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केंद्र सरकार मंत्रालय - आवास एवं शहरी मामले

प्रधानमंत्री आवास योजना – शहरी 2.0 (PMAY-U 2.0)

Pradhan Mantri Awas Yojana – Urban 2.0 (PMAY-U 2.0)

शुभारंभ: 2024-09-01

सारांश

उद्देश्य: 5 वर्षों (2024-2029) में शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को 1 करोड़ आवासों के लिए वित्तीय सहायता प्रदान कर 'सबके लिए आवास' प्राप्त करना। बजट: कुल ₹10 लाख करोड़ निवेश; सरकारी सहायता ₹2.30 लाख करोड़। अनुमोदन: 9 अगस्त 2024। कार्यान्वयन: 1 सितंबर 2024 से। मुख्य विशेषताएँ — चार अवयव: 1. लाभार्थी आधारित निर्माण (BLC): EWS परिवार अपनी भूमि पर निर्माण; केंद्रीय सहायता ₹2.50 लाख/इकाई (NE/पर्वतीय राज्यों में ₹2.25 लाख) 2. साझेदारी में किफायती आवास (AHP): सार्वजनिक-निजी सहयोग से EWS इकाइयाँ 3. किफायती किराया आवास (ARH): श्रमिकों, प्रवासियों, निम्न-आय समूहों के लिए 4. ब्याज सब्सिडी योजना (ISS): ₹8 लाख तक के ऋण पर 12 वर्ष तक 4% ब्याज सब्सिडी; अधिकतम ₹1.80 लाख सब्सिडी प्रति लाभार्थी पात्रता: • EWS: वार्षिक आय ₹3 लाख तक • LIG: ₹3–6 लाख • MIG: ₹6–9 लाख • भारत में कहीं भी पक्का घर न हो दिसंबर 2025 प्रगति: 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 13.61 लाख से अधिक आवास स्वीकृत।

English Summary

Objective: Provide financial assistance for 1 crore houses to urban poor and middle-class families over 5 years (2024–2029) to achieve 'Housing for All'. Budget: ₹10 lakh crore total investment; Government assistance of ₹2.30 lakh crore. Approved: August 9, 2024. Implementation: September 1, 2024 onwards. Key Features — Four Verticals: 1. Beneficiary-Led Construction (BLC): Individual EWS families build on own land; Central assistance ₹2.50 lakh/unit (₹2.25 lakh for NE/Himalayan states) 2. Affordable Housing in Partnership (AHP): EWS units via public-private collaboration 3. Affordable Rental Housing (ARH): Rental units for workers, migrants, low-income groups 4. Interest Subsidy Scheme (ISS): 4% interest subsidy on first ₹8 lakh loan up to 12 years; max ₹1.80 lakh subsidy per beneficiary Eligibility: • EWS: Annual income up to ₹3 lakh • LIG: ₹3–6 lakh • MIG: ₹6–9 lakh • Must not own pucca house anywhere in India December 2025 Progress: Over 13.61 lakh houses sanctioned across 16 states/UTs.

मुख्य बिंदु

  • PMAY-U 2.0 — 9 अगस्त, 2024 को अनुमोदित, 5 वर्षों (2024-2029) में शहरी गरीब एवं मध्यम वर्ग के परिवारों को 1 करोड़ आवास हेतु वित्तीय सहायता।
  • कुल ₹10 लाख करोड़ का निवेश, सरकारी सहायता ₹2.30 लाख करोड़।
  • चार वर्टिकल: लाभार्थी-नेतृत्व निर्माण (BLC) ₹2.50 लाख/यूनिट, साझेदारी में सस्ती आवास (AHP), सस्ती किराया आवास (ARH), और ब्याज सब्सिडी योजना (ISS) — पहले ₹8 लाख ऋण पर 4% सब्सिडी।
  • आय आधारित पात्रता: EWS ₹3 लाख तक, LIG ₹3-6 लाख, MIG ₹6-9 लाख; भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए।
  • दिसंबर 2025 तक 16 राज्यों/केंद्र शासित प्रदेशों में 13.61 लाख से अधिक आवास स्वीकृत।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी 2.0 का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य 2024-2029 के 5 वर्षों में शहरी गरीब और मध्यम वर्ग के परिवारों को 1 करोड़ आवासों के लिए वित्तीय सहायता देना है।
इस योजना का बजट कितना है?
संदर्भ के अनुसार कुल निवेश ₹10 लाख करोड़ है और सरकारी सहायता ₹2.30 लाख करोड़ है। कार्यान्वयन 1 सितंबर 2024 से शुरू हुआ।
योजना में कौन से प्रमुख आवास विकल्प हैं?
मुख्य अवयवों में अपनी भूमि पर निर्माण, सार्वजनिक-निजी सहयोग से किफायती आवास, किराया आवास और ब्याज सब्सिडी शामिल हैं।
ब्याज सब्सिडी में क्या लाभ है?
ब्याज सब्सिडी में ₹8 लाख तक के ऋण पर 12 वर्ष तक 4% सहायता दी जाती है, और प्रति लाभार्थी अधिकतम ₹1.80 लाख सब्सिडी है।
पात्रता में घर के स्वामित्व की शर्त क्या है?
पात्र परिवार के पास भारत में कहीं भी पक्का घर नहीं होना चाहिए। आय वर्गों के लिए ₹3 लाख, ₹3-6 लाख और ₹6-9 लाख की सीमाएं दी गई हैं।

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