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मुख्य बिंदु
मुख्य बिंदु राजस्थान की प्राकृतिक वनस्पति, वन्यजीव और जैव विविधता से जुड़े सबसे परीक्षा-उपयोगी तथ्य एक जगह रखते हैं।
१. राजस्थान का अभिलिखित वन क्षेत्र ३३,०१४ वर्ग किमी (भौगोलिक क्षेत्र का ९.६४%) है, लेकिन आईएसएफआर २०२३ के अनुसार वास्तविक वन आवरण केवल १६,५४८.२१ वर्ग किमी (४.८४%) है — बड़े राज्यों में सबसे कम में से एक।
११. क्रेसेप परियोजना (जाइका-वित्त पोषित, ₹१,७७४.३० करोड़) १९ जिलों में गोडावण संरक्षण और पश्चिमी राजस्थान में ओरण (पवित्र उपवन) के १०,००० हेक्टेयर संरक्षण पर केंद्रित है।
१२. राजस्थान वानिकी एवं जैव विविधता विकास परियोजना (एएफडी-वित्त पोषित, ₹१,६९३.९१ करोड़) ८ वर्षों में १३ जिलों, ८०० गाँवों में काम करती है; दिसंबर २०२५ तक ₹१६६.१७ करोड़ व्यय।
१३. वृक्षारोपण २०२४-२५: १,१८,३६९.२९ हेक्टेयर रोपण (लक्ष्य का १४७.४१%); ५७८.६७ लाख पौधे; एक पेड़ माँ के नाम अभियान ने ३ करोड़ लक्ष्य के विरुद्ध ५.६२ करोड़ पौधे योगदान किए।
१४. वीएफपीएमसी/ईडीसी नेटवर्क: ६,५०८ वन सुरक्षा एवं प्रबंधन समितियाँ १४.९४ लाख हेक्टेयर की रक्षा करती हैं; संरक्षित क्षेत्रों के आसपास ७७० पर्यावरण-विकास समितियाँ (ईडीसी)।
