दिसंबर 2025 में रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा महत्वपूर्ण थी क्योंकि:
सही उत्तर: (B) रूस-यूक्रेन युद्ध के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा थी।
दिसंबर 2025 में व्लादिमीर पुतिन की भारत यात्रा इसलिए महत्वपूर्ण थी कि फरवरी 2022 में रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद यह उनकी पहली भारत यात्रा थी।
व्याख्या
दिए गए प्रश्न का केंद्र यात्रा की ऐतिहासिकता है, न कि सामान्य भारत-रूस संबंध। देखे गए स्रोत के अनुसार व्लादिमीर पुतिन 4-5 दिसंबर 2025 को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के साथ वार्षिक शिखर वार्ता के लिए भारत आने वाले थे, और यह रूस-यूक्रेन युद्ध शुरू होने के बाद उनकी पहली भारत यात्रा थी। इसी वजह से विकल्प B सही है। दिए गए स्पष्टीकरण में भी यही बात है कि प्रधानमंत्री मोदी ने रणनीतिक साझेदारी के 25 वर्ष पूरे होने के संदर्भ में पुतिन का स्वागत किया और यह 23वाँ भारत-रूस वार्षिक द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन था। इसलिए यात्रा का महत्व इस बात में था कि युद्ध के बाद पहली बार पुतिन भारत आए और वार्षिक द्विपक्षीय संवाद आगे बढ़ा।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) यह पहला भारत-रूस द्विपक्षीय शिखर सम्मेलन नहीं था, क्योंकि दिए गए स्पष्टीकरण और स्रोत में इसे 23वाँ भारत-रूस वार्षिक शिखर सम्मेलन बताया गया है।
- (C) स्रोत और स्पष्टीकरण यात्रा को वार्षिक शिखर वार्ता तथा रणनीतिक साझेदारी की समीक्षा से जोड़ते हैं; भारत के किसी रूसी सैन्य गठबंधन में शामिल होने की बात उनमें नहीं है।
- (D) दिए गए आधार में रूस द्वारा भारतीय क्षेत्र लौटाने का कोई उल्लेख नहीं है; महत्व युद्ध के बाद पुतिन की पहली भारत यात्रा और द्विपक्षीय शिखर वार्ता से जुड़ा था।
अवधारणा
यह प्रश्न अंतरराष्ट्रीय संबंधों में भारत-रूस संबंध और समसामयिक कूटनीतिक यात्राओं की समझ जांचता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न इसलिए बार-बार आते हैं क्योंकि शिखर सम्मेलन, युद्ध-परिस्थिति और रणनीतिक साझेदारी सीधे विदेश नीति की प्राथमिकताओं से जुड़े होते हैं।
