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राजस्थान राज्य Rajasthan विभाग - कृषि

राज-एम्स - राजस्थान कृषि सूचना एवं प्रबंधन प्रणाली

शुभारंभ 2026-02-11
सारांश

**उद्देश्य:** AI और उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग करके डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से राजस्थान की कृषि का आधुनिकीकरण। **प्रमुख विशेषताएं:** - AI-संचालित फसल निगरानी और सलाहकार प्रणाली - फसल स्वास्थ्य, मिट्टी की नमी और मौसम पैटर्न के लिए उपग्रह-आधारित वास्तविक समय निगरानी - सटीक खेती के लिए डिजिटल कृषि मिशन - जलवायु-सकारात्मक खेती को प्रोत्साहित करने के लिए कार्बन क्रेडिट पायलट परियोजना के साथ एकीकरण - जलवायु-लचीली कृषि पर जोर देने वाले कृषि 2.0 ढांचे का हिस्सा - GI टैगिंग और बाजार पहुंच के लिए मिशन राज GIFT से पूरक - कस्टम हायरिंग सेंटर: आधुनिक कृषि उपकरण पहुंच के लिए 1,000 नए केंद्र **लाभार्थी:** राजस्थान भर के किसान, विशेषकर आधुनिक कृषि सहायता चाहने वाले लघु किसान। **कार्यान्वयन एजेंसी:** राजस्थान कृषि विभाग। **घोषणा:** राजस्थान बजट 2026-27 (11 फरवरी, 2026)।

मुख्य बिंदु
  • राज-एम्स एक AI संचालित फसल निगरानी एवं परामर्श प्रणाली है जो उपग्रह आधारित रियल-टाइम निगरानी से फसल स्वास्थ्य, मृदा नमी और मौसम पैटर्न की जानकारी देती है।
  • राजस्थान के कृषि 2.0 फ्रेमवर्क का हिस्सा जो जलवायु-अनुकूल कृषि और सटीक खेती पर बल देता है।
  • जलवायु-सकारात्मक कृषि पद्धतियों को प्रोत्साहित करने हेतु कार्बन क्रेडिट पायलट परियोजना से एकीकृत।
  • राजस्थान के कृषि उत्पादों के GI टैगिंग और बाज़ार पहुँच हेतु मिशन राज GIFT द्वारा पूरक।
  • आधुनिक कृषि उपकरण पहुँच हेतु 1,000 नए कस्टम हायरिंग सेंटर शामिल।
  • राजस्थान बजट 2026-27 (11 फरवरी, 2026) में घोषित, राजस्थान कृषि विभाग द्वारा कार्यान्वित।
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

राज-एम्स योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य कृत्रिम बुद्धिमत्ता और उपग्रह प्रौद्योगिकी का उपयोग करके डिजिटल परिवर्तन के माध्यम से राजस्थान की कृषि का आधुनिकीकरण करना है।

राज-एम्स में फसल निगरानी कैसे की जाएगी?

योजना में कृत्रिम बुद्धिमत्ता-संचालित फसल निगरानी और सलाहकार प्रणाली के साथ उपग्रह-आधारित वास्तविक समय निगरानी शामिल है।

इस योजना में किन कृषि पहलुओं की निगरानी होगी?

संदर्भ के अनुसार फसल स्वास्थ्य, मिट्टी की नमी और मौसम पैटर्न की निगरानी उपग्रह-आधारित प्रणाली से की जाएगी।

राज-एम्स किन किसानों के लिए उपयोगी है?

लाभार्थी राजस्थान भर के किसान हैं, विशेषकर वे लघु किसान जो आधुनिक कृषि सहायता और सटीक खेती से जुड़ा समर्थन चाहते हैं।

इस योजना में कस्टम हायरिंग सेंटर का क्या प्रावधान है?

आधुनिक कृषि उपकरणों तक पहुंच के लिए 1,000 नए कस्टम हायरिंग सेंटर का प्रावधान किया गया है।

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