132. कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न (निवारण, प्रतिषेध एवं प्रतितोषण) अधिनियम 2013 (धाराएँ 1–9, 11–20)
Prevention, Prohibition and Redressal of Sexual Harassment of Women at Workplace Act 2013 (Sections 1–9, 11–20)मूल मुख्य बिंदु
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POSH अधिनियम 2013 को सर्वोच्च न्यायालय के विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997) निर्णय में दिए विशाखा दिशा-निर्देशों को वैधानिक रूप देने हेतु बनाया गया।
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"यौन उत्पीड़न" (धारा 2(n)) में शारीरिक संपर्क, यौन अनुकूलताओं की माँग, अश्लील टिप्पणियाँ, अश्लील सामग्री दिखाना, तथा अन्य अवांछित यौन आचरण शामिल हैं।
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"कार्यस्थल" (धारा 2(o)) में नियोक्ता के कार्यालय, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, खेल संस्थान तथा रोजगार के दौरान जाई जाने वाली कोई भी जगह शामिल है।
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"पीड़ित महिला" (धारा 2(a)) किसी भी आयु की महिला है — कर्मचारी हो या न हो; घरेलू कामगार को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।
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10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक नियोक्ता को आंतरिक शिकायत समिति (ICC) गठित करनी होती है — महिला अध्यक्ष, कम-से-कम आधी सदस्य महिलाएँ, एक बाहरी सदस्य अनिवार्य (धारा 4)।
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जहाँ 10 से कम कर्मचारी हों या शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध हो, वहाँ स्थानीय शिकायत समिति (LCC) को धारा 6 के तहत जिला अधिकारी गठित करता है।
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शिकायत घटना के 3 महीनों के अंदर करनी होती है (पर्याप्त कारण पर 6 माह तक बढ़ाई जा सकती है); लिखित शिकायत अनिवार्य पर असमर्थता में सहायता का प्रावधान (धारा 9)।
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ICC/LCC को 60 दिनों में जाँच पूरी करनी होती है; इसे CPC 1908 के तहत दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियाँ — गवाह बुलाना, दस्तावेज जाँचना — प्राप्त हैं (धारा 11)।
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सुलह (धारा 10): जाँच से पहले पीड़ित महिला के अनुरोध पर ICC/LCC सुलह करा सकती है — लेकिन केवल धन समझौता पर्याप्त नहीं; यह नियोक्ता द्वारा दबाव से सुरक्षा है।
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नियोक्ता के दायित्व (धारा 19) में: दंड परिणामों की जानकारी प्रदर्शित करना, जागरूकता कार्यक्रम, सुरक्षित कार्य परिस्थिति, शिकायत में सहायता, सेवा नियमों में दुर्व्यवहार का उल्लेख।
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ICC/LCC की सिफारिश पर नियोक्ता: सेवा नियमों के तहत कार्रवाई, मुआवजे हेतु वेतन कटौती, ICC न बनाने पर ₹50,000 जुर्माना और दोबारा उल्लंघन पर दोगुना (धारा 26)।
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विशाखा दिशा-निर्देश (1997) ने नियोक्ताओं पर तीन दायित्व तय किए: यौन उत्पीड़न परिभाषित करना, शिकायत तंत्र स्थापित करना, कर्मचारी शिक्षा — POSH अधिनियम ने इन्हें विस्तृत वैधानिक व्यवस्था में बदल दिया।
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1 5M कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 में "यौन उत्पीड़न" क्या है? अधिनियम में उल्लिखित पाँच रूप बताइए।
आदर्श उत्तर
POSH अधिनियम 2013 की धारा 2(n) के अनुसार यौन उत्पीड़न में कोई भी अवांछित यौन प्रकृति का आचरण शामिल है। पाँच रूप: (1) शारीरिक संपर्क; (2) यौन अनुकूलताओं की माँग; (3) अश्लील टिप्पणियाँ; (4) अश्लील सामग्री दिखाना; (5) अन्य अवांछित आचरण। इसमें अनुकूल व्यवहार का आश्वासन या प्रतिकूल धमकी भी शामिल है।
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