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मुख्य बिंदु
केंद्र-राज्य प्रशासनिक संबंध — अनुच्छेद 256 (केंद्रीय कानूनों का अनुपालन), 257 (केंद्रीय कार्यपालिका में बाधा नहीं), 258 (केंद्र राज्यों को शक्तियाँ सौंप सकता है); AIS (अनुच्छेद 312) — केंद्र-राज्य कार्मिक सेतु।
सरकारिया आयोग (1983–87) — केंद्र-राज्य संबंध; AIS का संरक्षण; अंतर-राज्य परिषद; अनुच्छेद 356 का सीमित प्रयोग। पुंछी आयोग (2007–10) — सरकारिया की समीक्षा; अनुच्छेद 356 दुरुपयोग रोकने पर बल।
मंत्री-लोकसेवक संबंध — शास्त्रीय सिद्धांत: मंत्री नीति, लोकसेवक सलाह एवं क्रियान्वयन; तटस्थता, स्थायित्व, गुमनामी। भारत में तनाव: दलगत क्रियान्वयन, उत्तरदायित्व-भय से विलंब, नीति-प्रशासन की रेखा अस्पष्ट।
सामान्यज्ञ-विशेषज्ञ बहस — सामान्यज्ञ (IAS): प्रशासनिक व्यापकता; विशेषज्ञ (डॉक्टर, इंजीनियर): डोमेन गहराई; पॉल अप्पलेबी (1953) व प्रथम ARC (1966) — सामान्यज्ञ के पक्ष में; अशोक मेहता — विशेषज्ञ नेतृत्व; 2nd ARC — डोमेन विशेषज्ञता।
प्रशासनिक सुधार — प्रथम ARC (1966–70): 20 रिपोर्ट; PM विभाग, DOPT; द्वितीय ARC (2005–08): 15 रिपोर्ट; नीतिशास्त्र, RTI, स्थानीय प्रशासन, ई-गवर्नेंस।
सामाजिक लेखापरीक्षा — MKSS (राजस्थान) द्वारा प्रवर्तन (1990 का दशक); MGNREGS (धारा 17) — 6 माह में एक बार ग्राम सभा जन-सुनवाई अनिवार्य; मस्टर रोल, बिल, वास्तविक कार्य की जाँच; नागरिक जवाबदेही।
AIS और केंद्र-राज्य तनाव — IAS/IPS राज्य काडर, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति; केंद्र सेवा नियम एवं वरिष्ठ पदोन्नति नियंत्रित करता है; राज्यों को आपत्ति; सरकारिया आयोग — AIS को संघ की एकता के धागे के रूप में संरक्षित करने की सिफारिश।
अंतर-राज्य परिषद (अनुच्छेद 263) — 1990 में स्थापित; अध्यक्ष: PM; सभी CM सदस्य; 1990 से केवल 11 बार बैठक; पुंछी आयोग — वर्ष में कम से कम 3 बार।
वेबरियन मॉडल बनाम भारतीय वास्तविकता — आदर्श नौकरशाही: पदानुक्रमिक, नियम-बद्ध, तटस्थ। भारत में: अतिकेंद्रीकरण, राजनैतिक हस्तक्षेप, लालफीताशाही। NPM सुधार — बाजार तंत्र, नागरिक चार्टर, ई-गवर्नेंस।
पॉल अप्पलेबी रिपोर्ट (1953, 1956) — भारतीय प्रशासन का अमेरिकी PA विशेषज्ञ द्वारा अध्ययन; सिफारिशें: PM विभाग; सामान्यज्ञ का बचाव; राजनैतिक उत्तरदायित्व पर बल।
