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RAS प्रश्न

कोरिओलिस प्रभाव कहाँ शून्य होता है?

सही उत्तर: (A) भूमध्य रेखा।

कोरिओलिस प्रभाव भूमध्य रेखा पर शून्य होता है और ध्रुवों की ओर बढ़ते हुए अधिकतम हो जाता है।

  1. (A) भूमध्य रेखा
  2. (B) 60° अक्षांश
  3. (C) 30° अक्षांश
  4. (D) ध्रुव

व्याख्या

कोरिओलिस प्रभाव का मूल संबंध पृथ्वी के घूर्णन और अक्षांश से है। दिए गए स्रोत में बताया गया है कि कोरिओलिस बल भूमध्य रेखा पर शून्य से शुरू होकर ध्रुवों पर अधिकतम हो जाता है और भूमध्य रेखा को छोड़कर हर जगह पवन-दिशा को प्रभावित करता है। मौजूदा व्याख्या के अनुसार इसका गणितीय कारण यह है कि कोरिओलिस बल अक्षांश की ज्या पर निर्भर करता है; शून्य अंश अक्षांश यानी भूमध्य रेखा पर ज्या शून्य होती है, इसलिए प्रभाव भी शून्य रहता है। इसी कारण चक्रवात ठीक भूमध्य रेखा पर नहीं बनते। मध्य और ऊंचे अक्षांशों में यह प्रभाव अधिक स्पष्ट दिखता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (B) 60° अक्षांश पर कोरिओलिस प्रभाव शून्य नहीं होता; स्रोत के अनुसार मध्य और ऊंचे अक्षांशों में इसका प्रभाव अधिक स्पष्ट होता है।
  • (C) 30° अक्षांश भूमध्य रेखा नहीं है, इसलिए वहां कोरिओलिस प्रभाव मौजूद रहता है, शून्य नहीं।
  • (D) ध्रुवों पर कोरिओलिस प्रभाव शून्य नहीं, बल्कि अधिकतम बताया गया है।

अवधारणा

यह प्रश्न भौतिक भूगोल के वायुमंडलीय परिसंचरण और पृथ्वी के घूर्णन से जुड़े कोरिओलिस प्रभाव को परखता है। RAS में यह अवधारणा पवन-दिशा, अक्षांशीय प्रभाव और चक्रवातों की समझ से जुड़कर आती है।

स्रोत