जिला गठन
बारां जिला 10 अप्रैल 1991 को तत्कालीन कोटा जिले से अलग कर बनाया गया।
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हाड़ौती का रामगढ़ क्रेटर और सहरिया-केन्द्रित योजनाओं वाला जिला
बारां राजस्थान के दक्षिण-पूर्व में कोटा संभाग का जिला है, जिसे 10 अप्रैल 1991 को कोटा से अलग करके बनाया गया। भौतिक बनावट में यह मालवा पठार का विस्तार है और चंबल की उप-घाटियों में कालीसिंध, पार्वती, परवन और कूनो जैसी नदियां इसे जोड़ती हैं। परीक्षा के लिहाज से इसकी पहचान 2011 की 12,22,755 आबादी, कृषि-प्रधान कामकाजी ढांचे, रामगढ़ क्रेटर, हाड़ौती विरासत स्थलों और सहरिया समुदाय पर केंद्रित कल्याण सहायता से बनती है।
| जनसंख्या, 2011 | 12,22,755 लोग: 6,33,945 पुरुष और 5,88,810 महिलाएं। |
|---|---|
| ग्रामीण-शहरी आबादी, 2011 | 9,68,541 ग्रामीण निवासी और 2,54,214 शहरी निवासी। |
| शहरी हिस्सा, 2011 | जिले की कुल आबादी का 20.79 प्रतिशत। |
| लिंगानुपात, 2011 | प्रति 1,000 पुरुषों पर 929 महिलाएं। |
| साक्षरता दर, 2011 | कुल 66.66 प्रतिशत; पुरुष साक्षरता 80.35 प्रतिशत और महिला साक्षरता 51.96 प्रतिशत। |
| अनुसूचित जाति आबादी, 2011 | 2,21,184 लोग, यानी जिले की आबादी का 18.09 प्रतिशत। |
| अनुसूचित जनजाति आबादी, 2011 | 2,76,857 लोग, यानी जिले की आबादी का 22.64 प्रतिशत। |
| गांव, 2011 | 1,221 गांव: 1,114 आबाद और 107 निर्जन। |
| क्षेत्रफल और आबादी, 2011 | 6,992 वर्ग किमी क्षेत्रफल और 12,22,755 आबादी। |
| पंच गौरव प्रोफाइल | फसल के रूप में लहसुन, वानस्पतिक प्रजाति के रूप में चिरौंजी, पर्यटन स्थल के रूप में रामगढ़ क्रेटर और खेल के रूप में फुटबॉल। |
जिला गठन
बारां जिला 10 अप्रैल 1991 को तत्कालीन कोटा जिले से अलग कर बनाया गया।
प्रारंभिक तहसीलें
जिला बनने के समय इसमें मांगरोल, अंता, बारां, किशनगंज, शाहाबाद, छबड़ा और छीपाबड़ौद तहसीलें शामिल थीं, जो पहले कोटा जिले में थीं।
सोलंकी स्थापना
बारां नगर की स्थापना 14वीं या 15वीं सदी में सोलंकी राजपूतों द्वारा की गई मानी जाती है।
नाम उत्पत्ति
बारां नाम की एक व्याख्या इसे आसपास के बारह गांवों के निवासियों से जोड़ती है।
कोटा राज्य
1991 में जिला बनने से पहले भी बारां तत्कालीन कोटा राज्य का जिला रहा था, जिसका मुख्यालय बारां नगर था।
संयुक्त राजस्थान
1948 में संयुक्त राजस्थान बनने पर बारां उसके जिलों में शामिल था।
उपखंड बदलाव
31 मार्च 1949 को बारां जिला मुख्यालय को कोटा जिले का उपखंड मुख्यालय बना दिया गया।
हाड़ौती अंचल
राजस्थान पर्यटन के अनुसार कोटा क्षेत्र से अलग बना बारां हाड़ौती अंचल का हिस्सा है।
सोलंकी शासन
राजस्थान पर्यटन बारां का इतिहास 14वीं सदी से जोड़ता है, जब इस क्षेत्र पर सोलंकी राजपूतों का शासन था।
सीताबाड़ी मेला
सीताबाड़ी मेला शाहाबाद तहसील के केलवाड़ा में ज्येष्ठ माह में भरता है।
भंड देवरा मंदिर
बारां शहर से करीब 40 किलोमीटर दूर रामगढ़ का भंड देवरा मंदिर 10वीं सदी का शिव मंदिर माना जाता है; राजस्थान पर्यटन इसे खजुराहो शैली में निर्मित बताता है।
शाहाबाद किला
बारां से करीब 80 किलोमीटर दूर शाहाबाद किला हाड़ौती के मजबूत किलों में गिना जाता है; इसे 16वीं सदी में चौहान राजपूत मुकटमणि देव ने बनवाया था।
शाही जामा मस्जिद
शाहाबाद की शाही जामा मस्जिद को औरंगजेब काल की मस्जिद माना जाता है। बारां से करीब 80 किलोमीटर दूर यह मस्जिद दिल्ली की जामा मस्जिद की बनावट पर बनी है और इसके स्तंभ व मेहराब उल्लेखनीय हैं।
शेरगढ़ किला
परवन नदी के किनारे, बारां से करीब 65 किलोमीटर दूर शेरगढ़ किला रणनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण स्मारक माना जाता है। इसका पुराना नाम कोषवर्धन था और 790 ईस्वी का शिलालेख इसके इतिहास की झलक देता है।
सीताबाड़ी कुंड
बारां से 45 किलोमीटर दूर सीताबाड़ी पूजा-स्थल और पिकनिक स्थल है, जहां सीता व लक्ष्मण मंदिरों के साथ वाल्मीकि कुंड, सीता कुंड, लक्ष्मण कुंड और सूर्य कुंड जैसे कुंड हैं।
काकूनी मंदिर
परवन नदी के तट पर बारां से 85 किलोमीटर दूर काकूनी मंदिर समूह में जैन, वैष्णव और शिव परंपराओं के मंदिर मिलते हैं; राजस्थान पर्यटन इनमें कुछ संरचनाओं को 8वीं सदी से जोड़ता है।
सोरसन माताजी मंदिर
सोरसन माताजी मंदिर, जिसे ब्रह्माणी माता मंदिर भी कहा जाता है, बारां से 20 किलोमीटर दूर सोरसन गांव में है और यहां हर वर्ष शिवरात्रि पर मेला लगता है।
बांसथुनी मंदिर कला
शाहाबाद रोड पर बारां से 24 किलोमीटर दूर बांसथुनी मंदिर 9वीं-10वीं सदी का माना गया है; इसके नक्काशीदार स्तंभ, तोरण और बाहर रखी विष्णु के वराह अवतार की प्रतिमा उल्लेखनीय हैं।
राजकीय संग्रहालय
बारां का राजकीय संग्रहालय मूर्तियों, चित्रों, अस्त्र-शस्त्रों, सजावटी कलावस्तुओं तथा स्थानीय मंदिरों और किलों के चित्रों का संग्रह दिखाता है।
डोल मेला
जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार डोल मेला बारां तहसील में भाद्रपद 11 को मनाया जाने वाला धार्मिक मेला है, जिसमें अलग-अलग समुदायों के लगभग 8 हजार लोग भाग लेते हैं।
चकरी लोकनृत्य
राजस्थान पर्यटन चकरी को बारां जिले के कुछ हिस्सों में कंजर जनजाति का लोकनृत्य बताता है, जिसमें महिलाएं लय के साथ घूमती हैं और पुरुष ढोलक बजाते हैं।
शाहाबाद नाम
जिला जनगणना पुस्तिका में शाहाबाद नाम की व्युत्पत्ति सम्राट शाहजहां से जोड़ी गई है, जिन्हें इस स्थान का संस्थापक बताया गया है।
सीताबाड़ी मेला अवधि
जिला जनगणना पुस्तिका सीताबाड़ी के वार्षिक मेले की अवधि वैशाख सुदी 15 से ज्येष्ठ बदी 15 तक बताती है।
शाहाबाद तोपें
राजस्थान पर्यटन के अनुसार शाहाबाद किले की रक्षा के लिए कभी 18 शक्तिशाली तोपें लगी थीं, जिनमें एक तोप 19 फुट लंबी थी।
शेरगढ़ नाम
राजस्थान पर्यटन शेरगढ़ किले के नाम को सूर वंश के शेरशाह द्वारा किए गए कब्जे से जोड़ता है।
सहरिया कुंभ
राजस्थान पर्यटन सीताबाड़ी को सहरिया जनजातियों का कुंभ कहता है, क्योंकि इस स्थान का जनजातीय समुदायों से लंबा संबंध रहा है।
गुगोर किला
गुगोर किला छबड़ा कस्बे से लगभग 8 किलोमीटर दूर गूगोर गांव में बारहमासी पार्वती नदी के किनारे स्थित है।
क्षेत्रफल और घनत्व
जनगणना 2011 में बारां जिले का क्षेत्रफल 6,992.00 वर्ग किलोमीटर और जनसंख्या घनत्व 175 व्यक्ति प्रति वर्ग किलोमीटर दर्ज था।
ग्रामीण शहरी क्षेत्र
बारां जिले का कुल क्षेत्रफल 6,992 वर्ग किलोमीटर है, जिसमें 6,909.82 वर्ग किलोमीटर ग्रामीण और 82.18 वर्ग किलोमीटर शहरी क्षेत्र है।
वन क्षेत्र
बारां में लगभग 2,239.69 वर्ग किलोमीटर वन क्षेत्र है, जो जिले के क्षेत्रफल का करीब 31 प्रतिशत है।
दक्षिण-पूर्वी स्थिति
बारां जिला राजस्थान के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में स्थित है।
मालवा पठार
भू-आकृतिक रूप से बारां मालवा पठार का विस्तार है, जहां नीची पहाड़ियां और लहरदार मैदान मिलते हैं।
चंबल जलनिकास
बारां जिले की जल-निकासी चंबल की उप-घाटियों से जुड़ी है, जिनमें कालीसिंध, पार्वती, परवन और कुनो शामिल हैं।
शुष्क जलवायु
मानसून ऋतु को छोड़कर बारां जिले की जलवायु शुष्क रहती है।
रामगढ़ क्रेटर
बारां से करीब 40 किलोमीटर दूर रामगढ़ क्रेटर को लगभग 3.5 किलोमीटर व्यास वाला उल्कापिंड-आघात विवर और राष्ट्रीय महत्व का भूवैज्ञानिक स्मारक बताया गया है।
कृषि-जलवायु क्षेत्र
आर्द्र दक्षिण-पूर्वी मैदानी कृषि-जलवायु क्षेत्र में कोटा, बारां, बूंदी और झालावाड़ आते हैं; यहां खरीफ में ज्वार और सोयाबीन तथा रबी में गेहूं और सरसों प्रमुख फसलें हैं।
भू-विरासत स्थल
राजस्थान राजपत्र की 2024 अधिसूचना के अनुसार बारां जिले का रामगढ़ क्रेटर लगभग 16.5 करोड़ वर्ष पुराना है और इसे राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया गया है।
कृषि कामगार
जिला जनगणना पुस्तिका के मुख्य बिंदुओं के अनुसार बारां जिले के 72.7 प्रतिशत कामगार कृषक या कृषि मजदूर थे।
रेल संपर्क
एमएसएमई प्रोफाइल में 2015-16 में बारां जिले में 95 किलोमीटर रेल लाइन दर्ज की गई है।
सड़क नेटवर्क
2015-16 में बारां जिले में 229.54 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग, 284 किलोमीटर राज्य राजमार्ग और 2,124.05 किलोमीटर अन्य जिला व ग्रामीण सड़कें थीं।
कामगार प्रोफाइल
2011 की जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार बारां में कुल 5.52583 लाख कामगार थे; इनमें 3.59785 लाख मुख्य और 1.92798 लाख सीमांत कामगार थे।
औद्योगिक क्षेत्र
बारां औद्योगिक क्षेत्र में 71.51 हेक्टेयर भूमि अधिगृहीत और विकसित थी; 140 भूखंडों में 139 आवंटित, एक रिक्त और 73 इकाइयां उत्पादन में थीं।
आईआईडी बारां
आईआईडी बारां में 99 हेक्टेयर भूमि अधिग्रहीत और विकसित थी; यहां 202 भूखंडों में से 181 आवंटित, 21 खाली और 21 इकाइयां उत्पादन में थीं।
औद्योगिक इकाइयां
एमएसएमई प्रोफाइल में बारां में 1,131 पंजीकृत औद्योगिक इकाइयां, कुल 1,300 औद्योगिक इकाइयां और छह पंजीकृत मध्यम व बड़ी इकाइयां दर्ज हैं।
औद्योगिक रोजगार
एमएसएमई प्रोफाइल के अनुसार बारां के सूक्ष्म और लघु उद्योगों में प्रतिदिन औसतन 9,602 कामगार तथा बड़ी और मध्यम इकाइयों में 4,527 कर्मचारी अनुमानित थे।
प्रमुख इकाइयां
बारां के लिए सूचीबद्ध बड़ी और सार्वजनिक क्षेत्र की इकाइयों में अंता का एनटीपीसी संयंत्र, हरिपुरा का रुचि सोया प्लांट, छबड़ा ताप विद्युत संयंत्र और कवाई-अटरू की अडानी पावर राजस्थान लिमिटेड शामिल हैं।
संभावित उद्योग
एमएसएमई प्रोफाइल बारां में कृषि व खाद्य, रसायन व संबद्ध, वस्त्र, वन-आधारित, पशुधन व चमड़ा, यांत्रिक व धातुकर्म, विद्युत व इलेक्ट्रॉनिक्स तथा पत्थर कटाई-पालिश जैसे संभावित उद्योग क्षेत्रों को चिन्हित करता है।
ओडीओपी उत्पाद
राजस्थान एक जिला एक उत्पाद पहल में बारां का जिला उत्पाद लहसुन उत्पाद के रूप में दर्ज है।
रीको क्षेत्र
रीको ने दिसंबर तक 2025-26 के दौरान विकसित 19 नए औद्योगिक क्षेत्रों में पीपलखेड़ी, बारां को भी शामिल किया।
परवन सिंचाई
परवन प्रमुख बहुउद्देश्यीय परियोजना से झालावाड़, बारां और कोटा जिलों के 571 गांवों में 2.01 लाख हेक्टेयर सिंचनीय कमांड क्षेत्र को सिंचाई और 1,402 गांवों को पेयजल देने की योजना है।
हथियादेह सिंचाई
बारां जिले की किशनगंज तहसील में हथियादेह मध्यम सिंचाई परियोजना से जिले के 49 गांवों में 8,979 हेक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई देने की योजना है।
जिला जीडीपी
राजस्थान आर्थिक समीक्षा के अनुसार 2024-25 में प्रचलित कीमतों पर बारां का अनंतिम सकल जिला घरेलू उत्पाद 28,712 करोड़ रुपये था।
प्रशासनिक उपखंड
प्रशासन और विकास व्यवस्था के लिए जिला जनगणना पुस्तिका में बारां जिले में 8 उपखंड दर्ज हैं।
वैधानिक नगर
जिला जनगणना पुस्तिका बारां जिले के चार वैधानिक नगरों के रूप में अंता, बारां, छबड़ा और मांगरोल को सूचीबद्ध करती है।
कोटा संभाग
बारां जिला राजस्थान के कोटा संभाग के अंतर्गत आता है।
जिला कलेक्टर
राजस्व और कानून-व्यवस्था से जुड़े मामलों में बारां जिले का नेतृत्व जिला कलेक्टर करते हैं।
पंचायत समितियां
पंचायती राज के ग्रामीण विकास कार्यों के लिए जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार बारां जिला 7 पंचायत समितियों में विभाजित था।
मक्का मिशन
2025-26 में मोटे अनाज के लिए राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के तहत मक्का खेती वाले राजस्थान के जिलों में बारां भी शामिल है।
चिकित्सा महाविद्यालय
शैक्षणिक वर्ष 2024-25 से शुरू हुए पांच नए चिकित्सा महाविद्यालयों में बारां भी था; हर महाविद्यालय में एमबीबीएस की 100 सीटों की प्रवेश क्षमता रखी गई।
सहरिया खाद्य सहायता
बारां जिले के सहरिया लाभार्थियों के लिए खाद्य-सुरक्षा सहायता में हर परिवार सदस्य को प्रति माह 250 मिलीलीटर घी, 500 मिलीलीटर खाद्य तेल और 500 ग्राम दाल निशुल्क दी जाती है।
पीएम जनमन आवास
बारां जिले की आठ पंचायत समितियों में आवासहीन सहरिया पीवीटीजी परिवारों के लिए पीएम जनमन आवास सहायता के तहत दिसंबर 2025 तक 368.18 करोड़ रुपये खर्च कर 11,411 घर पूरे किए गए।
पीएम जनमन सड़कें
बारां में पीएम जनमन सड़क कार्यों के तहत 38 असंबद्ध बसावटों को 68.87 करोड़ रुपये लागत से 98.69 किलोमीटर नई सड़कों से जोड़ना है; दिसंबर 2025 तक 21.19 किलोमीटर सड़क विकसित हो चुकी थी।
किसी भी परीक्षा उपयोग से पहले सटीक विकल्पों की जाँच आधिकारिक RPSC / RSSB प्रश्न पत्रों से करें।
बारां के PYQ एक-पंक्ति तथ्य शीघ्र उपलब्ध होंगे।
ऊपर के जिला संदर्भ से क्विक सेल्फ़-टेस्ट। द्विभाषी, लॉगिन की आवश्यकता नहीं।
प्रश्न 1 / 10
२०११ की जिला जनगणना पुस्तिका के अनुसार बारां जिले की कुल जनसंख्या कितनी थी?
बारां जिला 10 अप्रैल 1991 को तत्कालीन कोटा जिले से अलग कर बनाया गया था।
बारां जिला राजस्थान के कोटा संभाग में आता है।
बारां जिले के रामगढ़ गांव में स्थित रामगढ़ क्रेटर उल्कापिंड-प्रभाव से बना क्रेटर है, जिसे राजस्थान ने राष्ट्रीय भू-विरासत स्थल घोषित किया; राजपत्र में इसका व्यास लगभग 3.2 किलोमीटर दर्ज है।
राजस्थान ओडीओपी पहल में बारां जिले का उत्पाद लहसुन उत्पाद के रूप में पहचाना गया है।
बारां में पीएम जनमन सड़क कार्यों के तहत 38 असंबद्ध बसावटों को 68.87 करोड़ रुपये लागत से 98.69 किलोमीटर नई सड़कों से जोड़ना है; दिसंबर 2025 तक 21.19 किलोमीटर सड़क विकसित हो चुकी थी।
बारां से 45 किलोमीटर दूर सीताबाड़ी पूजा और पिकनिक स्थल है, जहां सीता और लक्ष्मण मंदिरों के साथ वाल्मीकि कुंड, सीता कुंड, लक्ष्मण कुंड और सूर्य कुंड जैसे कुंड हैं।