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केंद्र सरकार मंत्रालय - भारी उद्योग

सिंटर्ड दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुम्बक (REPM) निर्माण संवर्धन योजना

शुभारंभ 2025-11-26
सारांश

उद्देश्य: भारत में 6,000 MTPA एकीकृत REPM निर्माण क्षमता स्थापित करना, EV, नवीकरणीय ऊर्जा, रक्षा में प्रयुक्त महत्वपूर्ण खनिजों पर आयात निर्भरता कम करना। बजट: कुल ₹7,280 करोड़ — ₹6,450 करोड़ (5 वर्षों में बिक्री-लिंक्ड प्रोत्साहन) + ₹750 करोड़ (पूँजी सब्सिडी)। मंजूरी: 26 नवंबर 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा। मुख्य विशेषताएँ: - भारत की पहली दुर्लभ पृथ्वी चुम्बक निर्माण योजना - क्षमता: 6,000 MTPA - वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली द्वारा 5 लाभार्थी (प्रत्येक 1,200 MTPA) - अवधि: 7 वर्ष (2 वर्ष स्थापना + 5 वर्ष प्रोत्साहन) - आत्मनिर्भर भारत और नेट जीरो 2070 के लिए रणनीतिक अनुप्रयोग: इलेक्ट्रिक वाहन, पवन टर्बाइन, रक्षा, एयरोस्पेस मंत्रालय: भारी उद्योग मंत्रालय

मुख्य बिंदु
  • भारत की पहली दुर्लभ पृथ्वी स्थायी चुम्बक (REPM) निर्माण योजना — 7,280 करोड़ रुपये का बजट — 5 वर्षों में 6,450 करोड़ रुपये बिक्री-लिंक्ड प्रोत्साहन और 750 करोड़ रुपये पूँजी सब्सिडी
  • 6,000 MTPA एकीकृत REPM निर्माण क्षमता स्थापित करने हेतु 26 नवंबर 2025 को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा अनुमोदित
  • वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से अधिकतम 5 लाभार्थी चयनित (प्रत्येक 1,200 MTPA) — 7 वर्ष की अवधि (2 वर्ष जेस्टेशन + 5 वर्ष प्रोत्साहन)
  • दुर्लभ पृथ्वी ऑक्साइड से धातु रूपांतरण तक एकीकृत निर्माण; आत्मनिर्भर भारत और नेट जीरो 2070 के लिए रणनीतिक
  • इलेक्ट्रिक वाहनों, पवन टर्बाइनों, रक्षा, एयरोस्पेस, उपभोक्ता इलेक्ट्रॉनिक्स और चिकित्सा उपकरणों में अनुप्रयोग
  • भारी उद्योग मंत्रालय कार्यान्वयन मंत्रालय है
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

दुर्लभ पृथ्वी चुम्बक निर्माण योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य भारत में 6,000 मीट्रिक टन प्रति वर्ष एकीकृत निर्माण क्षमता स्थापित करना और महत्वपूर्ण खनिजों पर आयात निर्भरता कम करना है।

इस योजना का कुल बजट कितना है?

योजना का कुल बजट ₹7,280 करोड़ है। इसमें ₹6,450 करोड़ बिक्री-लिंक्ड प्रोत्साहन और ₹750 करोड़ पूँजी सब्सिडी के रूप में बताए गए हैं।

योजना को कब मंजूरी मिली?

इस योजना को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 26 नवंबर 2025 को मंजूरी दी। यह भारत की पहली दुर्लभ पृथ्वी चुम्बक निर्माण योजना बताई गई है।

योजना में कितने लाभार्थी चुने जा सकते हैं?

योजना में वैश्विक प्रतिस्पर्धी बोली के माध्यम से 5 लाभार्थी चुने जा सकते हैं, जिनमें प्रत्येक के लिए 1,200 मीट्रिक टन प्रति वर्ष क्षमता बताई गई है।

इन चुम्बकों के प्रमुख अनुप्रयोग क्या हैं?

संदर्भ में इनके अनुप्रयोग इलेक्ट्रिक वाहन, पवन टर्बाइन, रक्षा और एयरोस्पेस में बताए गए हैं। योजना भारी उद्योग मंत्रालय से संबंधित है।

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