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मुख्य बिंदु
१. संयुक्त राष्ट्र — स्थापना और संरचना
- २४ अक्टूबर १९४५ को ५१ संस्थापक सदस्य राज्यों के साथ स्थापित; अब १९३ सदस्य
- दो गैर-सदस्य स्थायी पर्यवेक्षक राज्य: होली सी और फिलिस्तीन राज्य
- छह प्रमुख अंग: महासभा, सुरक्षा परिषद, सचिवालय, अंतर्राष्ट्रीय न्यायालय, आर्थिक एवं सामाजिक परिषद, न्यासिता परिषद (१९९४ में निलंबित)
२. संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद — वीटो और भारत
- वीटो शक्ति सहित ५ स्थायी सदस्य: अमेरिका, ब्रिटेन, फ्रांस, रूस, चीन
- महासभा द्वारा २-वर्षीय कार्यकाल के लिए निर्वाचित १० अस्थायी सदस्य
- भारत ने अस्थायी सदस्य के रूप में ८ बार सेवा की; सबसे हाल में २०२१–२२ में १८४/१९२ मतों के साथ — बहुत ऊँचा समर्थन
३. विश्व व्यापार संगठन — व्यापार नियम और विवाद
- प्रशुल्क एवं व्यापार पर सामान्य समझौते (१९४८) को प्रतिस्थापित करते हुए १ जनवरी १९९५ को स्थापित; अब १६६ सदस्य; मुख्यालय जिनेवा
- विवाद निपटान निकाय से व्यापार विवादों का समाधान
- भारत का कुल वस्तु व्यापार: १.६ खरब अमेरिकी डॉलर (२०२३); मूल सिद्धांत: सर्वाधिक तरजीही राष्ट्र और राष्ट्रीय उपचार
४. यूरोपीय संघ — एकल बाज़ार
- मास्ट्रिच संधि (१९९३) द्वारा स्थापित; २७ सदस्य राज्य (ब्रिटेन जनवरी २०२० में ब्रेक्ज़िट के बाद निकला)
- २१ सदस्य यूरो का उपयोग करते हैं; मुख्यालय ब्रुसेल्स
- सामूहिक रूप से विश्व का सबसे बड़ा एकल बाज़ार (सकल घरेलू उत्पाद लगभग १८ खरब अमेरिकी डॉलर)
- प्रमुख संस्थाएँ: यूरोपीय संसद, यूरोपीय आयोग, यूरोपीय परिषद
५. आसियान — दक्षिण-पूर्व एशिया गुट
- बैंकॉक में ८ अगस्त १९६७ को स्थापित; १० सदस्य (थाईलैंड, इंडोनेशिया, मलेशिया, फिलीपींस, सिंगापुर, ब्रुनेई, वियतनाम, लाओस, म्यांमार, कंबोडिया)
- मुख्यालय: जकार्ता; मार्गदर्शक दर्शन: आसियान तरीका = सहमति + अहस्तक्षेप
- भारत-आसियान व्यापार: १३० अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक (२०२३)
६. ब्रिक्स — विस्तार के बाद बड़ा ग्लोबल साउथ व्यवस्था
- मूल ५: ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका; पहला शिखर सम्मेलन २००९ (येकातेरिनबर्ग)
- जोहान्सबर्ग शिखर सम्मेलन (अगस्त २०२३): १ जनवरी २०२४ से नए सदस्य आमंत्रित — मिस्र, इथियोपिया, ईरान, सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात; अर्जेंटीना ने मना किया; इंडोनेशिया बाद में पूर्ण सदस्य बना
- अब ११ सक्रिय सदस्य; जनसंख्या के आधार पर सबसे बड़ा अंतर-सरकारी गुट (३ अरब से अधिक)
७. जी-२० — वैश्विक आर्थिक शासन
- एशियाई वित्तीय संकट के बाद १९९९ में (वित्त मंत्री स्तर पर) गठित; पहला शिखर सम्मेलन २००८ (वॉशिंगटन डी.सी.)
- १९ देश + यूरोपीय संघ + अफ्रीकी संघ (२०२३ से); वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद का लगभग ८५%, व्यापार का ७५%, जनसंख्या का ६७%
- भारत ने २०२३ अध्यक्षता की; विषय: "वसुधैव कुटुम्बकम्"
८. क्वाड — हिंद-प्रशांत सुरक्षा और सहयोग समूह
- सदस्य: भारत, अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, जापान; पहली बैठक २००७ (हिंद महासागर सुनामी प्रतिक्रिया की पृष्ठभूमि); २०१७ में पुनः शुरू
- मार्च २०२१ (वर्चुअल) और सितंबर २०२१ (वॉशिंगटन डी.सी., प्रत्यक्ष) में शासनाध्यक्ष शिखर तक उन्नत
- फोकस: मुक्त और खुला हिंद-प्रशांत, वैक्सीन, जलवायु, महत्त्वपूर्ण तकनीक
९. आई-टू-यू-टू — पश्चिम एशिया की छोटी साझेदारी
- भारत-इज़राइल-संयुक्त अरब अमीरात-अमेरिका; अक्टूबर २०२१ में लॉन्च; पहला शिखर जुलाई २०२२ (वर्चुअल)
- छह फोकस क्षेत्र: जल, ऊर्जा, परिवहन, अंतरिक्ष, स्वास्थ्य और खाद्य सुरक्षा
- पहला परिणाम: संयुक्त अरब अमीरात ने इज़राइली कृषि-तकनीक उपयोग कर भारत में २ अरब अमेरिकी डॉलर खाद्य पार्क निवेश की प्रतिबद्धता जताई
१०. ऑकस — परमाणु पनडुब्बी समझौता
- ऑस्ट्रेलिया-ब्रिटेन-अमेरिका; १५ सितंबर २०२१ को घोषित
- मूल प्रतिबद्धता: अमेरिका-ब्रिटेन तकनीक से ऑस्ट्रेलिया को परमाणु-संचालित पनडुब्बियाँ प्रदान करना
- कृत्रिम बुद्धिमत्ता, क्वांटम, साइबर भी शामिल; हिंद-प्रशांत में चीन के मुकाबले के रूप में माना जाता है
- भारत सदस्य नहीं, पर क्वाड के ज़रिए ऑकस उद्देश्यों के साथ रणनीतिक तालमेल रखता है
११. दक्षिण — ग्लोबल साउथ पहल
- ज्ञान-साझाकरण और तकनीक सहयोग के लिए भारत की प्रस्तावित पहल (२०२३ में घोषित)
- जी-७ ढाँचे से अलग, दक्षिणी गोलार्ध के विकास ढाँचे में भारत का योगदान
१२. नव विकास बैंक — ब्रिक्स वित्त
- ब्रिक्स का बहुपक्षीय विकास बैंक; २०१५ में स्थापित; मुख्यालय शंघाई
- १०० से अधिक परियोजनाओं में ३२ अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक प्रतिबद्ध
- ब्रिक्स मूल से परे नए सदस्य: बांग्लादेश, संयुक्त अरब अमीरात, मिस्र, उरुग्वे
