मुख्य बिंदु

  1. 1

    POSH अधिनियम 2013 को सर्वोच्च न्यायालय के विशाखा बनाम राजस्थान राज्य (1997) निर्णय में दिए विशाखा दिशा-निर्देशों को वैधानिक रूप देने हेतु बनाया गया।

  2. 2

    "यौन उत्पीड़न" (धारा 2(n)) में शारीरिक संपर्क, यौन अनुकूलताओं की माँग, अश्लील टिप्पणियाँ, अश्लील सामग्री दिखाना, तथा अन्य अवांछित यौन आचरण शामिल हैं।

  3. 3

    "कार्यस्थल" (धारा 2(o)) में नियोक्ता के कार्यालय, सरकारी कार्यालय, अस्पताल, शिक्षण संस्थान, खेल संस्थान तथा रोजगार के दौरान जाई जाने वाली कोई भी जगह शामिल है।

  4. 4

    "पीड़ित महिला" (धारा 2(a)) किसी भी आयु की महिला है — कर्मचारी हो या न हो; घरेलू कामगार को भी स्पष्ट रूप से शामिल किया गया है।

  5. 5

    10 या अधिक कर्मचारियों वाले प्रत्येक नियोक्ता को आंतरिक शिकायत समिति (ICC) गठित करनी होती है — महिला अध्यक्ष, कम-से-कम आधी सदस्य महिलाएँ, एक बाहरी सदस्य अनिवार्य (धारा 4)।

  6. 6

    जहाँ 10 से कम कर्मचारी हों या शिकायत नियोक्ता के विरुद्ध हो, वहाँ स्थानीय शिकायत समिति (LCC) को धारा 6 के तहत जिला अधिकारी गठित करता है।

  7. 7

    शिकायत घटना के 3 महीनों के अंदर करनी होती है (पर्याप्त कारण पर 6 माह तक बढ़ाई जा सकती है); लिखित शिकायत अनिवार्य पर असमर्थता में सहायता का प्रावधान (धारा 9)।

  8. 8

    ICC/LCC को 60 दिनों में जाँच पूरी करनी होती है; इसे CPC 1908 के तहत दीवानी न्यायालय जैसी शक्तियाँ — गवाह बुलाना, दस्तावेज जाँचना — प्राप्त हैं (धारा 11)।

  9. 9

    सुलह (धारा 10): जाँच से पहले पीड़ित महिला के अनुरोध पर ICC/LCC सुलह करा सकती है — लेकिन केवल धन समझौता पर्याप्त नहीं; यह नियोक्ता द्वारा दबाव से सुरक्षा है।

  10. 10

    नियोक्ता के दायित्व (धारा 19) में: दंड परिणामों की जानकारी प्रदर्शित करना, जागरूकता कार्यक्रम, सुरक्षित कार्य परिस्थिति, शिकायत में सहायता, सेवा नियमों में दुर्व्यवहार का उल्लेख।

  11. 11

    ICC/LCC की सिफारिश पर नियोक्ता: सेवा नियमों के तहत कार्रवाई, मुआवजे हेतु वेतन कटौती, ICC न बनाने पर ₹50,000 जुर्माना और दोबारा उल्लंघन पर दोगुना (धारा 26)।

  12. 12

    विशाखा दिशा-निर्देश (1997) ने नियोक्ताओं पर तीन दायित्व तय किए: यौन उत्पीड़न परिभाषित करना, शिकायत तंत्र स्थापित करना, कर्मचारी शिक्षा — POSH अधिनियम ने इन्हें विस्तृत वैधानिक व्यवस्था में बदल दिया।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 5M कार्यस्थल पर महिलाओं का यौन उत्पीड़न अधिनियम 2013 में "यौन उत्पीड़न" क्या है? अधिनियम में उल्लिखित पाँच रूप बताइए। 5 अंक · 50 शब्द

आदर्श उत्तर

POSH अधिनियम 2013 की धारा 2(n) के अनुसार यौन उत्पीड़न में कोई भी अवांछित यौन प्रकृति का आचरण शामिल है। पाँच रूप: (1) शारीरिक संपर्क; (2) यौन अनुकूलताओं की माँग; (3) अश्लील टिप्पणियाँ; (4) अश्लील सामग्री दिखाना; (5) अन्य अवांछित आचरण। इसमें अनुकूल व्यवहार का आश्वासन या प्रतिकूल धमकी भी शामिल है।

~50 words • 5 marks