मुख्य बिंदु

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    राजस्थान का सुनवाई का अधिकार अधिनियम 2012 भारत का पहला ऐसा कानून था, जो निश्चित समयसीमा में सुनवाई को बाध्यकारी बनाता है।

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    जन सूचना पोर्टल (2019) — भारत का पहला सक्रिय प्रकटीकरण मंच — RTI आवेदन के बिना 100+ विभागों की जानकारी देता है।

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    जन आधार मंच पर 175+ योजनाएं एकीकृत; ₹78,300+ करोड़ का लेनदेन; 7+ करोड़ लाभार्थी पंजीकृत।

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    2024-25 में DBT: 99 राज्य + 51 केंद्रीय योजनाओं में 5.71 करोड़ लाभार्थियों को ₹27,494.31 करोड़ हस्तांतरित।

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    ई-मित्र एकल-खिड़की मंच 55,000+ केंद्रों द्वारा 450+ सरकारी सेवाएं प्रदान करता है।

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    राज-काज पोर्टल: 9.8 लाख उपयोगकर्ता, 56,500+ कार्यालय, 77 विभाग; 28.8 लाख+ इलेक्ट्रॉनिक फाइलें।

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    RGDPS अधिनियम 2011 — 277 अधिसूचित सेवाओं की समयबद्ध आपूर्ति की गारंटी।

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    जनसुनवाई (2024): 2,41,088 शिकायतें प्राप्त; 2,40,678 निस्तारित — 99.8% निस्तारण दर।

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    आईस्टार्ट राजस्थान स्टार्टअप पारितंत्र में 5,500+ पंजीकृत स्टार्टअप हैं; उद्योग संवर्धन और आंतरिक व्यापार विभाग की स्टार्टअप इंडिया राज्य रैंकिंग 2023 में राजस्थान शीर्ष 5 राज्यों में शामिल रहा।

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    अपना खाता पोर्टल — सभी 33 जिलों में भूमि अभिलेखों का डिजिटलीकरण; नकल ऑनलाइन उपलब्ध।

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    राजस्थान में ग्रामीण इंटरनेट पहुँच ~38% — डिजिटल विभाजन की प्रमुख बाधा।

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    राजस्थान IT नीति 2024 — 2030 तक ₹1 लाख करोड़ IT निवेश और 5 लाख रोजगार का लक्ष्य।

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    राज संपर्क पोर्टल — 181 हेल्पलाइन सहित एकीकृत शिकायत निवारण मंच।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 5M जन सूचना पोर्टल क्या है? इसे पारदर्शी शासन में मील का पत्थर क्यों माना जाता है? 5 अंक · 50 शब्द

आदर्श उत्तर

जन सूचना पोर्टल (2019) भारत का पहला सक्रिय प्रकटीकरण मंच है जो 100+ विभागों की जानकारी RTI आवेदन के बिना देता है। यह लाभार्थी सूचियाँ, पात्रता और सरकारी निर्णय स्वतः प्रकट करता है — RTI अधिनियम 2005 की धारा 4 की भावना को पूरा करता है और प्रतिक्रियात्मक से सक्रिय पारदर्शिता में परिवर्तन लाता है।

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