मुख्य बिंदु

  1. 1

    आर्थिक वृद्धि को वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद, नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद, सकल राष्ट्रीय आय, प्रति व्यक्ति आय, स्थिर पूंजी निर्माण और उत्पादकता से मापा जाता है।

  2. 2

    भारत — सकल घरेलू उत्पाद के नाममात्र मूल्य पर विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था बजट 2023-24 के बाद प्रमुख समसामयिक आधार बना।

  3. 3

    वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद वृद्धि वित्त वर्ष 2024-25 (प्रथम अग्रिम अनुमान) में 6.4% को अंतिम आँकड़ा नहीं, अग्रिम अनुमान मानना चाहिए।

  4. 4

    विकसित भारत @ 2047 उच्च आय, सामाजिक क्षमता, ऊर्जा संक्रमण और राज्यों की भागीदारी को जोड़ता है।

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    सतत विकास लक्ष्य (एसडीजी) — भारत एसडीजी सूचकांक 2023-24 वृद्धि को गरीबी, स्वास्थ्य, लिंग-समानता, जलवायु और संस्थाओं से जोड़ता है।

  6. 6

    पंचवर्षीय योजनाएं (1951-2017) और नीति आयोग योजना-आवंटन से सहकारी संघवाद की ओर बदलाव दिखाते हैं।

  7. 7

    मानव विकास सूचकांक 2023-24 (भारत), गिनी गुणांक भारत (एचसीईएस 2022-23) और वैश्विक भूख सूचकांक 2024 (भारत) वृद्धि की गुणवत्ता जाँचते हैं।

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    भारत का नेट जीरो 2070 संकल्प एवं पंचामृत सतत विकास को केवल पर्यावरण नहीं, विकास-रणनीति का विषय बनाते हैं।

वृद्धि मापन और अर्थव्यवस्था की रैंक

आर्थिक वृद्धि की शुरुआत उत्पादन-मापन से होती है, नारे से नहीं। वास्तविक सकल घरेलू उत्पाद कीमतों के बदलाव को हटाकर बताता है कि उत्पादन सच में बढ़ा या नहीं; नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद उत्पादन और कीमत, दोनों को लेकर वैश्विक आकार की तुलना में काम आता है। सकल राष्ट्रीय आय विदेश से शुद्ध कारक आय जोड़ती या घटाती है, जबकि शुद्ध राष्ट्रीय आय और प्रति व्यक्ति आय कल्याण-क्षमता समझाते हैं। इसलिए रैंक बताते समय आधार स्पष्ट होना चाहिए: भारत — सकल घरेलू उत्पाद के नाममात्र मूल्य पर विश्व की पाँचवीं सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था डॉलर-आधारित नाममात्र रैंक है, जबकि क्रय-शक्ति समता में भारत पहले से ऊपर रहा है।

बजट 2023-24 के भाषण ने यह आधार तय किया कि भारतीय अर्थव्यवस्था नौ वर्षों में 10वें से 5वें स्थान पर पहुँची और प्रति व्यक्ति आय 1.97 लाख रुपये से अधिक हो गई। इसका अर्थ यह नहीं कि हर परिवार पाँचवें स्थान जितना समृद्ध है; अर्थ यह है कि बाजार-मूल्य पर कुल उत्पादन उस रैंक तक पहुँचा। बाद में भारत — विश्व की चौथी सबसे बड़ी अर्थव्यवस्था (आईएमएफ डब्ल्यूईओ अप्रैल 2025) का आधार जापान को नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद में पार करने की अपेक्षा रहा। 2025 के अंत तक आधिकारिक सामग्री भारत को लगभग 4.18 लाख करोड़ डॉलर की अर्थव्यवस्था के साथ चौथा स्थान बताने लगी थी।

राजस्थान इस रैंक को राज्य-स्तर पर ठोस बनाता है। फलोदी जिले का भड़ला सौर पार्क 2,245 मेगावाट क्षमता के साथ उत्पादन, निवेश और स्वच्छ ऊर्जा क्षमता में योगदान देता है। इसलिए राष्ट्रीय रैंक का प्रश्न राजस्थान के सौर पार्क, सीमेंट पट्टी और सेवा गतिविधि से भी जुड़ता है।

संभावित RAS प्रश्न

PYQ रुझान और 2026 पाठ्यक्रम विश्लेषण पर आधारित

1 MCQ भारत के 10वें से 5वें स्थान पर पहुँचने वाले कथन को कौन-सा मापन आधार सही बनाता है?
  1. A बाजार विनिमय दर पर नाममात्र सकल घरेलू उत्पाद सही उत्तर
  2. B मानव विकास सूचकांक मान
  3. C वैश्विक भूख सूचकांक अंक
  4. D उपभोग का गिनी गुणांक

व्याख्या

विकल्प क सही है क्योंकि यह कथन नाममात्र बाजार-मूल्य पर अर्थव्यवस्था के कुल आकार से जुड़ा है। मानव विकास सूचकांक क्षमता मापता है, वैश्विक भूख सूचकांक पोषण तनाव देखता है और गिनी वितरण मापता है; ये 10वें से 5वें आकार-रैंक का आधार नहीं हैं।