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अपना जिला जानें

झालावाड़

गागरोन, गढ़ महल, संतरे और चंबल तंत्र की नदियां

अंतिम सत्यापन: 2026-05-06

झालावाड़ की पहचान गागरोन दुर्ग, गढ़ महल और झालरापाटन के मंदिरों से बनती है, जबकि संतरे के बाग, अफीम के खेत, धनिया और चंबल तंत्र की नदियां इसे दक्षिण-पूर्व राजस्थान के मालवा किनारे की अलग पहचान देती हैं। राजस्थान पर्यटन इसे कभी ब्रजनगर कहलाने वाला, वनस्पति और जीव-जगत की संपदा वाला जिला बताता है; जनगणना 2011 इसके क्षेत्रफल, आबादी और ग्रामीण-शहरी बनावट को परीक्षा-योग्य आधार देती है।

जिला एक नज़र में

पूर्व नामझालावाड़ को कभी ब्रजनगर कहा जाता था; राजस्थान पर्यटन इसे समृद्ध वनस्पति और जीव-जगत वाला जिला भी बताता है।
गांवजनगणना 2011 में जिले में 1,606 गांव दर्ज थे, जिनमें 1,488 आबाद और 118 निर्जन थे।
आबादीजनगणना 2011 के अनुसार झालावाड़ जिले की कुल आबादी 14.11 लाख थी।
लैंगिक संरचनाजनगणना 2011 में जिले में 7.25 लाख पुरुष और 6.86 लाख महिलाएं दर्ज हुईं।
क्षेत्रफलजनगणना 2011 में झालावाड़ जिले का क्षेत्रफल 6,219 वर्ग किलोमीटर था।
जनसंख्या घनत्वजनगणना 2011 में जिले का घनत्व प्रति वर्ग किलोमीटर 227 व्यक्ति था।
लिंगानुपातजनगणना 2011 में झालावाड़ जिले का लिंगानुपात 1,000 पुरुषों पर 946 महिलाएं था।
साक्षरताजनगणना 2011 में झालावाड़ जिले की साक्षरता दर 61.50 प्रतिशत थी।
अनुसूचित जातियांजनगणना 2011 में अनुसूचित जातियां जिले की आबादी का 17.26 प्रतिशत थीं।
अनुसूचित जनजातियांजनगणना 2011 में अनुसूचित जनजातियां जिले की आबादी का 12.91 प्रतिशत थीं।
ग्रामीण-शहरी अनुपातजनगणना 2011 में जिले की आबादी 83.8 प्रतिशत ग्रामीण और 16.2 प्रतिशत शहरी थी।

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

अजय सिंह राठौड़

2024 से

पुलिस अधीक्षक

अमित कुमार

2025 से

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट

अनुराग भार्गव

2025 से

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

आलोक सुरोलिया

लोकसभा सांसद

दुष्यंत सिंह

झालावाड़-बारां

भारतीय जनता पार्टी

विधायक

कालूराम

डग (अनुसूचित जाति)

भारतीय जनता पार्टी

विधायक

वसुंधरा राजे

झालरापाटन

भारतीय जनता पार्टी

विधायक

सुरेश गुर्जर

खानपुर

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

विधायक

गोविंद प्रसाद

मनोहर थाना

भारतीय जनता पार्टी

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

झाला नामकरण

झालावाड़ का नाम यहां के झाला शासकों से जुड़ा है।

झाला शासक

पूर्व झालावाड़ रियासत के शासक झाला वंश के कारण इसे झालाओं की धरती कहा जाता है।

राज्य स्थापना

8 अप्रैल 1838 को कोटा राज्य के भूभाग से अलग होकर झालावाड़ राज्य बना।

नगर संस्थापक

झाला जालिम सिंह प्रथम, जो 1791 ईस्वी में कोटा राज्य के दीवान थे, ने झालावाड़ नगर बसाया।

छावनी उद्गम

कोटा राज्य के दीवान झाला जालिम सिंह ने झालरापाटन दुर्ग के पास छावनी उमेदपुरा नाम से छावनी बसाई, जो आगे चलकर झालावाड़ नगर का आधार बनी।

छावनी उमेदपुरा

छावनी उमेदपुरा 1803-04 ई. के आसपास सैनिक छावनी और बस्ती के रूप में विकसित हुई।

राजस्थान संघ

झालावाड़ को शामिल करने वाले राजस्थान संघ का उद्घाटन 25 मार्च 1948 को हुआ और कोटा इसकी राजधानी रहा।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

गढ़ पैलेस

झालावाड़ दुर्ग, जिसे गढ़ पैलेस भी कहा जाता है, नगर के केंद्र में स्थित है।

गढ़ निर्माता

महाराज राणा मदन सिंह और उनके उत्तराधिकारियों ने 1838 से 1854 ई. के बीच गढ़ पैलेस का निर्माण कराया।

संग्रहालय धरोहर

झालावाड़ राजकीय संग्रहालय की स्थापना 1915 ई. में हुई; यहां दुर्लभ चित्र, पांडुलिपियां और मूर्तियां संग्रहीत हैं।

भवानी नाट्यशाला

भवानी नाट्यशाला का निर्माण 1921 ई. में महाराजा भवानी सिंह ने कराया।

मंच मार्ग

भवानी नाट्यशाला में ऐसा भूमिगत मार्ग है जिससे घोड़े और रथ मंच पर प्रकट किए जा सकते थे।

गागरोन धरोहर

गागरोन दुर्ग पहाड़ी और जल दुर्ग है तथा राजस्थान के उन छह पहाड़ी किलों में शामिल है जिन्हें यूनेस्को विश्व धरोहर सूची में स्थान मिला।

मंदिर समूह

चंद्रभागा नदी के तट पर बने चंद्रभागा मंदिर समूह में चंद्रमौलेश्वर, लकुलीश, हरिहर और देवी मंदिर शामिल हैं।

सूर्य मंदिर

झालरापाटन का सूर्य मंदिर, जिसे पद्मनाभ मंदिर भी कहा जाता है, 10वीं सदी का 97 फुट ऊंचा मंदिर है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

चट्टानी हरित भू-दृश्य

राजस्थान के कई शहरों से अलग, झालावाड़ का भू-दृश्य चट्टानी होने के साथ पानी और हरियाली से भरपूर है।

नदी घिरा दुर्ग

गागरोन दुर्ग तीन ओर से आहू और काली सिंध नदियों के जल से घिरा है।

राजमार्ग संपर्क

झालावाड़ राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 52 पर स्थित है और राजस्थान के अनेक शहरों से बस सेवा से जुड़ा है।

दक्षिण-पूर्व पठार सीमा

झालावाड़ जिला राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी कोने में, मालवा पठार की सीमा पर स्थित है।

अक्षांश विस्तार

झालावाड़ जिला 23 डिग्री 45 मिनट 20 सेकंड से 24 डिग्री 52 मिनट 17 सेकंड उत्तरी अक्षांशों के बीच फैला है।

चंबल जल-तंत्र

जिले की नदियां और नाले चंबल नदी-तंत्र का हिस्सा हैं।

पश्चिमी नदी समूह

जिले के पश्चिमी नदी-समूह में आहू, पिपलाज, क्यासरी, कांटली, रवा, कालीसिंध और चंद्रभागा प्रमुख नदियां गिनी जाती हैं।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

पोस्ता-संतरा पट्टी

झालावाड़ की पहचान लाल पोस्ता के खेतों और संतरों से लदे बागों से भी बनती है; खट्टे फलों के उत्पादन में जिले की हिस्सेदारी खास है।

कृषि कामगार आधार

झालावाड़ की अर्थव्यवस्था मुख्यतः खेती पर टिकी थी; 2011 की जनगणना में 78.5 प्रतिशत कामगार कृषक या कृषि मजदूर दर्ज हुए।

धनिया उत्पादन

राजस्थान में धनिया उत्पादन के प्रमुख जिलों में झालावाड़ का नाम आता है।

पंजीकृत उद्योग

डीसी-एमएसएमई की जिला औद्योगिक रूपरेखा में 2007-08 के लिए झालावाड़ में 6,999 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयाँ दर्ज हैं।

औद्योगिक इकाइयां

जिला औद्योगिक रूपरेखा में झालावाड़ की कुल औद्योगिक इकाइयां 11,127 बताई गई हैं।

औद्योगिक क्षेत्र

पुरानी जिला औद्योगिक रूपरेखा में झालावाड़ जिले में आठ औद्योगिक क्षेत्र दर्ज थे।

लघु उद्योग समूह

जिले के प्रमुख लघु उद्योगों में पत्थर काटना और चमकाना, वनस्पति तेल, मेहंदी पाउडर, तैयार वस्त्र, लकड़ी का फर्नीचर, प्लास्टिक पाइप, जूते और मसाले शामिल हैं।

विकास केंद्र भूखंड

एमएसएमई औद्योगिक प्रोफाइल में झालरा पाटन विकास केंद्र में उद्योगों के लिए 450 भूखंड और उस समय 316 आवंटित दर्ज किए गए थे।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

कोटा संभाग

झालावाड़, कोटा संभाग के अंतर्गत आने वाले चार जिलों में शामिल है।

प्रशासनिक इकाइयां

2011 के जिला जनगणना हस्तपुस्तक में प्रशासनिक व्यवस्था के तहत जिले में सात उपखंड और सात तहसील मुख्यालय दर्ज थे।

पंचायत समितियां

पंचायती राज के तहत ग्रामीण विकास प्रशासन के लिए 2011 की जिला जनगणना पुस्तिका में झालावाड़ जिले को छह पंचायत समितियों में बांटा गया था।

वैधानिक नगर

2011 की जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार झालावाड़ जिले में पांच वैधानिक नगर थे: अकलेरा, भवानी मंडी, झालावाड़, झालरापाटन और पिड़ावा।

डग विधायक

16वीं राजस्थान विधानसभा की निर्वाचन-क्षेत्र सूची में झालावाड़ के डग अनुसूचित जाति क्षेत्र से भाजपा के कालूराम विधायक दर्ज हैं।

झालरापाटन विधायक

16वीं राजस्थान विधानसभा की निर्वाचन-क्षेत्र सूची में झालरापाटन का प्रतिनिधित्व भाजपा की वसुंधरा राजे के नाम से दर्ज है।

खानपुर विधायक

16वीं राजस्थान विधानसभा की निर्वाचन-क्षेत्र सूची में खानपुर क्षेत्र से कांग्रेस के सुरेश गुर्जर विधायक बताए गए हैं।

मनोहर थाना विधायक

16वीं राजस्थान विधानसभा की निर्वाचन-क्षेत्र सूची में मनोहर थाना क्षेत्र का प्रतिनिधित्व भाजपा के गोविंद प्रसाद करते हैं।

लोकसभा सांसद

राजस्थान विधानसभा की लोकसभा सदस्य सूची में झालावाड़-बारां से भाजपा के दुष्यंत सिंह का नाम दर्ज है; उनके सामने 14वीं, 15वीं, 16वीं, 17वीं और 18वीं लोकसभा का उल्लेख है।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

राजीव आवास

झालरापाटन नगरपालिका के योजना पृष्ठ पर स्थानीय योजनाओं में राजीव आवास योजना सूचीबद्ध है।

आवास सहायता

झालरापाटन नगरपालिका के योजना पृष्ठ पर स्थानीय योजनाओं में बीपीएल आवास योजना दर्ज है।

भामाशाह सहायता

झालरापाटन नगरपालिका के योजना पृष्ठ पर स्थानीय योजनाओं में भामाशाह योजना सूचीबद्ध है।

स्वच्छता मिशन

झालरापाटन नगरपालिका के योजना पृष्ठ पर स्थानीय योजनाओं में स्वच्छ भारत मिशन सूचीबद्ध है।

नगरीय ढांचा

झालरापाटन नगरपालिका के योजना पृष्ठ पर स्थानीय योजनाओं में यूआईडीएसएसएमटी, आरयूआईडीपी और धरोहर संरक्षण दर्ज हैं।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

झालावाड़ के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 10

कोटा क्षेत्र से पूर्व झालावाड़ राज्य की स्थापना कब हुई थी?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

झालावाड़ के सबसे नजदीक कौन-सा हवाई अड्डा है?

राजस्थान पर्यटन के अनुसार झालावाड़ से सबसे नजदीक इंदौर हवाई अड्डा 240 किलोमीटर दूर है; इसके बाद जयपुर हवाई अड्डा 345 किलोमीटर दूर है।

झालावाड़ रेल से कैसे जुड़ा है?

कोटा और झालावाड़ के बीच यात्री रेल सेवा प्रतिदिन उपलब्ध है; निर्धारित दिनों में जयपुर और श्रीगंगानगर के लिए सुपरफास्ट रेलगाड़ियां भी चलती हैं।

झालावाड़ से कोटा और बूंदी कितनी दूर हैं?

राजस्थान पर्यटन के अनुसार कोटा झालावाड़ से 88 किलोमीटर और बूंदी 121 किलोमीटर दूर है।