में इसका अक्षांशीय विस्तार लगभग २३°०३' से ३०°१२' उत्तरी अक्षांश तक मिलता है।
देशांतरीय विस्तार देशांतरीय विस्तार लगभग ६९°२९' से ७८°१७' पूर्वी देशांतर तक है; कई भूगोल सारणियाँ पश्चिमी देशांतर को ६९°३०' पूर्व लिखती हैं।
दक्षिण से उत्तर तक फैलाव बांसवाड़ा पट्टी से गंगानगर तक जाता है।
पश्चिम से पूर्व तक फैलाव जैसलमेर के मरुस्थलीय छोर से धौलपुर-चम्बल क्षेत्र तक पहुँचता है।
उत्तर-दक्षिण दूरी लगभग ८२६ किमी
पूर्व-पश्चिम दूरी लगभग ८६९ किमी
  • इसलिए राज्य की जलवायु अक्षांश और धरातल, दोनों से बदलती है।
  • बांसवाड़ा के पास कर्क रेखा राजस्थान को दक्षिणी उष्ण कटिबंधीय स्पर्श देती है, जबकि उत्तरी जिलों में महाद्वीपीय और शुष्क प्रभाव अधिक दिखाई देता है।

क्षेत्रफल आधार

तथ्य विवरण
कुल क्षेत्रफल ३४२,२३९ वर्ग किमी
भारत के भौगोलिक क्षेत्र में हिस्सा लगभग १०.४१%
२००० के बाद स्थिति २००० में मध्य प्रदेश के विभाजन के बाद राजस्थान क्षेत्रफल की दृष्टि से भारत का सबसे बड़ा राज्य बना।

राजस्थान के खान एवं भूविज्ञान विभाग के अनुसार राज्य का क्षेत्रफल ३४२,२३९ वर्ग किमी है, इसलिए राज्य-तुलना और भू-आकृतिक फैलाव की चर्चा इसी बड़े आधार से शुरू होती है।

भू-आकृतिक विविधता

यही बड़ा क्षेत्र भू-आकृतिक विविधता को समझने की कुंजी है।

क्षेत्र/जिले भू-आकृतिक संकेत
जैसलमेर और बाड़मेर रेतीले टिब्बों तथा लवणीय अवसादों का क्षेत्र दिखाते हैं।
सिरोही और उदयपुर ऊँची दक्षिण-पश्चिमी अरावली से जुड़े हैं।
जयपुर, दौसा और भरतपुर पूर्वी जलोढ़ मैदान के निकट आते हैं।
कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़ दक्षिण-पूर्वी पठार और नदी-घाटियों से संबद्ध हैं।

निर्देशांक क्यों महत्त्वपूर्ण हैं

  • निर्देशांक केवल आरंभिक सूचना नहीं हैं।
  • वर्षा, मिट्टी, अपवाह, सीमा-जिले और फसल-पट्टियों के प्रश्न इन्हीं पर टिके रहते हैं।
  • देशांतरीय फैलाव नहर-आधारित उत्तर-पश्चिम और चम्बल-बनास पूर्व के अंतर को समझाता है।
  • अक्षांशीय फैलाव बांसवाड़ा-डूंगरपुर को गंगानगर-हनुमानगढ़ से अलग बनाता है।
  • क्षेत्रफल की संख्या राज्यों की तुलना भी तय करती है।
  • राजस्थान महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश से बड़ा है, पर जनसंख्या-वितरण समान नहीं है।
  • शुष्कता, उच्चावच और जल-सुलभता इसे अलग-अलग पट्टियों में बाँट देते हैं।
  • इसलिए थार मरुस्थल, आबू-सिरोही उच्चभूमि, बनास मैदान और चम्बल बीहड़ एक ही राज्य के भीतर मिलते हैं।
  • इस विषय में विस्तार सजावटी तथ्य नहीं, बल्कि हर स्थलरूप, नदी, सीमा और जिला-स्थिति का आधार-मानचित्र है।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ कौन-सा युग्म राजस्थान की आधिकारिक स्थिति को सही रूप में रखता है?
  1. A 23°03'-30°12' उत्तरी अक्षांश और 69°29'-78°17' पूर्वी देशांतर सही उत्तर
  2. B 20°53'-26°57' उत्तरी अक्षांश और 67°52'-75°19' पूर्वी देशांतर
  3. C 26°00'-32°00' उत्तरी अक्षांश और 72°00'-80°00' पूर्वी देशांतर
  4. D 22°28'-75°40' उत्तरी अक्षांश और 960 किमी लंबाई

व्याख्या

विकल्प क आधिकारिक राजस्थान सामग्री में दिए गए राज्य-निर्देशांकों से मेल खाता है। विकल्प ख पश्चिमी कच्छ-सौराष्ट्र-लूनी बेसिन का विस्तार है, पूरे राज्य का नहीं। विकल्प ग बनाया हुआ चौड़ा उत्तरी आयत है। विकल्प घ चम्बल के निर्देशांक और नदी लंबाई को मिला देता है, इसलिए राजस्थान का विस्तार नहीं बताता।