प्रदूषण
मुख्य तथ्य
- केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 101-200 मध्यम श्रेणी है।
- जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 वैधानिक क्रम बनाते हैं।
- ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 स्रोत पर चार-धारा पृथक्करण और नगर निकाय तथा थोक कचरा-उत्पादक दायित्वों को मजबूत करते हैं।
- 1 अप्रैल 2020 से लागू भारत स्टेज VI ने वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के मानक सख्त कर दिए।
मुख्य बिंदु
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प्रदूषण प्रश्न सामान्यतः स्रोत, प्रदूषक, संकेतक, कानून और नियंत्रण उपाय को जोड़ते हैं।
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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के अनुसार वायु गुणवत्ता सूचकांक 101-200 मध्यम श्रेणी है।
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जल अधिनियम 1974, वायु अधिनियम 1981 और पर्यावरण संरक्षण अधिनियम 1986 वैधानिक क्रम बनाते हैं।
- 4
स्टॉकहोम, मिनामाता, बेसल, मॉन्ट्रियल और मारपोल अलग-अलग प्रदूषक परिवारों से जुड़ते हैं।
- 5
सल्फर डाइऑक्साइड और नाइट्रोजन ऑक्साइड अम्लीय वर्षा के मानक पूर्वगामी हैं।
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ठोस कचरा प्रबंधन नियम, 2026 स्रोत पर चार-धारा पृथक्करण और नगर निकाय तथा थोक कचरा-उत्पादक दायित्वों को मजबूत करते हैं।
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1 अप्रैल 2020 से लागू भारत स्टेज VI ने वाहनों से होने वाले उत्सर्जन के मानक सख्त कर दिए।
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जयपुर, भिवाड़ी और सांभर क्रमशः शहरी वायु, औद्योगिक प्रदूषण और भीतरी इलाकों के जल-प्रदूषण के राजस्थानी उदाहरण हैं।
प्रदूषण क्या है और उसे कैसे मापा जाता है?
प्रदूषण वायु, जल, मिट्टी, ध्वनि या विकिरण की दशाओं में ऐसा अवांछित परिवर्तन है जो स्वास्थ्य, पारितंत्र या पदार्थों को नुकसान पहुँचाए, और उसे प्रदूषक के प्रकार, सांद्रता, इकाई तथा सूचकांक से मापा जाता है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के राष्ट्रीय वायु गुणवत्ता सूचकांक में १०१-२०० वाली श्रेणी को मध्यम प्रदूषित माना गया है।
प्रदूषक प्रकार और माप
| वस्तु | श्रेणी / इकाई | मुख्य विवरण |
|---|---|---|
| सल्फर डाइऑक्साइड | प्राथमिक प्रदूषक | ईंधन-दहन से निकला सल्फर डाइऑक्साइड प्राथमिक प्रदूषक का उदाहरण है। |
| सतही ओजोन | द्वितीयक प्रदूषक | सूर्य-प्रकाश से बनने वाला सतही ओजोन द्वितीयक प्रदूषक का उदाहरण है। |
| कणीय पदार्थ | पीएम१० और पीएम२.५ | कणीय पदार्थ को पीएम१० और पीएम२.५ के रूप में देखा जाता है। |
| जल की धुंधलाहट | नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट | जल की धुंधलाहट नेफेलोमेट्रिक टर्बिडिटी यूनिट से व्यक्त हो सकती है। |
| वायु गुणवत्ता सूचकांक १०१-२०० | मध्यम श्रेणी | केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वायु-गुणवत्ता श्रेणी में १०१-२०० वाला वायु गुणवत्ता सूचकांक मध्यम श्रेणी है। |
राजस्थान संदर्भ
- राजस्थान में यही बात स्पष्ट दिखती है: जयपुर राष्ट्रीय स्वच्छ वायु कार्यक्रम के अंतर्गत आता है।
- भिवाड़ी का औद्योगिक वायु-प्रदूषण प्रश्न ईंधन, धूल और परिवहन स्रोतों को साथ दिखाता है।
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संभावित संभावित RAS प्रश्न
PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित
1 MCQ भारतीय वायु-गुणवत्ता श्रेणी में 101-200 की सीमा किस श्रेणी में आती है?
व्याख्या
मध्यम सही है क्योंकि केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड की वायु-गुणवत्ता तालिका 101-200 को इसी पट्टी में रखती है। अच्छी 0-50 है, बहुत खराब 301-400 है, और गंभीर 400 से ऊपर है।
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