भारत का पहला जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है:
सही उत्तर: (D) नीलगिरि जैव मंडल आरक्षित (1986)।
भारत का पहला जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र है, जिसकी स्थापना 1986 में हुई थी।
व्याख्या
यह प्रश्न नाम याद करने से ज़्यादा काल-क्रम पूछता है। दिए गए विवरण में नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र को 1986 में भारत का पहला जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र बताया गया है; यह तमिलनाडु, केरल और कर्नाटक के हिस्सों में फैला है और मुदुमलाई, वायनाड, नागरहोल तथा बांदीपुर राष्ट्रीय उद्यानों से जुड़ता है। पर्यावरण एवं वन मंत्रालय के 1987-88 वार्षिक प्रतिवेदन में भी नीलगिरि जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र को 1986 में स्थापित बताया गया है और तमिलनाडु, कर्नाटक, केरल को उसके लागू कार्यक्रमों तथा प्रबंधन योजनाओं के लिए अनुदान का उल्लेख है। उसी प्रतिवेदन में नंदा देवी को उस वर्ष स्थापित और सुंदरबन को परियोजना दस्तावेज चरण में बताया गया है, इसलिए 1986 वाला नीलगिरि क्रम में पहले आता है।
बाक़ी विकल्प ग़लत क्यों हैं
- (A) नंदा देवी पहला नहीं है, क्योंकि मंत्रालय के प्रतिवेदन में उसे 1986 के नीलगिरि के बाद, 1987-88 के दौरान स्थापित बताया गया है।
- (B) सुंदरबन पहला नहीं है, क्योंकि उसी प्रतिवेदन में वह स्थापित आरक्षित क्षेत्र नहीं बल्कि परियोजना दस्तावेज अंतिम होने के चरण में दिखता है।
- (C) मन्नार की खाड़ी पहला नहीं हो सकता, क्योंकि दिए गए विवरण में उसका काल-क्रम नीलगिरि 1986 के बाद रखा गया है।
अवधारणा
यह पर्यावरण भूगोल में संरक्षित क्षेत्रों के काल-क्रम और जैवमंडल आरक्षित क्षेत्र की अवधारणा जाँचता है। आरएएस में ऐसे प्रश्न बार-बार आते हैं क्योंकि राष्ट्रीय उद्यान, आरक्षित क्षेत्र और संरक्षण कार्यक्रमों को अक्सर तथ्यात्मक क्रम से पूछा जाता है।
