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RAS प्रश्न

भारत में स्कॉर्पीन-श्रेणी की पनडुब्बियां कहाँ बनाई जाती हैं?

सही उत्तर: (C) मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, मुंबई।

भारत में स्कॉर्पीन यानी कलवरी-श्रेणी की पनडुब्बियां प्रोजेक्ट-75 के तहत मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई में बनाई जाती हैं।

  1. (A) गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, कोलकाता
  2. (B) हिंदुस्तान शिपयार्ड, विशाखापत्तनम
  3. (C) मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, मुंबई
  4. (D) कोचीन शिपयार्ड, कोची

व्याख्या

भारत की स्कॉर्पीन-श्रेणी, जिसे कलवरी-श्रेणी भी कहा जाता है, प्रोजेक्ट-75 से जुड़ी पनडुब्बी श्रेणी है। प्रेस सूचना ब्यूरो के रक्षा मंत्रालय वाले विवरण में साफ लिखा है कि प्रोजेक्ट-75 में स्कॉर्पीन डिजाइन की छह पनडुब्बियों का स्वदेशी निर्माण शामिल है और ये पनडुब्बियां मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स लिमिटेड, मुंबई में फ्रांस की नेवल ग्रुप कंपनी के सहयोग से बनाई जा रही हैं। इसी आधार पर सही स्थान मुंबई का मझगांव डॉक है, कोई सामान्य नौसैनिक शिपयार्ड नहीं। दिए गए विवरण के अनुसार आईएनएस कलवरी, खंडेरी, करंज, वेला, वागीर और वागशीर इसी श्रेणी का हिस्सा हैं। इसलिए प्रश्न में 'भारत में कहां बनाई जाती हैं' पूछते ही उत्तर प्रोजेक्ट-75 और मझगांव डॉक शिपबिल्डर्स, मुंबई से जुड़ता है।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) गार्डन रीच शिपबिल्डर्स, कोलकाता को यहां चुनना गलत है, क्योंकि दिए गए आधार में उसे फ्रिगेट और कॉर्वेट जैसे पोतों से जोड़ा गया है, स्कॉर्पीन पनडुब्बियों से नहीं।
  • (B) हिंदुस्तान शिपयार्ड, विशाखापत्तनम गलत है, क्योंकि दिए गए विवरण के अनुसार वह अन्य नौसैनिक पोतों से संबंधित है, जबकि स्कॉर्पीन पनडुब्बियों का निर्माण स्थल मझगांव डॉक है।
  • (D) कोचीन शिपयार्ड, कोची गलत है, क्योंकि दिए गए आधार में उसे आईएनएस विक्रांत जैसे विमानवाहक पोत से जोड़ा गया है, प्रोजेक्ट-75 की स्कॉर्पीन पनडुब्बियों से नहीं।

अवधारणा

यह प्रश्न रक्षा प्रौद्योगिकी और स्वदेशी नौसैनिक निर्माण के स्थलों की समझ जांचता है। RAS में ऐसे तथ्य इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि वे विज्ञान-प्रौद्योगिकी, रक्षा उत्पादन और सरकारी परियोजनाओं को सीधे जोड़ते हैं।

स्रोत