प्रधानमंत्री मुद्रा योजना (PMMY) – आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
**उद्देश्य:** गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म/लघु उद्यमों को बिना संपार्श्विक के संस्थागत ऋण प्रदान करना। **प्रमुख उपलब्धियां (आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26):** - अक्टूबर 2025 तक 55.45 करोड़ ऋण खातों में 36.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक वितरित - स्थापना (अप्रैल 2015) से: 52 करोड़ से अधिक ऋण स्वीकृत, 32.61 लाख करोड़ रुपये - नई 'तरुण प्लस' श्रेणी (10 लाख से 20 लाख रुपये तक ऋण) **तीन ऋण श्रेणियां:** 1. **शिशु** – 50,000 रुपये तक 2. **किशोर** – 50,001 से 5 लाख रुपये 3. **तरुण** – 5 लाख से 10 लाख रुपये 4. **तरुण प्लस** (नई) – 10 लाख से 20 लाख रुपये **प्रमुख विशेषताएं:** - 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए कोई संपार्श्विक नहीं - सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, RRBs, MFIs और NBFCs के माध्यम से उपलब्ध - मुद्रा कार्ड रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा के रूप में कार्यशील पूंजी प्रदान करता है **मंत्रालय:** वित्त मंत्रालय। **शुभारंभ:** 8 अप्रैल, 2015। **लाभार्थी:** विनिर्माण, व्यापार, सेवाओं में सूक्ष्म/लघु उद्यमी।
- PMMY गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म/लघु उद्यमों को बिना गारंटी संस्थागत ऋण प्रदान करती है — अक्टूबर 2025 तक 55.45 करोड़ ऋण खातों में 36.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक वितरित
- चार ऋण श्रेणियाँ: शिशु (50,000 रुपये तक), किशोर (50,001 से 5 लाख रुपये), तरुण (5 लाख से 10 लाख रुपये) और नया तरुण प्लस (10 लाख से 20 लाख रुपये)
- 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए कोई गारंटी आवश्यक नहीं; सभी अनुसूचित वाणिज्यिक बैंकों, RRB, MFI और NBFC के माध्यम से उपलब्ध
- मुद्रा कार्ड NCGTC के माध्यम से ऋण गारंटी के साथ रिवॉल्विंग क्रेडिट सुविधा के रूप में कार्यशील पूँजी प्रदान करता है
- स्थापना (अप्रैल 2015) से: 32.61 लाख करोड़ रुपये मूल्य के 52 करोड़ से अधिक ऋण मंजूर
- वित्त मंत्रालय के अंतर्गत; 8 अप्रैल 2015 को लॉन्च
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना का उद्देश्य क्या है?
इस योजना का उद्देश्य गैर-कॉर्पोरेट, गैर-कृषि सूक्ष्म और लघु उद्यमों को बिना संपार्श्विक के संस्थागत ऋण उपलब्ध कराना है।
मुद्रा योजना के तहत अक्टूबर 2025 तक कितना ऋण वितरित हुआ?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार अक्टूबर 2025 तक 55.45 करोड़ ऋण खातों में 36.18 लाख करोड़ रुपये से अधिक वितरित किए गए।
इस योजना की ऋण श्रेणियां कौन-कौन सी हैं?
इसमें शिशु, किशोर, तरुण और नई तरुण प्लस श्रेणी शामिल हैं। तरुण प्लस में 10 लाख से 20 लाख रुपये तक ऋण का प्रावधान है।
क्या इस योजना में संपार्श्विक देना पड़ता है?
संदर्भ के अनुसार 10 लाख रुपये तक के ऋण के लिए कोई संपार्श्विक आवश्यक नहीं है, जिससे छोटे उद्यमियों को ऋण सुविधा मिलती है।
प्रधानमंत्री मुद्रा योजना किन लाभार्थियों के लिए है?
यह योजना विनिर्माण, व्यापार और सेवाओं में लगे सूक्ष्म तथा लघु उद्यमियों के लिए है और वित्त मंत्रालय से संबंधित है।
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