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अपना जिला जानें

डूंगरपुर

वागड़ की पहाड़ियों, जनजातीय जीवन और ऐतिहासिक स्मृतियों से जुड़ा डूंगरपुर

अंतिम सत्यापन: 2026-05-06

डूंगरपुर दक्षिणी राजस्थान का वह जिला है जहां पहाड़ी भू-रूप, वागड़ की सांस्कृतिक पहचान, भील समुदाय की मजबूत उपस्थिति और पूर्व रियासत की विरासत साथ-साथ दिखाई देती है। जिला मुख्यालय डूंगरपुर नगर प्रशासन, व्यापार और ऐतिहासिक पहचान का प्रमुख केंद्र है।

जिला एक नज़र में

क्षेत्रफलडूंगरपुर जिले का भौगोलिक क्षेत्रफल 3,770 वर्ग किमी है।
जनसंख्याजनगणना 2011 में डूंगरपुर जिले की जनसंख्या 13,88,552 दर्ज की गई।
जिला मुख्यालयडूंगरपुर नगर जिला मुख्यालय है और पूर्व डूंगरपुर रियासत की ऐतिहासिक राजधानी भी रहा है।
जनसंख्या घनत्व2011 की जनसंख्या और 3,770 वर्ग किमी क्षेत्रफल के आधार पर जिले का अनुमानित जनसंख्या घनत्व लगभग 368 व्यक्ति प्रति वर्ग किमी था।
साक्षरताजनगणना 2011 में डूंगरपुर जिले की साक्षरता दर 59.5 प्रतिशत थी।
लिंगानुपातजनगणना 2011 में जिले में 6,96,532 पुरुष और 6,92,020 महिलाएं थीं, यानी लगभग 994 महिलाएं प्रति 1,000 पुरुष।

जिला प्रशासन

वर्तमान पदाधिकारी — सार्वजनिक अभिलेखों से।

जिला मजिस्ट्रेट / कलक्टर

देशल दान

डूंगरपुर जिला

अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट

दिनेश चन्द धाकड़

डूंगरपुर जिला

पुलिस अधीक्षक

मनीष कुमार

डूंगरपुर जिला

जिला एवं सत्र न्यायाधीश

दीपा गुर्जर

डूंगरपुर न्यायक्षेत्र

सांसद (लोकसभा)

राजकुमार रोत

बांसवाड़ा

भारत आदिवासी पार्टी

विधायक

शंकरलाल डेचा

सागवाड़ा (अजजा)

भारतीय जनता पार्टी

विधायक

गणेश घोघरा

डूंगरपुर (अजजा)

भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस

विधायक

अनिल कुमार कटारा

चौरासी (अजजा)

भारत आदिवासी पार्टी

विधायक

उमेश मीणा

आसपुर (अजजा)

भारत आदिवासी पार्टी

इतिहास — प्राचीन → मध्यकालीन → आधुनिक

आहड़ सभ्यता

आहड़ सभ्यता का विस्तार मेवाड़ से आगे आज के डूंगरपुर और बांसवाड़ा जिलों के कुछ हिस्सों तक माना जाता है।

प्राचीन सिक्के

विस्तृत बागड़ क्षेत्र का हिस्सा माने जाने वाले बांसवाड़ा जिले के सुरवानिया गांव से 181-353 ईस्वी के चांदी के सिक्के मिले हैं।

शक क्षत्रप शासन

सरवणिया से मिले सिक्के बताते हैं कि वागड़ और बागड़ क्षेत्र क्षत्रपों, यानी शक क्षत्रपों, के अधीन रहा।

अरब आक्रमण

725 ईस्वी से 738 ईस्वी के बीच बागड़ पर हुए अरब आक्रमणों को रोक दिया गया था।

परमार शासन

इस क्षेत्र का क्रमबद्ध इतिहास उस दौर से शुरू माना जाता है जब मालवा के परमार बागड़ पर शासन करते थे।

गुहिल प्रभुत्व

12वीं सदी में मेवाड़ (उदयपुर) के गुहिलों ने इस क्षेत्र में अपना प्रभुत्व स्थापित किया।

सिसोदिया गद्दी

डूंगरपुर की वरिष्ठ सिसोदिया गद्दी की स्थापना 1197 में मेवाड़ के करण सिंह के ज्येष्ठ पुत्र सामंत सिंह द्वारा बताई गई है।

डूंगरिया नामकरण

चौदहवीं सदी के उत्तरार्ध की स्थापना-कथा में डूंगरपुर नगर का नाम स्वतंत्र भील सरदार डूंगरिया के नाम पर बताया गया है।

नगर स्थापना

भारत सरकार की जिला प्रोफ़ाइल डूंगरपुर राज्य को सामंत सिंह से और नगर को चौदहवीं शताब्दी के अंत में रावल बीर सिंह से जोड़ती है।

कला, संस्कृति, विरासत एवं पर्यटन

बेणेश्वर मेला

बेणेश्वर धाम में माघ शुक्ल एकादशी से माघ कृष्ण पंचमी तक बड़ा वार्षिक मेला लगता है, जिसमें लाखों लोग आते हैं।

पावन संगम

बेणेश्वर मेला माही, सोम और जाखम नदियों के संगम पर आयोजित होता है।

जनजातीय जुटान

बेणेश्वर मेले में राजस्थान, गुजरात और मध्य प्रदेश से बड़ी संख्या में जनजातीय समुदायों के लोग जुटते हैं।

लाख शिल्प

राजस्थान पर्यटन के अनुसार डूंगरपुर के सुनार और चांदीकार लाख से रंगे खिलौनों और चित्र-फ्रेमों के लिए पहचाने जाते हैं।

महल भित्तिचित्र

जूना महल के अंदरूनी हिस्सों में भित्तिचित्र, लघुचित्र और बारीक कांच-शीशे का काम दिखाई देता है।

वागड़ मूर्तिकला

राजकीय पुरातत्व संग्रहालय में मुख्य रूप से वागड़ क्षेत्र से एकत्र की गई मूर्तियां प्रदर्शित हैं।

मंदिर स्थापत्य

देव सोमनाथ, सोम नदी के किनारे स्थित बारहवीं शताब्दी का शिव मंदिर है।

वागड़ महोत्सव

डूंगरपुर का वागड़ महोत्सव शहर के स्थापना दिवस पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों, लोक नृत्यों और स्थानीय प्रदर्शनियों के साथ मनाया जाता है।

भूगोल, जलवायु एवं पारिस्थितिकी

दक्षिणी स्थिति

डूंगरपुर दक्षिणी राजस्थान में 23°20' से 24°01' उत्तरी अक्षांशों के बीच स्थित है।

देशांतर विस्तार

डूंगरपुर जिला 73°22' से 74°24' पूर्वी देशांतरों के बीच फैला है।

उत्तरी सीमाएं

डूंगरपुर की उत्तरी सीमा उदयपुर जिले से और पूर्वी सीमा बांसवाड़ा जिले से लगती है।

गुजरात सीमा

डूंगरपुर की दक्षिणी और पश्चिमी सीमा गुजरात से मिलती है।

अरावली पहाड़ियां

डूंगरपुर जिले के पश्चिमी भाग में अरावली की पहाड़ियां प्रमुख रूप से उत्तर-पूर्व से दक्षिण दिशा में फैली हुई दिखाई देती हैं।

मुख्य नदियां

डूंगरपुर जिले की दो मुख्य नदियां सोम और माही हैं।

नदी संगम

डूंगरपुर के बेणेश्वर धाम में माही, सोम और जाखम नदियों का त्रिवेणी संगम है।

अरावली तलहटी

डूंगरपुर जिला दक्षिणी राजस्थान में अरावली पर्वतमाला की तलहटी में स्थित है।

अर्थव्यवस्था — क्षेत्र, उद्योग, ऊर्जा

कृषि-जलवायु क्षेत्र

डूंगरपुर जिला आर्द्र दक्षिणी मैदानी कृषि-जलवायु क्षेत्र में आता है।

प्रमुख फसलें

कृषि विज्ञान केंद्र डूंगरपुर की वर्ष 2019-20 कार्ययोजना में गेहूं, ज्वार, चना, मक्का और धान को जिले की प्रमुख फसलों में क्षेत्र और उत्पादन सहित दर्ज किया गया।

फसल क्षेत्रफल

कृषि विज्ञान केंद्र डूंगरपुर की वर्ष 2019-20 कार्ययोजना में मक्का 63,500 हेक्टेयर, गेहूं 46,988 हेक्टेयर, धान 17,681 हेक्टेयर और चना 11,873 हेक्टेयर क्षेत्र में दर्ज हैं।

बड़े उद्योग

डूंगरपुर में तीन बड़े उद्योगों के रूप में राजस्थान सिनटेक्स लिमिटेड, राजस्थान टेककेम लिमिटेड और राजस्थान पॉलीकॉट लिमिटेड का उल्लेख मिलता है।

औद्योगिक संभावना

पहाड़ी भू-भाग, जनजातीय आबादी और खनिज संसाधनों के कारण डूंगरपुर जिले में कृषि-आधारित और खनिज-आधारित उद्योगों की संभावना मानी जाती है।

हरा संगमरमर व्यापार

राजस्थान पर्यटन के अनुसार डूंगरपुर का हरा संगमरमर दुनिया के कई बाजारों तक भेजा जाता है।

राजनीतिक एवं प्रशासनिक संरचना

विधानसभा क्षेत्र

राजस्थान निर्वाचन विभाग के मानचित्र में डूंगरपुर जिले के चार विधानसभा क्षेत्र दिखाए गए हैं: आसपुर, चौरासी, डूंगरपुर और सागवाड़ा।

आरक्षित सीटें

निर्वाचन विभाग के मानचित्र में डूंगरपुर जिले के ये चारों विधानसभा क्षेत्र अनुसूचित जनजाति के लिए आरक्षित बताए गए हैं।

निर्वाचन मानचित्र स्रोत

निर्वाचन विभाग का जिला विधानसभा मानचित्र पृष्ठ डूंगरपुर को डीएम-24 जिला-मानचित्र पीडीएफ से जोड़ता है।

आसपुर चुनाव परिणाम

राजस्थान विधानसभा चुनाव 2023 में आसपुर क्षेत्र से भारत आदिवासी पार्टी के उमेश मीणा को कुल 93,742 वोट मिले।

शासन पहल एवं योजनाएँ (2025-26)

कार्यक्रम शुरुआत

नीति आयोग के अनुसार आकांक्षी जिला कार्यक्रम जनवरी 2018 में 112 अपेक्षाकृत पिछड़े जिलों में बदलाव लाने के लिए शुरू किया गया था।

कार्य सिद्धांत

आकांक्षी जिला कार्यक्रम की कार्य-पद्धति का आधार अभिसरण, सहयोग और प्रतिस्पर्धा को माना गया है।

रैंकिंग सूचक

आकांक्षी जिलों की रैंकिंग 49 प्रमुख प्रदर्शन सूचकों पर हुई क्रमिक प्रगति के आधार पर की जाती है।

प्रदर्शन विषय

आकांक्षी जिला कार्यक्रम पांच विषयों में प्रदर्शन को मापता है: स्वास्थ्य और पोषण, शिक्षा, कृषि और जल संसाधन, वित्तीय समावेशन और कौशल विकास, तथा बुनियादी ढांचा।

PYQ एक-पंक्ति (RAS / RPSC / RSSB)

किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।

डूंगरपुर के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।

स्वयं को परखें — 10 प्रश्न

ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।

प्रश्न 1 / 10

डूंगरपुर का कौन-सा स्मारक तेरहवीं सदी का सात मंजिला पुराना महल बताया जाता है?

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राजस्थान पर्यटन की पहचान में डूंगरपुर को किस नाम से जाना जाता है?

राजस्थान पर्यटन डूंगरपुर को पहाड़ियों का शहर बताता है।

राजस्थान पर्यटन के अनुसार डूंगरपुर के लिए सबसे नजदीकी हवाई अड्डा कौन सा है?

राजस्थान पर्यटन के अनुसार उदयपुर सबसे नजदीकी हवाई अड्डा है, जिसकी दूरी 120 किलोमीटर है।

राजस्थान पर्यटन डूंगरपुर के लिए किस रेल संपर्क का उल्लेख करता है?

हिम्मतनगर-डूंगरपुर-उदयपुर रेल संपर्क का उल्लेख किया गया है।

राजस्थान पर्यटन के अनुसार कौन सा प्रमुख राजमार्ग डूंगरपुर जिले से होकर गुजरता है?

दिल्ली और मुंबई के बीच राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 जिले से होकर गुजरता है।