सार्वजनिक अनुभाग प्रीव्यू
मुख्य बिंदु
बौद्धिक संपदा अधिकार का सार यह है कि कानून रचनाकार, आविष्कारक, ब्रांड-स्वामी और पारंपरिक उत्पादक समुदाय को उनकी बौद्धिक मेहनत पर सीमित अवधि या उचित शर्तों के साथ संरक्षण देता है।
१. बौद्धिक संपदा मस्तिष्क की रचनाओं को संदर्भित करती है — आविष्कार, साहित्यिक/कलात्मक कृतियाँ, डिजाइन, प्रतीक; बौद्धिक संपदा अधिकार निर्माताओं को उनकी रचनाओं पर एक निर्धारित अवधि तक नियंत्रण देने वाले कानूनी संरक्षण हैं।
२. कॉपीराइट मूल साहित्यिक, नाटकीय, संगीत एवं कलात्मक कृतियों की रक्षा करता है; भारत में कॉपीराइट अधिनियम, १९५७ (२०१२ में संशोधित) लागू; अवधि: लेखक का जीवनकाल + ६० वर्ष; पंजीकरण अनिवार्य नहीं — रचना से स्वतः सुरक्षा।
३. पेटेंट आविष्कारक को भारत में २० वर्षों के लिए आविष्कार बनाने, उपयोग करने एवं बेचने का एकाधिकार देता है; पेटेंट अधिनियम, १९७० (ट्रिप्स अनुपालन के लिए २००५ में संशोधित); आविष्कार नया, गैर-स्पष्ट एवं औद्योगिक रूप से उपयोगी होना चाहिए।
४. ट्रेडमार्क किसी उद्यम की वस्तुओं/सेवाओं को दूसरों से अलग करने वाला विशिष्ट चिह्न है; व्यापार चिह्न अधिनियम, १९९९ द्वारा शासित; पंजीकृत ट्रेडमार्क (®) वैधता १० वर्ष, अनिश्चितकाल तक नवीकरणीय।
५. भौगोलिक संकेत किसी उत्पाद की विशिष्ट भौगोलिक उत्पत्ति (गुणवत्ता/प्रतिष्ठा) की पहचान कराता है; भौगोलिक संकेत (पंजीकरण एवं संरक्षण) अधिनियम, १९९९; उदाहरण: दार्जिलिंग चाय, कांजीवरम रेशम; राजस्थान: नीली मिट्टी की कला, कोटा डोरिया साड़ी, सांगानेरी हाथ-ब्लॉक छपाई, बगरू छपाई।
६. औद्योगिक डिजाइन किसी उत्पाद की सजावटी/सौंदर्यात्मक विशेषताओं (आकार, पैटर्न, रंग) की रक्षा करता है; डिजाइन अधिनियम, २०००; अवधि: १० वर्ष, ५ वर्ष से विस्तारनीय (कुल १५ वर्ष)।
७. व्यापार रहस्य गोपनीय व्यावसायिक जानकारी (सूत्र, प्रक्रिया, ग्राहक सूची) की रक्षा करता है जो प्रतिस्पर्धात्मक लाभ देती है; किसी प्राधिकारी के साथ पंजीकृत नहीं; जब तक गोपनीयता बनी रहे सुरक्षा जारी; कोका-कोला सूत्र (१८८६ से गुप्त) प्रसिद्ध उदाहरण।
८. ट्रिप्स समझौता (१९९४) विश्व व्यापार संगठन के अंतर्गत विश्वव्यापी बौद्धिक संपदा अधिकार संरक्षण का न्यूनतम मानक तय करता है; ट्रिप्स ने भारत को औषधि उत्पाद पेटेंट बढ़ाने पर बाध्य किया (२००५ पेटेंट अधिनियम संशोधन); अनिवार्य लाइसेंसिंग से सार्वजनिक स्वास्थ्य एवं बौद्धिक संपदा अधिकार संतुलन।
९. विश्व बौद्धिक संपदा संगठन बौद्धिक संपदा के प्रचार-प्रसार के लिए संयुक्त राष्ट्र की विशेष एजेंसी है, मुख्यालय जिनेवा; भारत सदस्य है; बर्न कन्वेंशन (कॉपीराइट), पेरिस कन्वेंशन (औद्योगिक संपदा), पीसीटी (पेटेंट सहयोग संधि), मैड्रिड प्रोटोकॉल (ट्रेडमार्क) का प्रशासन करता है। संगठन के अपने वर्तमान विवरण के अनुसार इसके १९४ सदस्य देश हैं और यह डब्ल्यूआईपीओ कन्वेंशन सहित २८ संधियाँ प्रशासित करता है।
१०. कॉपीराइट का विषय (२०२३ के पूर्व परीक्षा प्रश्न से): कॉपीराइट अधिनियम, १९५७ की धारा १३ इनमें कॉपीराइट प्रदान करती है: (क) मूल साहित्यिक, नाटकीय, संगीत एवं कलात्मक कृतियाँ; (ख) चलचित्र फिल्में; (ग) ध्वनि रिकॉर्डिंग; कंप्यूटर प्रोग्राम को "साहित्यिक कृति" माना जाता है।
११. अनिवार्य लाइसेंसिंग सरकार को सार्वजनिक हित (राष्ट्रीय आपातकाल, एकाधिकार दुरुपयोग) में पेटेंट धारक की सहमति के बिना उत्पाद उत्पादन प्राधिकृत करने की अनुमति देती है; भारत का पहला अनिवार्य लाइसेंस २०१२ में नैटको फार्मा को बायर के कैंसर दवा नेक्सावर के लिए।
१२. पादप किस्म संरक्षण: पादप किस्म एवं कृषक अधिकार संरक्षण अधिनियम, २००१ नई पादप किस्मों के प्रजनकों को बौद्धिक संपदा अधिकार प्रदान करता है, साथ ही किसानों के बीज बचाने, बोने, आदान-प्रदान एवं बेचने के पारंपरिक अधिकारों की रक्षा करता है।
