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भूगोल

रबी फसलें

राजस्थान की कृषि: प्रमुख फसलें, उत्पादन, वितरण

पेपर II · इकाई 3 अनुभाग 6 / 16 PYQ-शैली 43 मिनट

सार्वजनिक अनुभाग पूर्वावलोकन

रबी फसलें

रबी फसलें अक्टूबर–नवंबर में बोई जाती हैं और मार्च–अप्रैल में काटी जाती हैं। सिंचित पूर्वी और उत्तरी क्षेत्रों में राजस्थान की रबी उत्पादकता खरीफ से बेहतर है। राज्य सरसों, जौ और मसाला फसलों में राष्ट्रीय स्तर पर प्रभुत्वशाली स्थान रखता है।

5.1 सरसों / रेपसीड

सरसों और रेपसीड (Brassica juncea / napus) क्षेत्रफल और राष्ट्रीय महत्व दोनों दृष्टि से राजस्थान की सबसे महत्वपूर्ण एकल रबी फसल है। राजस्थान भारत में सरसों का #1 उत्पादक है, जो भारत के कुल रेपसीड-सरसों उत्पादन का लगभग 46.13% योगदान देता है (राजस्थान आर्थिक समीक्षा 2025-26)।

  • जिले: भरतपुर, अलवर, जयपुर, सीकर, अजमेर, करौली, टोंक, दौसा, सवाई माधोपुर — पूर्वी राजस्थान का वर्चस्व
  • राष्ट्रीय संदर्भ: भारत विश्व का चौथा सबसे बड़ा रेपसीड उत्पादक है; राजस्थान का प्रभुत्व इसे भारत की खाद्य तेल आपूर्ति की रीढ़ बनाता है
  • प्रसंस्करण: राजस्थान में पर्याप्त सरसों तेल पेराई उद्योग है; अलवर और भरतपुर प्रमुख सरसों मंडी केंद्र हैं
  • सरकारी नीति: सरसों के लिए MSP (2024-25 में ₹5,650/क्विंटल) खेती को प्रोत्साहित करती है; PM-OILSEED योजना तिलहन आत्मनिर्भरता बढ़ाती है

2026 की रबी गर्मी की लहर (फरवरी–मार्च 2026 भारत का 1901 के बाद तीसरा सबसे शुष्क फरवरी था, तापमान सामान्य से 8–13°C अधिक) ने राजस्थान में सरसों की उपज को गंभीर खतरे में डाला, जो दाने भरने की अवस्था में जलवायु तनाव के प्रति फसल की संवेदनशीलता को दर्शाता है।

5.2 गेहूँ

गेहूँ (Triticum aestivum) रबी में राजस्थान की प्राथमिक खाद्यान्न फसल है। राजस्थान गेहूँ उत्पादन में भारत में लगभग पाँचवें–छठे स्थान पर है (पंजाब, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के बाद)।

  • जिले: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, भरतपुर, अलवर, जयपुर, सीकर — सिंचित क्षेत्रों में सर्वाधिक उत्पादन
  • बाधा: गेहूँ को सुनिश्चित सिंचाई की आवश्यकता है; इसका क्षेत्र जल उपलब्धता से सीमित है
  • किस्में: K-9107, DBW-17, राज 4038, WH-542 — राजस्थान की परिस्थितियों के लिए राज्य-अनुशंसित किस्में

5.3 जौ

जौ (Hordeum vulgare) — राजस्थान भारत में जौ उत्पादन में #1 राज्य है, यह स्थिति वह लगातार बनाए रखता है। राजस्थान में जौ का प्रतिस्पर्धात्मक लाभ: यह गेहूँ की तुलना में क्षारीय/लवणीय मिट्टी, कम जल उपलब्धता और उच्च तापमान को बेहतर सहन करता है।

  • जिले: जयपुर, अलवर, भरतपुर, टोंक, सवाई माधोपुर, दौसा
  • उपयोग: पशु चारा, माल्ट उत्पादन (बीयर/व्हिस्की उद्योग — राजस्थान का जौ राज्य और पड़ोसी राज्यों की माल्ट इकाइयों को खिलाता है), जौ का आटा, और पारंपरिक राजस्थानी भोजन (रबड़ी, सत्तू)
  • क्षेत्र: प्रति वर्ष ~8–10 लाख हेक्टेयर

5.4 चना / छोले

चना (Cicer arietinum) भारत की सबसे महत्वपूर्ण दलहन फसल है। राजस्थान चना उत्पादन में भारत में तीसरे स्थान पर है।

  • जिले: श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़, बीकानेर, नागौर, चूरू, बाड़मेर — उत्तर-पश्चिमी और मध्य राजस्थान
  • प्रकार: देसी (भूरा, छोटे दाने) और काबुली (सफेद, बड़े दाने, प्रीमियम मूल्य)
  • महत्व: राजस्थानी ग्रामीण आहार में प्रमुख प्रोटीन स्रोत; बेसन (चने का आटा) के रूप में राजस्थानी व्यंजनों में भी उपयोग

5.5 जीरा

जीरा (Cuminum cyminum) — राजस्थान भारत में #1 जीरा उत्पादक राज्य है, जो मुख्यतः Zone I-A (जोधपुर, बाड़मेर, जालौर, नागौर, अजमेर) में उगाया जाता है। भारत विश्व का सबसे बड़ा जीरा उत्पादक, उपभोक्ता और निर्यातक है; राजस्थान और गुजरात मिलकर ~95% भारतीय जीरा उत्पादन करते हैं।

  • राजस्थान का हिस्सा: भारत के जीरा क्षेत्र का ~30–35%
  • जिले: जोधपुर, बाड़मेर, नागौर, अजमेर, पाली, जालौर
  • बाजार: जोधपुर और बीकानेर प्रमुख जीरा व्यापार केंद्र; भारतीय जीरा का निर्यात मध्य पूर्व, EU और USA को

5.6 धनिया

धनिया (Coriandrum sativum) — राजस्थान भारत में #1 धनिया उत्पादक है। हाड़ौती क्षेत्र (बारां, झालावाड़, कोटा) प्राथमिक धनिया पट्टी है।

  • जिले: बारां, झालावाड़, कोटा, बूंदी — दक्षिण-पूर्वी राजस्थान
  • राष्ट्रीय संदर्भ: भारत विश्व का सबसे बड़ा धनिया उत्पादक है; राजस्थान का भारत में वर्चस्व
  • प्रसंस्करण: धनिया को सुखाया जाता है (धनिया साबुत), पीसा जाता है (धनिया पाउडर), और भाप-आसवन से आवश्यक तेल निकाला जाता है

5.7 मेथी

मेथी (Trigonella foenum-graecum) — राजस्थान भारत का सबसे बड़ा मेथी उत्पादक है, मुख्यतः नागौर, सीकर, अजमेर, बाड़मेर में। नागौर भारत की सबसे बड़ी मेथी मंडी है। भारत वैश्विक मेथी निर्यात में अग्रणी है।