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केंद्र सरकार मंत्रालय - सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना

शुभारंभ 2023-09-17
सारांश

- **उद्देश्य**: पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को उत्पादों और सेवाओं के विस्तार के लिए संपूर्ण सहायता प्रदान करना - **मुख्य विशेषताएं**: मान्यता (प्रमाणपत्र और ID कार्ड); कौशल उन्नयन (40-घंटे बुनियादी + 120-घंटे उन्नत प्रशिक्षण); टूलकिट अनुदान ₹15,000; ज़मानत-मुक्त ऋण - **ऋण सहायता**: प्रथम किश्त ₹1 लाख (18 माह पुनर्भुगतान), दूसरी किश्त ₹2 लाख (30 माह पुनर्भुगतान); 5% ब्याज दर, 8% सरकारी सब्वेंशन - **पात्र व्यापार**: 18 पारंपरिक व्यापार श्रेणियां — बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, दर्जी, नाई, नाव बनाने वाले आदि - **डिजिटल प्रोत्साहन**: ₹1 प्रति डिजिटल लेनदेन (अधिकतम 100/माह); प्रशिक्षण वज़ीफा ₹500/दिन - **प्रगति**: 17 सितंबर 2025 को दूसरी वर्षगांठ; ~30 लाख कारीगर पंजीकृत; 2.72 करोड़ आवेदन

मुख्य बिंदु
  • प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को प्रमाणपत्र और पहचान पत्र सहित समग्र सहायता प्रदान करती है
  • 40 घंटे की बुनियादी और 120 घंटे की उन्नत प्रशिक्षण के माध्यम से कौशल उन्नयन — 500 रुपये/दिन वजीफा; 15,000 रुपये का टूलकिट अनुदान
  • बिना गारंटी ऋण: पहली किस्त 1 लाख रुपये (18 महीने पुनर्भुगतान), दूसरी किस्त 2 लाख रुपये (30 महीने पुनर्भुगतान) — 5% ब्याज पर 8% सरकारी सबवेंशन के साथ
  • पात्र ट्रेड श्रेणियाँ 18 से बढ़ाकर 25 की गईं — बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, दर्जी, नाई और नाव बनाने वाले शामिल
  • कैशलेस अपनाने को प्रोत्साहित करने के लिए प्रति माह 100 लेनदेन तक प्रति डिजिटल लेनदेन 1 रुपये का डिजिटल प्रोत्साहन
  • प्रगति: 17 सितंबर 2025 को दूसरी वर्षगाँठ; लगभग 30 लाख कारीगर पंजीकृत, 2.72 करोड़ आवेदन प्राप्त
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना का उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को अपने उत्पादों और सेवाओं के विस्तार के लिए संपूर्ण सहायता प्रदान करना है।

योजना में कौशल उन्नयन के लिए क्या प्रशिक्षण है?

संदर्भ के अनुसार इसमें 40-घंटे का बुनियादी प्रशिक्षण और 120-घंटे का उन्नत प्रशिक्षण शामिल है।

प्रधानमंत्री विश्वकर्मा योजना में टूलकिट सहायता कितनी है?

योजना में कारीगरों के लिए ₹15,000 का टूलकिट अनुदान दिया गया है, साथ ही ज़मानत-मुक्त ऋण सहायता भी शामिल है।

इस योजना में ऋण सहायता कैसे दी जाती है?

पहली किश्त ₹1 लाख की है जिसका पुनर्भुगतान 18 माह में है। दूसरी किश्त ₹2 लाख की है जिसका पुनर्भुगतान 30 माह में है।

कौन से पारंपरिक कार्य इस योजना में शामिल हैं?

पात्र व्यापार 18 से बढ़ाकर 25 श्रेणियां किए गए हैं, जिनमें बढ़ई, लोहार, सुनार, कुम्हार, मोची, राजमिस्त्री, दर्जी और नाई शामिल हैं।

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