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लोक प्रशासन

मुख्य बिंदु

तुलनात्मक प्रशासन: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, चीन

पेपर III · इकाई 2 अनुभाग 1 / 12 PYQ-शैली 25 मिनट

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मुख्य बिंदु

तुलनात्मक लोक प्रशासन में अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस और चीन को साथ पढ़ने का सार यह है कि चारों देशों की शक्ति-संरचना, लोक सेवा और जवाबदेही अलग-अलग राजनीतिक संस्कृति से बनती है।

१. तुलनात्मक लोक प्रशासन विभिन्न देशों की प्रशासनिक प्रणालियों का अध्ययन करता है, ताकि समानताएँ, अंतर और श्रेष्ठ व्यवहार पहचाने जा सकें। फ्रेड रिग्स ने १९६० में फोर्ड फाउंडेशन के अंतर्गत तुलनात्मक प्रशासन समूह की स्थापना की और इस विषय को आगे बढ़ाया। परीक्षा में यह विषय केवल विदेशी संस्थाओं की सूची नहीं है; इसका असली उपयोग यह समझने में है कि कोई प्रशासनिक मॉडल किस समाज, संविधान और सत्ता-संबंध में काम करता है।

२. संयुक्त राज्य अमेरिका में संघीय राष्ट्रपति प्रणाली है। शक्ति कार्यपालिका (राष्ट्रपति), विधायिका (कांग्रेस: सीनेट + प्रतिनिधि सभा) और न्यायपालिका (सर्वोच्च न्यायालय) में बाँटी गई है। लोक सेवा सिविल सेवा सुधार अधिनियम १९७८ से संचालित होती है, जिसने कार्मिक प्रबंधन कार्यालय बनाया। इसलिए अमेरिका में राजनीतिक नेतृत्व और करियर लोक सेवा के बीच दूरी भी है और टकराव की संभावना भी।

३. यूनाइटेड किंगडम वेस्टमिंस्टर संसदीय मॉडल अपनाता है। प्रधानमंत्री मंत्रिमंडल का नेतृत्व करता है और मंत्रिमंडल सामूहिक रूप से हाउस ऑफ कॉमंस के प्रति उत्तरदायी रहता है। नॉर्थकोट-ट्रेवेलियन रिपोर्ट (१८५४) ने ब्रिटिश लोक सेवा को योग्यता-आधारित, स्थायी और राजनीतिक रूप से तटस्थ बनाया; यही भारत की भारतीय सिविल सेवा और बाद की भारतीय प्रशासनिक सेवा परंपरा के लिए आदर्श बनी।

४. फ्रांस में अर्ध-राष्ट्रपतीय (द्वि-कार्यपालिका) प्रणाली है। राष्ट्रपति कार्यकारी शक्ति रखता है और प्रधानमंत्री राष्ट्रीय विधानसभा के प्रति उत्तरदायी होता है। फ्रांस का राष्ट्रीय प्रशासन विद्यालय (१९४५-२०२२, अब राष्ट्रीय लोक सेवा संस्थान) वरिष्ठ लोक सेवकों, जिन्हें एनार्क कहा जाता था, को प्रशिक्षित करता था और केंद्रीकृत अभिजात लोक सेवा मॉडल का उदाहरण बना।

५. चीन चीनी साम्यवादी पार्टी के अधीन एक-दलीय राज्य के रूप में काम करता है। राज्य परिषद, जिसका नेतृत्व प्रीमियर करता है, सर्वोच्च कार्यकारी अंग है और २६ मंत्रालयों की देखरेख करती है। लोक सेवा सिविल सेवक कानून २००५, संशोधित २०१८, से संचालित होती है और भर्ती राष्ट्रीय परीक्षा से होती है। यहाँ प्रशासनिक पद केवल सरकारी पद नहीं, बल्कि पार्टी-राज्य की संरचना का हिस्सा हैं।

६. लूट-प्रथा प्रणाली (संयुक्त राज्य अमेरिका, ऐतिहासिक): चुनाव जीतने के बाद दलीय समर्थकों को सरकारी पदों पर नियुक्त करना। यह प्रथा पेंडलटन सिविल सेवा सुधार अधिनियम (१८८३) तक चली, जिसने योग्यता-आधारित नियुक्तियाँ शुरू कीं। गारफील्ड की १८८१ में हत्या ने इस सुधार की राजनीतिक तात्कालिकता बढ़ा दी।

७. फ्रेड रिग्स का प्रिज्मीय सिद्धांत: रिग्स ने प्रशासनिक प्रणालियों के तीन आदर्श प्रकार बताए: संलयित (परम्परागत/कृषि, अविभाजित), प्रिज्मीय (संक्रमणकालीन/विकासशील, आधुनिक और परम्परागत विशेषताओं का मिश्रण), और विकिरित (आधुनिक, पूर्णतः विभेदित)। भारत सहित अधिकांश विकासशील देशों में साला मॉडल जैसी प्रिज्मीय विशेषताएँ दिखाई देती हैं।

८. यूनाइटेड किंगडम का कैबिनेट सचिव, जो लोक सेवा का प्रमुख है, भारत के कैबिनेट सचिव के समकक्ष माना जाता है। संयुक्त राज्य अमेरिका की वरिष्ठ कार्यकारी सेवा और फ्रांस की ग्रेड-ए लोक सेवा भारत की भारतीय प्रशासनिक सेवा के तुल्य रखी जाती हैं, पर तीनों का राजनीतिक संदर्भ अलग है।

९. मंत्रिस्तरीय उत्तरदायित्व का सिद्धांत यूनाइटेड किंगडम में सबसे मजबूत है। व्यक्तिगत मंत्री विभागीय विफलताओं पर इस्तीफा देते हैं। सामूहिक उत्तरदायित्व का अर्थ है कि सभी मंत्री मंत्रिमंडल के निर्णयों का सार्वजनिक समर्थन करते हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका में कैबिनेट सचिव राष्ट्रपति की इच्छा पर कार्य करते हैं और संसदीय उत्तरदायित्व के अधीन नहीं होते।

१०. चीन की दानवेई प्रणाली ऐतिहासिक कार्य-इकाई थी, जो साम्यवादी शासन में श्रमिकों के आवास, भोजन, रोजगार और सामाजिक कल्याण को नियंत्रित करती थी। १९७८ के बाद देंग शियाओपिंग सुधारों से यह कमजोर हुई, पर यह कमान अर्थव्यवस्था में राज्य की व्यापक प्रशासनिक पहुँच दिखाती है।

११. नया लोक प्रबंधन सुधारों ने चारों प्रणालियों को प्रभावित किया। यूनाइटेड किंगडम की नेक्स्ट स्टेप्स पहल (१९८८) ने कार्यकारी एजेंसियाँ बनाईं। संयुक्त राज्य अमेरिका की राष्ट्रीय प्रदर्शन समीक्षा (१९९३) अल गोर के नेतृत्व में चली। फ्रांस का लोल्फ (२००१) निष्पादन-आधारित बजट कानून था। चीन के प्रशासनिक पुनर्गठन (२०१८) ने राज्य परिषद मंत्रालयों को २७ से घटाकर २६ कर दिया।

१२. फ्रांस की प्रीफेक्ट प्रणाली: फ्रांस के १०१ विभागों में प्रत्येक का नेतृत्व प्रीफेक्ट करता है। वह राष्ट्रीय सरकार का केंद्रीय रूप से नियुक्त प्रतिनिधि होता है। यह भारत की जिला कलेक्टर प्रणाली के समान है। फ्रांस एकात्मक राज्य है, इसलिए प्रीफेक्ट यूनाइटेड किंगडम की स्थानीय सरकार की तुलना में अधिक शक्तिशाली होता है।