मुख्य बिंदु

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    विश्व परिवहन तंत्र को समुद्री मार्ग, नहर, अंतर्देशीय जलमार्ग, महाद्वीपीय रेलमार्ग, वायु गलियारे, पाइपलाइन और माल गलियारे के रूप में समझा जाता है।

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    स्वेज नहर मार्ग 1869 में खुला और मिस्र में भूमध्य सागर को लाल सागर से जोड़ता है; इससे यूरोप-एशिया यातायात में केप ऑफ गुड होप मार्ग की दूरी कम हुई।

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    पनामा नहर मार्ग 1914 में खुला और पनामा के आर-पार अटलांटिक-कैरिबियाई भाग को प्रशांत भाग से जोड़ता है।

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    कील नहर 1895 में उत्तरी सागर और बाल्टिक सागर के बीच खुली और जर्मनी के भीतर छोटा समुद्री मार्ग देती है।

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    सेंट लॉरेंस सीवे 1959 में खुला और ग्रेट लेक्स प्रणाली को अटलांटिक पहुँच से जोड़ने वाला कनाडा-संयुक्त राज्य अमेरिका जलमार्ग है।

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    रूर से रॉटरडैम तक राइन जलमार्ग यूरोप के औद्योगिक क्षेत्र को उत्तरी सागर बंदरगाह से जोड़ता है।

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    ट्रांस-साइबेरियन, कनाडियन पैसिफिक और संयुक्त राज्य अमेरिका पहला ट्रांसकॉन्टिनेंटल रेलमार्ग संसाधन क्षेत्रों को बंदरगाहों और बाजारों से जोड़ते हैं।

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    उत्तर अटलांटिक समुद्री मार्ग घना व्यापार मार्ग है; मलक्का और हॉर्मुज संकरे मार्ग एशियाई व्यापार और ऊर्जा के लिए रणनीतिक हैं।

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    चैनल टनल 1994 में खुली और अंग्रेजी चैनल के नीचे ब्रिटेन तथा फ्रांस को रेल से जोड़ती है।

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    राजस्थान से गुजरता पश्चिमी समर्पित माल गलियारा रेवाड़ी, अजमेर, फुलेरा, मारवाड़ और पालनपुर को दिल्ली-मुंबई माल धुरी से जोड़ता है।

तंत्र का आधार: साधन, लागत, धरातल और नोड

परिवहन तंत्र उन लिंक और नोडों का पैटर्न है जिनसे लोग, कच्चा माल, ऊर्जा और तैयार वस्तुएँ चलती हैं। लिंक में समुद्री मार्ग, रेल पटरियाँ, नहर, नदी, वायु गलियारे, सड़क और पाइपलाइन आते हैं; नोड में बंदरगाह, जंक्शन, लॉक, दर्रा, टर्मिनल, औद्योगिक क्षेत्र और बाजार आते हैं। भारी और कम मूल्य वाले माल के लिए जल परिवहन उपयोगी है क्योंकि महासागर में मार्ग निर्माण नहीं करना पड़ता। रेलमार्ग वहाँ भारी अंतर्देशीय माल ढुलाई करते हैं जहाँ सतत पटरी और खिंचाव उपलब्ध हो। वायु परिवहन पर्वत, हिम क्षेत्र और मरुस्थल की बाधा पार करता है, पर अधिक महँगा रहता है। पाइपलाइन द्रव और गैस को बार-बार लदान के बिना ले जाती हैं। इसी ढाँचे से उत्तर अटलांटिक समुद्री मार्ग, स्वेज नहर मार्ग, पनामा नहर मार्ग, रूर से रॉटरडैम तक राइन जलमार्ग, ट्रांस-साइबेरियन रेलमार्ग और कनाडियन पैसिफिक रेलमार्ग समझे जाते हैं। अच्छे तंत्र में विकल्प भी रहता है: स्वेज बाधित हो तो जहाज केप ऑफ गुड होप से जा सकते हैं और यात्री रेल भीड़भाड़ में अलग माल पटरी भारी माल संभाल सकती है। तंत्र की घनता आर्थिक गुरुत्व से भी बनती है: उद्योग दोतरफा माल, कृषि मौसमी भारी माल और ऊर्जा बेसिन सतत प्रवाह देते हैं। राजस्थान में यही तर्क पश्चिमी समर्पित माल गलियारे में दिखता है, जहाँ रेवाड़ी, फुलेरा, अजमेर, मारवाड़ और पालनपुर मिलकर माल धुरी बनाते हैं।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ प्रत्येक नहर या सीवे को उसके सही संपर्क से मिलाइए।
  1. A स्वेज: भूमध्य-लाल सागर; पनामा: अटलांटिक-प्रशांत; कील: उत्तरी सागर-बाल्टिक; सेंट लॉरेंस: ग्रेट लेक्स-अटलांटिक सही उत्तर
  2. B स्वेज: अटलांटिक-प्रशांत; पनामा: भूमध्य-लाल सागर; कील: ग्रेट लेक्स-अटलांटिक; सेंट लॉरेंस: उत्तरी सागर-बाल्टिक
  3. C स्वेज: उत्तरी सागर-बाल्टिक; पनामा: ग्रेट लेक्स-अटलांटिक; कील: भूमध्य-लाल सागर; सेंट लॉरेंस: अटलांटिक-प्रशांत
  4. D स्वेज: फारस की खाड़ी-ओमान की खाड़ी; पनामा: हिंद महासागर-दक्षिण चीन सागर; कील: अटलांटिक-प्रशांत; सेंट लॉरेंस: भूमध्य-लाल सागर

व्याख्या

विकल्प क चारों मानक संपर्क सही रखता है। स्वेज भूमध्य और लाल सागर को, पनामा अटलांटिक और प्रशांत पक्षों को, कील उत्तरी सागर और बाल्टिक सागर को तथा सेंट लॉरेंस ग्रेट लेक्स को अटलांटिक पहुँच से जोड़ता है। विकल्प ख स्वेज और पनामा को बदलता है और उत्तरी जलमार्गों को गलत रखता है। विकल्प ग चारों संपर्कों को वास्तविक जल निकायों से दूर घुमाता है। विकल्प घ दो प्राकृतिक जलडमरूमध्य को कृत्रिम नहरों से मिला देता है।