राजस्थान परिपत्र अर्थव्यवस्था प्रोत्साहन योजना 2025
**उद्देश्य:** व्यवसायों, उद्योगों और स्टार्टअप्स को परिपत्र अर्थव्यवस्था प्रथाओं को अपनाने, अपशिष्ट को कम करने और संसाधन उपयोग को अधिकतम करने के लिए प्रोत्साहित करना। **बजट:** पुनर्चक्रण/पुन: उपयोग में R&D के लिए 2 करोड़ रुपये तक का अनुदान। **प्रमुख विशेषताएं:** - पुनर्चक्रण और अपशिष्ट कमी पर केंद्रित पात्र परियोजनाओं के लिए वित्तीय और गैर-वित्तीय प्रोत्साहन - अपशिष्ट को प्राथमिक कच्चे माल के रूप में उपयोग करने वाली विनिर्माण इकाइयां प्रोत्साहन के लिए पात्र - परिपत्र अर्थव्यवस्था का समर्थन करने वाली नवीन मशीनरी/प्रौद्योगिकी का निर्माण - परिपत्र अर्थव्यवस्था अनुसंधान में विशेषज्ञ उत्कृष्टता केंद्र और संस्थान - परिपत्र अर्थव्यवस्था में लगे स्टार्टअप्स और MSMEs के लिए ब्याज सब्सिडी - सभी जिला मुख्यालयों पर वेस्ट टू वेल्थ पार्क स्थापित किए जाएंगे **पात्रता:** मानदंड पूरा करने वाली नई और विस्तार इकाइयां। **लाभार्थी:** राजस्थान में MSMEs, स्टार्टअप्स, उद्योग और अनुसंधान संस्थान। **कार्यान्वयन एजेंसी:** राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड / पर्यावरण विभाग। **अधिसूचित:** 2025, राजस्थान बजट 2025-26 (19 फरवरी, 2025) में घोषित।
- राजस्थान सर्कुलर इकोनॉमी प्रोत्साहन योजना 2025 — व्यवसायों को सर्कुलर इकोनॉमी प्रथाओं को अपनाने हेतु प्रोत्साहित कर सतत विकास को बढ़ावा।
- पुनर्चक्रण एवं पुनः उपयोग में R&D हेतु ₹2 करोड़ तक अनुदान; पात्र परियोजनाओं के लिए वित्तीय एवं गैर-वित्तीय प्रोत्साहन।
- कच्चे माल के रूप में अपशिष्ट का उपयोग करने वाली विनिर्माण इकाइयाँ और सर्कुलर इकोनॉमी हेतु नवीन मशीनरी/प्रौद्योगिकी प्रोत्साहन-पात्र।
- सर्कुलर इकोनॉमी अनुसंधान में विशेषज्ञ उत्कृष्टता केंद्र एवं संस्थानों को सहायता।
- सभी जिला मुख्यालयों पर वेस्ट टू वेल्थ पार्क स्थापित किए जाएँगे; स्टार्टअप्स एवं MSMEs के लिए ब्याज सब्सिडी।
- राजस्थान बजट 2025-26 में घोषित; राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड / पर्यावरण विभाग द्वारा कार्यान्वित।
राजस्थान परिपत्र अर्थव्यवस्था प्रोत्साहन योजना 2025 का उद्देश्य क्या है?
योजना का उद्देश्य व्यवसायों, उद्योगों और स्टार्टअप्स को परिपत्र अर्थव्यवस्था अपनाने, अपशिष्ट घटाने और संसाधन उपयोग बढ़ाने के लिए प्रोत्साहित करना है।
पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग के लिए कितना अनुदान बताया गया है?
संदर्भ में पुनर्चक्रण और पुन: उपयोग संबंधी अनुसंधान एवं विकास के लिए 2 करोड़ रुपये तक के अनुदान का उल्लेख है।
इस योजना में किस तरह की इकाइयां पात्र हो सकती हैं?
अपशिष्ट को प्राथमिक कच्चे माल के रूप में उपयोग करने वाली विनिर्माण इकाइयां, नई या विस्तार इकाइयां और परिपत्र अर्थव्यवस्था अनुसंधान संस्थान पात्र बताए गए हैं।
योजना के लाभार्थी कौन हैं?
राजस्थान में सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यम, स्टार्टअप्स, उद्योग और अनुसंधान संस्थान इस योजना के लाभार्थी बताए गए हैं।
योजना का क्रियान्वयन कौन करता है?
इस योजना की क्रियान्वयन एजेंसी राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और पर्यावरण विभाग बताई गई है।
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