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मुख्य बिंदु
पर्वत, पठार, मैदान और मरुस्थल को याद करने का सबसे तेज़ तरीका यह है कि उनके निर्माण-कारण, प्रकार, वितरण और परीक्षा में पूछे गए उदाहरण साथ-साथ पढ़े जाएँ।
१. वलित पर्वत
- सर्वाधिक सामान्य और सर्वोच्च पर्वत प्रकार
- विवर्तनिक प्लेटों के टकराव से अवसादी शैल-स्तर संपीडित होकर वलय बनाते हैं
- हिमालय — भारत-यूरेशिया टकराव, लगभग ५ करोड़ वर्ष पूर्व
- एंडीज — नाज़्का और दक्षिण अमेरिकी प्लेट, लगभग २.५ करोड़ वर्ष पूर्व
- आल्प्स — अफ्रीका-यूरेशिया, लगभग ३.५ करोड़ वर्ष पूर्व; रॉकी पर्वत — फ़ैरलॉन-उत्तर अमेरिकी, लगभग ८.५–५.५ करोड़ वर्ष पूर्व
२. भ्रंश-खंड पर्वत
- समानांतर भ्रंशों के बीच की भूमि के ऊपर उठने से निर्मित
- उठा हुआ खंड = हॉर्स्ट; धंसा हुआ खंड = ग्राबेन
- वोज़्ज़ और ब्लैक फॉरेस्ट — राइन ग्राबेन के दोनों ओर, जर्मनी
- विंध्याचल और सतपुड़ा (भारत); सिएरा नेवादा (अमेरिका)
३. ज्वालामुखी पर्वत
- लावा, राख और ज्वालामुखी पदार्थ के संचयन से निर्मित
- ढालाकार ज्वालामुखी — चौड़े, मृदु ढलान, बेसाल्टिक लावा: मौना लोआ (हवाई, समुद्र तल से ४,१७० मीटर; आयतन और द्रव्यमान के आधार पर पृथ्वी का सबसे बड़ा सक्रिय ज्वालामुखी)
- मिश्रित या स्तरीय ज्वालामुखी — तीव्र ढलान, विस्फोटक, एंडेसाइटिक: फूजी पर्वत (जापान, ३,७७६ मीटर), सेंट हेलेंस पर्वत (अमेरिका)
४. पठार
- तीव्र ढलानों वाले ऊँचे समतल भूखंड — प्रायः मेज़नुमा भूमि कहलाते हैं
- अंतर्पर्वतीय — पर्वतों से घिरे: तिब्बती पठार औसत ४,५०० मीटर (विश्व का सर्वोच्च)
- महाद्वीपीय/लावा — बेसाल्टिक प्रवाह: दक्कन पठार (औसत ६०० मीटर), कोलंबिया पठार (अमेरिका)
- पर्वत-पाद — पर्वत की तलहटी पर: एपलैचियन पठार, मालवा पठार (भारत)
५. मैदान
- निम्न-स्तरीय, समतल या धीरे-धीरे उठती-गिरती भूमि
- संरचनात्मक — समतल शैल-स्तर: ग्रेट प्लेन्स (अमेरिका, कनाडा)
- निक्षेपात्मक/जलोढ़ — नदी अवसाद: सिंधु-गंगा मैदान, मिसिसिपी डेल्टा
- अपरदनात्मक — पेनीप्लेन और पेडीप्लेन (घिसे-पिटे भूदृश्य)
- तटीय — अटलांटिक तटीय मैदान, अमेरिका
६. मरुस्थल
- पृथ्वी के भू-क्षेत्र का लगभग ३३% भाग
- गर्म मरुस्थल (उपोष्णकटिबंधीय, २०°–३०° अक्षांश): सहारा (९२ लाख वर्ग किमी, विश्व का सबसे बड़ा गर्म मरुस्थल), अरब मरुस्थल (२३ लाख वर्ग किमी), थार (राजस्थान, लगभग २ लाख वर्ग किमी)
- शीत मरुस्थल: गोबी (मंगोलिया-चीन, १३ लाख वर्ग किमी), पैटागोनिया (दक्षिण अमेरिका), लद्दाख (भारत, वृष्टि-छाया)
७. ऑस्ट्रेलिया के मरुस्थल — २०२३ पूर्व प्रश्न (२ अंक)
- ऑस्ट्रेलिया में जियोसाइंस ऑस्ट्रेलिया की २०२२ सूची के अनुसार मुख्यभूमि के १० बड़े मरुस्थल हैं; परीक्षा में पहले छह बड़े मरुस्थल सबसे उपयोगी हैं
- ग्रेट विक्टोरिया मरुस्थल — सबसे बड़ा, ३,४८,७५० वर्ग किमी
- ग्रेट सैंडी (२,६७,२५० वर्ग किमी), तनामी (१,८४,५०० वर्ग किमी), सिम्पसन (१,७६,५०० वर्ग किमी)
- गिब्सन मरुस्थल (१,५६,००० वर्ग किमी), लिटिल सैंडी मरुस्थल (१,११,५०० वर्ग किमी)
- सभी प्रमुख मरुस्थल मुख्यतः अंतर्देशीय और पश्चिमी क्षेत्रों में स्थित हैं
८. रॉकी पर्वत — पूर्व प्रश्न २०२१ (५ अंक)
- उत्तरी ब्रिटिश कोलंबिया (कनाडा) से न्यू मेक्सिको (अमेरिका) तक ४,८०० किमी में फैले हैं
- वलित और नैप पर्वत प्रणाली — लारामाइड पर्वतनिर्माण (८.५–५.५ करोड़ वर्ष पूर्व) के दौरान निर्मित
- सर्वोच्च शिखर: माउंट एल्बर्ट (४,३९९ मीटर)
- महाद्वीपीय जल-विभाजक का निर्माण — प्रशांत जल-निकास को अटलांटिक/मैक्सिको की खाड़ी के जल-निकास से अलग करता है
९. हिमालय पर्वत प्रणाली
- लगभग २,४०० किमी में फैली; ८,००० मीटर से ऊँची विश्व की १४ में से १० चोटियाँ यहाँ हैं
- हिमाद्री (वृहत् हिमालय, औसत ६,००० मीटर से अधिक; माउंट एवरेस्ट ८,८४८.८६ मीटर नेपाल-चीन सीमा पर)
- हिमाचल (लघु हिमालय, ३,७००–४,५०० मीटर)
- शिवालिक (बाह्य हिमालय, ९००–१,२०० मीटर)
१०. एंडीज पर्वत
- विश्व की सबसे लंबी महाद्वीपीय पर्वत श्रृंखला — दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी तट पर लगभग ७,००० किमी
- सर्वोच्च शिखर: अकोंकागुआ (६,९६१ मीटर) अर्जेंटीना में — पश्चिमी और दक्षिणी गोलार्ध का उच्चतम बिंदु
- नाज़्का प्लेट के दक्षिण अमेरिकी प्लेट के नीचे सरकने (अधःसरण) से निर्मित
११. तिब्बती पठार
- विश्व का सर्वोच्च और विशालतम पठार — औसत ऊँचाई ४,५०० मीटर, क्षेत्रफल लगभग २५ लाख वर्ग किमी
- "विश्व की छत" और "तृतीय ध्रुव" — हिमनदियों में विश्व के बड़े मीठे जल-भंडारों में से एक
- प्रमुख एशियाई नदियों का उद्गम: यांग्त्सी, पीली नदी, ब्रह्मपुत्र, मेकांग, सिंधु, साल्विन
१२. मरुस्थल निर्माण के कारण
- उपोष्णकटिबंधीय उच्च-दाब (हैडली कोशिका का अवतरण) — सहारा, अरब मरुस्थल
- वृष्टि-छाया प्रभाव — गोबी (हिमालय/तिब्बती पठार द्वारा अवरुद्ध), पैटागोनिया (एंडीज), थार (अरावली आंशिक)
- शीत समुद्री धाराएँ (तटीय मरुस्थल) — नामीब (बेंगुएला धारा, अफ्रीका), अटाकामा (हम्बोल्ट धारा, चिली — विश्व का शुष्कतम; कुछ क्षेत्रों में ४०० वर्षों से वर्षा नहीं)
- महाद्वीपीय आंतरिक भाग (सागरीय नमी से दूरी) — मध्य एशिया के स्टेपी
