मुख्य तथ्य

  • 20वीं पशुधन गणना 2019 के अनुसार राजस्थान में कुल 5,68,00,945 पशु हैं, और यही आंकड़ा राज्य के पशुधन भूगोल का आधार है।
  • राजस्थान में बकरियां सबसे बड़ा पशु-समूह हैं, इसके बाद गोवंश, भैंस और भेड़ आती हैं।
  • ऊंट राजस्थान का राज्य पशु है और इससे मरुस्थलीय आजीविका, बीकानेर का अनुसंधान तथा 2015 का ऊंट संरक्षण कानून जुड़े हैं।
  • चोकला, मगरा, मारवाड़ी और नाली जैसी राजस्थान की भेड़ नस्लें ऊन उत्पादन में राज्य की बढ़त समझाती हैं।
  • दूध उत्पादन में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है, जो अब केवल पारंपरिक डेयरी तथ्य नहीं बल्कि एक मौजूदा आर्थिक संकेतक भी है।

मुख्य बिंदु

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    20वीं पशुधन गणना 2019 के अनुसार राजस्थान में कुल 5,68,00,945 पशु हैं, और यही आंकड़ा राज्य के पशुधन भूगोल का आधार है।

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    राजस्थान में बकरियां सबसे बड़ा पशु-समूह हैं, इसके बाद गोवंश, भैंस और भेड़ आती हैं।

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    ऊंट राजस्थान का राज्य पशु है और इससे मरुस्थलीय आजीविका, बीकानेर का अनुसंधान तथा 2015 का ऊंट संरक्षण कानून जुड़े हैं।

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    चोकला, मगरा, मारवाड़ी और नाली जैसी राजस्थान की भेड़ नस्लें ऊन उत्पादन में राज्य की बढ़त समझाती हैं।

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    दूध उत्पादन में राजस्थान देश में दूसरे स्थान पर है, जो अब केवल पारंपरिक डेयरी तथ्य नहीं बल्कि एक मौजूदा आर्थिक संकेतक भी है।

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    बीकानेर का राष्ट्रीय ऊंट अनुसंधान केंद्र (एनआरसीसी) और अविकानगर का केंद्रीय भेड़ एवं ऊन अनुसंधान संस्थान (सीएसडब्ल्यूआरआई) राज्य के प्रमुख पशु अनुसंधान केंद्र हैं।

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    मुख्यमंत्री निःशुल्क पशुधन योजना और मोबाइल पशु चिकित्सा इकाई पशु-स्वास्थ्य सेवा को पशुपालक परिवारों तक पहुंचाकर उनकी सुरक्षा करती हैं।

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    पुष्कर मेला / पशु मेला ऊंट और पशु व्यापार की सांस्कृतिक कड़ी बना रहता है।

राजस्थान के पशुधन में कौन-कौन सी प्रजातियाँ सबसे महत्वपूर्ण हैं?

राजस्थान के पशुधन में कौन-कौन सी प्रजातियाँ सबसे महत्वपूर्ण हैं?

राजस्थान के पशुधन में बकरी, गोवंश, भैंस, भेड़ और ऊंट सबसे महत्वपूर्ण प्रजातियाँ हैं, क्योंकि इन्हीं से राज्य का दूध, ऊन, मांस, खाद, श्रम और शुष्क क्षेत्र की आजीविका का बड़ा हिस्सा बनता है। राजस्थान आर्थिक समीक्षा २०२५-२६ के अनुसार पशुधन गणना २०१९ ने राज्य का कुल पशुधन ५६८.०१ लाख और मुर्गी पक्षी १४६.२३ लाख दर्ज किए।

२०वीं पशुधन गणना २०१९ राजस्थान के लिए इस विषय का सांख्यिकीय आधार देती है। इसी गणना में राज्य का कुल पशुधन ५,६८,००,९४५ है।

आधिकारिक संख्या

प्रजाति/समूह राजस्थान में संख्या
गोवंश १,३९,३७,६३०
भैंस १,३६,९३,३१६
बकरियां २,०८,४०,२०३
भेड़ ७९,०३,८५७
अन्य पशु ४,२५,९३९

प्रजाति संतुलन

  • राजस्थान केवल गोवंश प्रधान राज्य नहीं है; वह छोटे पशुधन का भी बड़ा क्षेत्र है।
  • बकरियों की संख्या गोवंश और भैंस, दोनों से अलग-अलग अधिक है।
  • भेड़ों की संख्या भी इतनी बड़ी है कि ऊन, मौसमी प्रव्रजन और चारे के दबाव को प्रभावित करती है।

क्षेत्रीय भिन्नता

क्षेत्र/जिले पशुधन संबंध
बीकानेर, जैसलमेर, बाड़मेर और जोधपुर जैसे पश्चिमी जिले ऊंट, भेड़ और कठोर जलवायु सहने वाली बकरी प्रणालियों से जुड़े हैं
अलवर, भरतपुर, जयपुर और श्रीगंगानगर जैसे उत्तर-पूर्वी तथा पूर्वी क्षेत्र दुग्ध गोवंश और भैंस में अधिक दिखाई देते हैं
उदयपुर, सिरोही और डूंगरपुर जैसे दक्षिणी जिले बकरी, स्थानीय कुक्कुट और आदिवासी घरेलू पशुपालन प्रमुख संबंध बनाते हैं

शुष्क जलवायु और जोखिम

  • राजस्थान की शुष्क और अर्ध-शुष्क जलवायु पशुधन का महत्व घटाती नहीं, बल्कि बढ़ाती है।
  • पशु कम चरागाह, फसल-अवशेष और सामुदायिक भूमि को दूध, ऊन, मांस, खाद और श्रम-मूल्य में बदलते हैं।
  • झुंड की बनावट जोखिम-प्रबंधन भी बताती है। छोटे पशु सूखे के बाद जल्दी संभलते हैं, बड़े दुधारू पशुओं को स्थिर चारा और पानी चाहिए, और ऊंट विरल आबादी वाले मरुस्थलीय क्षेत्र में गतिशीलता से जुड़े रहते हैं।

गणना-संकेत का उपयोग

  • यह गणना-संकेत केवल सूखी संख्या नहीं है।
  • यह नस्ल-स्थान, पशु मेले, पशु चिकित्सा संस्थान, दुग्ध सहकारी और पशु-स्वास्थ्य व्यय का आधार-मानचित्र है।
  • २१वीं पशुधन गणना का राष्ट्रीय कार्य २०२४ में शुरू हुआ, पर इस नोट में राज्य की प्रजाति-वार संख्या के लिए २०वीं पशुधन गणना २०१९ की तालिका ही आधिकारिक आधार है।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ 20वीं पशुधन गणना 2019 में राजस्थान की प्रजातियों को उनकी संख्या से मिलाने वाला सही समूह कौन सा है?
  1. A बकरी 2.08 करोड़; गोवंश 1.39 करोड़; भेड़ 79.04 लाख; भैंस 1.37 करोड़ सही उत्तर
  2. B बकरी 79.04 लाख; गोवंश 2.08 करोड़; भेड़ 1.37 करोड़; भैंस 1.39 करोड़
  3. C बकरी 1.37 करोड़; गोवंश 79.04 लाख; भेड़ 2.08 करोड़; भैंस 1.39 करोड़
  4. D बकरी 1.39 करोड़; गोवंश 1.37 करोड़; भेड़ 2.08 करोड़; भैंस 79.04 लाख

व्याख्या

विकल्प क आधिकारिक राजस्थान प्रजाति तालिका से मेल खाता है: बकरियां सबसे बड़ी श्रेणी हैं, फिर गोवंश और भैंस लगभग पास-पास हैं, और भेड़ उनसे नीचे है। विकल्प ख बकरी को भेड़ और गोवंश से बदल देता है; विकल्प ग भेड़ को सबसे बड़ा समूह बना देता है; विकल्प घ भेड़ को बकरी वाली संख्या दे देता है।