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मुख्य बिंदु
१. जनगणना २०११ की जनसंख्या और विश्व रैंक
- भारत की जनसंख्या: १,२१,०८,५४,९७७ (१२१ करोड़)
- उस समय विश्व में दूसरा सर्वाधिक जनसंख्या वाला देश, चीन के बाद
- २०२३ तक भारत ने चीन को पीछे छोड़ दिया और विश्व का सबसे अधिक जनसंख्या वाला देश बन गया; संयुक्त राष्ट्र जनसंख्या कोष के २०२५ डैशबोर्ड में भारत की कुल जनसंख्या १४६.३९ करोड़ दी गई है
२. दशकीय वृद्धि दर २००१–२०११
- वृद्धि दर: १७.६४ प्रतिशत (२००१–२०११) — २१.५४ प्रतिशत (१९९१–२००१) से घटकर
- निरपेक्ष जनसंख्या वृद्धि: १८.१ करोड़ (२००१–२०११ में)
- यह अब तक की सबसे बड़ी दशकीय वृद्धि थी (पिछले वर्ष प्रश्न २०२३ में सीधे परखा गया)
३. जनसंख्या घनत्व २०११
- कुल घनत्व: ३८२ व्यक्ति प्रति वर्ग किमी — ३२४ (२००१) से बढ़कर
- न्यूनतम: अरुणाचल प्रदेश (१७ प्रति वर्ग किमी)
- सर्वाधिक घनत्व वाला राज्य: बिहार (१,१०६ प्रति वर्ग किमी)
- सर्वाधिक घनत्व वाला संघ राज्य क्षेत्र: दिल्ली (११,३२० प्रति वर्ग किमी)
४. लिंगानुपात २०११
- राष्ट्रीय लिंगानुपात: ९४३ महिलाएँ प्रति १,००० पुरुष — ९३३ (२००१) से बेहतर
- सर्वश्रेष्ठ: केरल (१,०८४ महिलाएँ प्रति १,००० पुरुष); सबसे खराब: हरियाणा (८७९ महिलाएँ प्रति १,००० पुरुष)
- बाल लिंगानुपात (०–६ वर्ष): ९१९ बालिकाएँ प्रति १,००० बालक — २००१ में ९२७ से चिंताजनक गिरावट
५. साक्षरता दर २०११
- राष्ट्रीय दर: ७४.०४ प्रतिशत — पुरुष: ८२.१४ प्रतिशत, महिला: ६५.४६ प्रतिशत
- ६४.८४ प्रतिशत (२००१) से बेहतर; लैंगिक अंतर: १६.६८ प्रतिशत अंक
- केरल सर्वोच्च (९४.० प्रतिशत); बिहार न्यूनतम (६३.८२ प्रतिशत)
६. जनसंख्या वृद्धि के चार चरण
- चरण १ — स्थिर (१९०१–१९२१): उच्च जन्म दर + उच्च मृत्यु दर; १९२१ = "महान विभाजन का वर्ष"
- चरण २ — स्थिर वृद्धि (१९२१–१९५१)
- चरण ३ — तीव्र/विस्फोटक वृद्धि (१९५१–१९८१)
- चरण ४ — उच्च किंतु घटती वृद्धि (१९८१–२०११)
७. सर्वाधिक और न्यूनतम जनसंख्या वाले राज्य (२०११)
- सर्वाधिक जनसंख्या वाला राज्य: उत्तर प्रदेश (१९.९८ करोड़ — भारत की जनसंख्या का १६.५ प्रतिशत)
- न्यूनतम जनसंख्या वाला राज्य: सिक्किम (६,१०,५७७)
- न्यूनतम जनसंख्या वाला संघ राज्य क्षेत्र: लक्षद्वीप (६४,४२९); सर्वाधिक जनसंख्या वाला संघ राज्य क्षेत्र: दिल्ली (१.६८ करोड़)
८. जनसंख्या वितरण पैटर्न
- उत्तरी मैदान और प्रायद्वीपीय तट सर्वाधिक सघन जनसंख्या वाले हैं (३०० से अधिक व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
- हिमालय, पश्चिमी राजस्थान और पूर्वोत्तर पहाड़ी राज्य विरल जनसंख्या वाले हैं (५० से कम व्यक्ति प्रति वर्ग किमी)
- वितरण अत्यंत असमान है, जो भूआकृति, कृषि और शहरी रोजगार से प्रभावित है
९. कुल प्रजनन दर
- २०११ में कुल प्रजनन दर: २.४ बच्चे प्रति महिला — घटकर २.० (राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-५, २०१९–२१)
- अब प्रतिस्थापन स्तर २.१ से नीचे
- संकेत करता है कि भारत जनसांख्यिकीय स्थिरीकरण की ओर बढ़ रहा है
१०. नगरीकरण (२०११)
- शहरी जनसंख्या: ३७.७ करोड़ (कुल का ३१.१६ प्रतिशत) — २८.६ करोड़ (२००१) से बढ़कर
- भारत में ७,९३५ शहर/कस्बे हैं; मुंबई शहरी समूह (लगभग १.८४ करोड़) सबसे बड़ा शहर है
- शहरी जनसंख्या का हिस्सा २०५० तक ५० प्रतिशत तक पहुँचने की उम्मीद है
११. निर्भरता अनुपात और जनसांख्यिकीय लाभांश
- लगभग ६५ प्रतिशत कार्यशील आयु वर्ग (१५–६४ वर्ष) में; ३१ प्रतिशत १५ से कम; ५ प्रतिशत ६५ से अधिक (२०११)
- जनसांख्यिकीय लाभांश का अवसर उत्पन्न करता है
- शिक्षा और रोजगार के ज़रिए इसका उपयोग किया जाना चाहिए
१२. जनगणना २०२१ की स्थिति
- जनगणना २०२१ कोरोना महामारी के कारण विलंबित हुई; २०२६ परीक्षा संदर्भ तक अभी पूर्ण नहीं
- भारत के सभी आधिकारिक जनसंख्या आँकड़े जनगणना २०११ के आँकड़ों को संदर्भित करते हैं
- राष्ट्रीय परिवार स्वास्थ्य सर्वेक्षण-५ (२०१९–२१) कुछ ताज़ा संकेतक देता है
