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RAS प्रश्न

राजस्थान की कठपुतली कला का उद्भव किस क्षेत्र में हुआ?

सही उत्तर: (D) नागौर (मारवाड़)।

राजस्थान की कठपुतली कला का उद्भव नागौर (मारवाड़) और उसके आसपास के क्षेत्र में माना जाता है।

  1. (A) शेखावाटी
  2. (B) हाड़ौती
  3. (C) मेवाड़
  4. (D) नागौर (मारवाड़)

व्याख्या

कठपुतली राजस्थान की लोक-रंगमंच परंपरा से जुड़ी धागों से चलाई जाने वाली लकड़ी की पुतली कला है। दिए गए विवरण और राजस्थान पर्यटन के स्रोत के अनुसार, इसका उद्भव वर्तमान नागौर और आसपास के क्षेत्र में माना जाता है, इसलिए नागौर (मारवाड़) सही उत्तर है। स्रोत यह भी बताता है कि भाट समुदाय ने लकड़ी की पुतलियों के माध्यम से इस कला का प्रदर्शन शुरू किया। इन प्रदर्शनों में कलाकार अपने संरक्षकों की प्रशंसा, वीर कथाएँ, लोककथाएँ और महाकाव्य प्रसंग सुनाते थे। आगे चलकर कठपुतली प्रदर्शन सामाजिक और नैतिक शिक्षा का माध्यम भी बने, क्योंकि इनमें निरक्षरता, दहेज, बेरोजगारी और महिला सशक्तीकरण जैसे मुद्दे भी शामिल किए गए।

बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं

  • (A) शेखावाटी को दिए गए विकल्प-विवरण में हवेली कला से जोड़ा गया है, जबकि कठपुतली का उद्भव नागौर (मारवाड़) बताया गया है।
  • (B) हाड़ौती को दिए गए विकल्प-विवरण में चित्रकला से जोड़ा गया है, इसलिए यह कठपुतली कला के उद्भव-क्षेत्र का उत्तर नहीं बनता।
  • (C) मेवाड़ के लिए अलग कला-परंपराएँ बताई गई हैं, जबकि कठपुतली की उत्पत्ति के लिए दिए गए विवरण में नागौर (मारवाड़) स्पष्ट है।

अवधारणा

यह प्रश्न राजस्थान की लोककला और क्षेत्रीय सांस्कृतिक पहचान की समझ जाँचता है। आरएएस में ऐसी कलाएँ बार-बार पूछी जाती हैं, क्योंकि वे क्षेत्र, समुदाय और परंपरा को सीधे जोड़ती हैं।

स्रोत