जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर
डॉ. रविन्द्र गोस्वामी
अपना जिला जानें
कपड़ा-चमड़ा उद्योग, अरावली भूभाग और मारवाड़ की विरासत वाला पाली जिला
पाली मारवाड़ का जिला है, जिसका प्रशासनिक केंद्र पाली शहर है और जिसका ऐतिहासिक रिश्ता पूर्व जोधपुर राज्य से जुड़ता है। 2011 की जनगणना के अनुसार 12,387 वर्ग किमी क्षेत्र में 20.38 लाख निवासी दर्ज हुए; आबादी का 22.58 प्रतिशत शहरी था और घनत्व 164 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी रहा। कपड़ा और चमड़ा-संबद्ध सूक्ष्म-लघु उद्योग, लूणी नदी तंत्र वाला शुष्क भूभाग और रणकपुर, निमाज, सोजत तथा पाली के धरोहर स्थल इसकी पहचान को साथ-साथ बनाते हैं।
| जिला मुख्यालय | पाली शहर |
|---|---|
| क्षेत्रफल | 12,387 वर्ग किमी |
| जनसंख्या (2011) | 20.38 लाख व्यक्ति |
| जनसंख्या घनत्व (2011) | 164 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी |
| लिंगानुपात (2011) | प्रति 1,000 पुरुषों पर 987 महिलाएँ |
| साक्षरता दर (2011) | 62.39 प्रतिशत |
| ग्रामीण-शहरी हिस्सा (2011) | 77.42 प्रतिशत ग्रामीण; 22.58 प्रतिशत शहरी |
वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।
जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर
डॉ. रविन्द्र गोस्वामी
पुलिस अधीक्षक
मोनिका सेन
अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट
डॉ. बजरंग सिंह
जिला एवं सत्र न्यायाधीश
श्री राजेंद्र कुमार द्वितीय
लोकसभा सांसद
श्री पी पी चौधरी
पाली
भारतीय जनता पार्टी2024 से
विधानसभा सदस्य
श्री पुष्पेंद्र सिंह
बाली
भारतीय जनता पार्टी2023 से
विधानसभा सदस्य
श्री केसाराम चौधरी
मारवाड़ जंक्शन
भारतीय जनता पार्टी2023 से
विधानसभा सदस्य
श्री भीम राज भाटी
पाली
भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस2023 से
विधानसभा सदस्य
श्रीमती शोभा चौहान
सोजत (अनुसूचित जाति)
भारतीय जनता पार्टी2023 से
विधानसभा सदस्य
श्री जोराराम कुमावत
सुमेरपुर
भारतीय जनता पार्टी2023 से
जोधपुर राज्य
राजस्थान गठन से पहले पाली क्षेत्र जोधपुर राज्य का हिस्सा था; जिले का नाम उसके मुख्यालय नगर पाली से पड़ा।
न्यायालय स्थापना
पाली न्यायालय की स्थापना 1 अप्रैल 1949 को हुई।
सिरोही न्याय संबंध
1984 से पहले सिरोही जिला न्यायालय पाली जिला न्यायालय में शामिल था।
सिरोही पृथक्करण
राजस्थान विधि एवं कार्मिक विभाग की 24 मार्च 1984 की अधिसूचना संख्या एफ-47(3) न्याय/76 से सिरोही को अलग न्यायिक इकाई माना गया।
बाली न्यायक्षेत्र
सिरोही न्यायक्षेत्र अलग होने के बाद बाली उपखंड पहले सिरोही न्यायक्षेत्र में गया और बाद में फिर पाली न्यायक्षेत्र में रखा गया।
सोजत दुर्ग
राज्य पुरातत्व सूची में पाली जिले के अंतर्गत सोजत शहर स्थित सोजत दुर्ग दर्ज है।
पुरातत्व सूची
देवस्थान विभाग की राज्य पुरातत्व सूची में पाली जिले के लिए अलग खंड दिया गया है।
मकर मंडी मंदिर
राज्य पुरातत्व सूची में नीमाज स्थित मकर मंडी माता मंदिर पाली जिले के अंतर्गत दर्ज है।
रणकपुर सूर्य मंदिर
राज्य पुरातत्व सूची में रणकपुर स्थित सूर्य मंदिर पाली जिले के अंतर्गत दर्ज है।
मंदिर सूची
देवस्थान विभाग की जिला-वार मंदिर सूची में पाली की प्रविष्टि है, जिससे पाली जिले की मंदिर सूची का दस्तावेज जुड़ा है।
सोमनाथ महादेव
देवस्थान विभाग की पुरातत्व श्रेणी के 50 मंदिरों की सूची में क्रम संख्या 37 पर पाली का श्री सोमनाथ महादेव मंदिर दर्ज है।
क्षेत्रफल व घनत्व
2011 की जनगणना में पाली जिले का क्षेत्रफल 12,387 वर्ग किमी और जनसंख्या घनत्व 164 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी दर्ज किया गया।
गांवों की संख्या
पाली जिले में 2011 की जनगणना के समय 1,030 गांव थे; इनमें 1,017 आबाद और 13 निर्जन गांव दर्ज हुए।
जिला सीमाएं
औद्योगिक प्रोफाइल के अनुसार पाली के दक्षिण-पश्चिम में सिरोही-जालोर, पश्चिम में बाड़मेर, दक्षिण-पूर्व में राजसमंद-उदयपुर, उत्तर में नागौर, उत्तर-पश्चिम में जोधपुर और उत्तर-पूर्व में अजमेर स्थित हैं।
अरावली और लूणी
इसी प्रोफाइल में अरावली पहाड़ियों को पाली को अजमेर, राजसमंद, उदयपुर और सिरोही से जोड़ने वाला भू-भाग बताया गया है; लूणी नदी और उसकी सहायक धाराएं जिले से होकर गुजरती हैं।
प्रमुख बांध
जवाई बांध और सरदार समंद बांध को इस क्षेत्र के सबसे बड़े बांधों में गिना गया है और दोनों पाली जिले में स्थित बताए गए हैं।
वन क्षेत्र
औद्योगिक प्रोफाइल में पाली का कुल वन क्षेत्र 963.58 वर्ग किमी, यानी जिले के क्षेत्रफल का 7.77 प्रतिशत, बताया गया है।
भू-आकृति ऊंचाई
केंद्रीय भूजल बोर्ड ने पाली को सामान्यतः तरंगित और उप-पर्वतीय भू-आकृति वाला जिला बताया है; अरावली शृंखलाएं दक्षिण-पूर्वी और उत्तर-पूर्वी हिस्सों से गुजरती हैं, जबकि ऊंचाई बाली में 1,099 मीटर से रोहट में 149.3 मीटर तक दर्ज है।
नदी अपवाह
पाली में कोई बारहमासी नदी नहीं है; लीलड़ी, सुकड़ी, बांडी और जवाई नदियां लूणी में मिलती हैं, और भूजल बोर्ड की रिपोर्ट जिले में झील या प्राकृतिक झरना दर्ज नहीं करती।
जलभृत संरचनाएं
पाली में भूजल मुख्यतः जलोढ़ निक्षेपों तथा ग्रेनाइट, नाइस, फिलाइट और शिस्ट जैसी कठोर चट्टानों की दरारों और रिक्त स्थानों में मिलता है; रिपोर्ट में नवीन जलोढ़, पुराना जलोढ़, चूना पत्थर, फिलाइट, ग्रेनाइट और नाइस प्रमुख जलभृत संरचनाएं बताई गई हैं।
भूजल गुणवत्ता
भूजल बोर्ड ने उच्च लवणता और कठोरता को पाली की प्रमुख भूजल समस्याएं बताया है; जांचे गए नमूनों में नाइट्रेट 24 प्रतिशत, फ्लोराइड 59 प्रतिशत और यूरेनियम लगभग 30 प्रतिशत नमूनों में 30 माइक्रोग्राम प्रति लीटर से अधिक मिला।
कृषि कामगार
पाली की अर्थव्यवस्था की रीढ़ कृषि रही है; 2011 की जनगणना पुस्तिका में जिले के 57.1 प्रतिशत कामगार कृषक या कृषि मजदूर वर्ग में दर्ज हैं।
कार्य भागीदारी
2011 में पाली की कार्य भागीदारी दर 41.34 प्रतिशत रही; कुल 8,42,327 कामगार और 11,95,246 गैर-कामगार दर्ज किए गए।
कामगार संरचना
2011 की कामगार संरचना में 28.91 प्रतिशत कृषक, 28.17 प्रतिशत कृषि मजदूर, 3.10 प्रतिशत गृह-उद्योग कामगार और 39.82 प्रतिशत अन्य कामगार थे।
औद्योगिक इकाइयां
31 मार्च 2015 की स्थिति में पाली जिले में 13,834 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां, 6 पंजीकृत मध्यम व बड़ी इकाइयां और 16 औद्योगिक क्षेत्र दर्ज थे।
रीको औद्योगिक क्षेत्र
रीको के आंकड़ों में 31 मार्च 2015 तक पाली के औद्योगिक क्षेत्रों के लिए 2,308.41 एकड़ अर्जित भूमि, 1,383.91 एकड़ विकसित भूमि, 2,601 भूखंड, 2,043 आवंटित भूखंड और उत्पादन में लगी 1,242 इकाइयां दर्ज थीं।
एमएसएमई निवेश
जिला उद्योग केंद्र पाली के अनुसार 31 मार्च 2012 तक जिले में 15,802 मौजूदा सूक्ष्म, लघु और कारीगर इकाइयां थीं; इनमें 32,957.27 लाख रुपये का निवेश और 57,424 रोजगार दर्ज हुए।
क्षेत्रीय इकाइयां
पंजीकृत सूक्ष्म, लघु और कारीगर इकाइयों में 3,525 चमड़ा-आधारित, 2,076 वस्त्र, 1,589 खनिज-आधारित और 1,394 कृषि-आधारित इकाइयां गिनी गईं।
बड़े उद्योग
जिले की बड़ी औद्योगिक इकाइयों में राबड़ियावास की अंबुजा सीमेंट, जोधपुर रोड की महाराजा श्री उम्मेद मिल्स, बांगड़ नगर की श्री सीमेंट, फालना की शिव एग्रो इम्प्लीमेंट्स और रोहट की टोटल विनर्जी बिटुमेन इंडिया शामिल हैं।
वस्त्र प्रसंस्करण
पाली के वस्त्र हाथ-प्रसंस्करण क्षेत्र में रंगा कपड़ा और साड़ियां प्रमुख उत्पाद हैं; प्रोफाइल में 600 चालू इकाइयां, लगभग 150 करोड़ रुपये का कारोबार, करीब 10 करोड़ रुपये का निर्यात और 3,000 रोजगार दर्ज हैं।
खरीफ खेती
शुष्क मौसम और अनिश्चित वर्षा के कारण पाली की खेती मुख्य रूप से पारंपरिक, मानसून-आश्रित खरीफ पर टिकी है; रबी खेती उन्हीं इलाकों में सीमित रहती है जहां सिंचाई उपलब्ध है।
सिंचाई दायरा
पाली में भूजल से 1,680.58 वर्ग किमी और सतही जल से 496.74 वर्ग किमी क्षेत्र सिंचित है; सकल बोए गए क्षेत्र का 2,187.72 वर्ग किमी यानी 24.91 प्रतिशत ही सिंचाई के दायरे में आता है।
ओडीओपी वस्त्र
राजस्थान की 25 जुलाई 2025 तक स्वीकृत एक जिला एक उत्पाद सूची में पाली जिले के लिए वस्त्र उत्पाद चिन्हित हैं।
प्रशासनिक इकाइयाँ
जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार पाली में प्रशासन और ग्रामीण विकास व्यवस्था के लिए 9 उपखंड, 9 तहसील मुख्यालय और 10 पंचायत समितियाँ दर्ज थीं।
नगर व्यवस्था
जनगणना 2011 में पाली जिले के 11 कस्बे दर्ज हुए, जिनमें 9 वैधानिक नगर और 2 जनगणना नगर थे।
उपखंड सूची
औद्योगिक प्रोफाइल के खंड 1.5 में पाली, रोहट, बाली, सोजत, मारवाड़ जंक्शन, जैतारण, रायपुर, सुमेरपुर और देसूरी को जिले के 9 उपखंडों के रूप में सूचीबद्ध किया गया है।
न्यायिक उपखंड
जिला न्यायालय पाली के इतिहास पृष्ठ में पाली न्यायिक क्षेत्र को 9 उपखंड और 10 तहसीलों वाला बताया गया है।
सत्र न्यायालय
न्यायाधीश सूची में जिला एवं सत्र न्यायाधीश का स्थान पाली मुख्यालय पर दिया गया है।
तालुका न्यायालय
न्यायाधीश सूची में पाली मुख्यालय, सोजत तालुका, सुमेरपुर तालुका, बाली तालुका, देसूरी तालुका, मारवाड़ जंक्शन तालुका, रानी तालुका और सादड़ी तालुका के अंतर्गत पाली न्यायिक क्षेत्र की प्रविष्टियाँ रखी गई हैं।
न्यायालय संस्थान
पाली मुख्यालय पर न्यायाधीश सूची में परिवार न्यायालय, मोटर दुर्घटना दावा अधिकरण, पॉक्सो न्यायालय, अनुसूचित जाति/जनजाति मामलों का न्यायालय, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट/अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट न्यायालय, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सचिव और बाल न्याय बोर्ड के प्रधान मजिस्ट्रेट जैसी संस्थागत प्रविष्टियाँ शामिल हैं।
न्यायालय समिति
जिला न्यायालय पाली के संपर्क पृष्ठ पर जिला स्तरीय कंप्यूटर समिति दी गई है, जिसमें अध्यक्ष, सदस्य, नोडल अधिकारी, सचिव-प्रथम और सचिव-द्वितीय जैसी भूमिकाएँ बताई गई हैं।
मजिस्ट्रेट मानचित्रण
पुलिस थाना-वार मजिस्ट्रेट पृष्ठ पर शीर्षक, तारीख और देखें/डाउनलोड स्तंभों के साथ मजिस्ट्रेट मैपिंग अभिलेखों की दस्तावेज तालिका दी गई है।
जल संरक्षण
भूजल आपूर्ति-पक्ष योजना में जलागम उपचार से 3.73 एमसीएम, रीचार्ज शाफ्ट या इंजेक्शन वेल से 0.64 एमसीएम, संरक्षण संरचनाओं से 4.68 एमसीएम और खेत-तालाबों से 2.95 एमसीएम जल संरक्षण का अनुमान दिया गया है।
रीचार्ज संरचनाएं
केंद्रीय भूजल बोर्ड ने पाली जिले के लिए 2,063 मिनी परकोलेशन टैंक, 669 परकोलेशन टैंक, 175 पक्के चेकडैम, 78 एनीकट, 12 मिनी स्टोरेज टैंक और 2,462 खेत-तालाब प्रस्तावित किए।
सूक्ष्म सिंचाई बचत
मांग-पक्ष योजना में 840.29 वर्ग किमी क्षेत्र में सूक्ष्म सिंचाई से 67.22 एमसीएम बचत और गेहूँ क्षेत्र के 50 प्रतिशत हिस्से को चने में बदलकर 38.04 एमसीएम बचत प्रस्तावित है; हस्तक्षेपों के बाद भूजल दोहन 125.52 प्रतिशत से घटकर 97.69 प्रतिशत होने का अनुमान दिया गया है।
एक जिला उत्पाद पहचान
राजस्थान की एक जिला एक उत्पाद पहल में राज्य के प्रत्येक जिले में निर्यात क्षमता वाले उत्पादों और सेवाओं की पहचान को घटक के रूप में रखा गया है।
निर्यात कार्य योजना
राजस्थान की एक जिला एक उत्पाद पहल में जिला निर्यात कार्य योजनाओं का गठन और क्रियान्वयन भी शामिल है।
निर्यात संवर्धन समितियां
राजस्थान की एक जिला एक उत्पाद पहल में जिला निर्यात संवर्धन समितियों और राज्य स्तरीय निर्यात संवर्धन समितियों के गठन को घटक बताया गया है।
निर्यात संभावना सर्वेक्षण
राज्य सरकार ने सभी 41 जिलों में जिला निर्यात कार्य योजनाओं और जिला निर्यात संभावना सर्वेक्षणों की तैयारी तथा क्रियान्वयन की सूचना दी है।
एक जिला उत्पाद सूची
राजस्थान के एक जिला एक उत्पाद उत्पादों और निर्माताओं या विक्रेताओं के विवरण के साथ पुस्तिका अथवा उत्पाद सूची तैयार की गई है।
एक जिला उत्पाद स्टॉल
जयपुर के जेईसीसी में आयोजित इंडिया स्टोनमार्ट 2024 में राजस्थान के एक जिला एक उत्पाद उत्पादों के लिए समर्पित स्टॉल स्थापित किया गया था।
किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।
पाली के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।
ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
प्रश्न 1 / 10
2011 की जनगणना में पाली जिले की कुल जनसंख्या कितनी थी?
जनगणना 2011 के अनुसार पाली जिले में कुल 20 लाख 37 हजार 573 लोग थे; इनमें 10 लाख 25 हजार 422 पुरुष और 10 लाख 12 हजार 151 महिलाएं थीं।
औद्योगिक प्रोफाइल के अनुसार जिले का नाम उसके प्रशासनिक मुख्यालय पाली नगर से लिया गया है।
25 जुलाई 2025 तक स्वीकृत सूची में पाली जिले के लिए वस्त्र उत्पाद चिन्हित किए गए हैं।
जिले में बारहमासी नदी नहीं है; लीलड़ी, सुकड़ी, बांडी और जवाई जैसी धाराएं अंततः लूणी में मिलती हैं।
औद्योगिक प्रोफाइल में चमड़ा आधारित 3,525, वस्त्र 2,076, खनिज आधारित 1,589 और कृषि आधारित 1,394 इकाइयां दर्ज थीं।
पाली खंड में निमाज का मकर मंडी माता मंदिर, रणकपुर का सूर्य मंदिर और सोजत सिटी का सोजत दुर्ग सूचीबद्ध हैं।