प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY)
- रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन योजना, 1 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित, 1 अगस्त 2025 से प्रभावी - कुल परिव्यय: 2 वर्षों में 99,446 करोड़ रुपये (अगस्त 2025 - जुलाई 2027) - लक्ष्य: 3.5 करोड़ से अधिक नौकरियों का सृजन; 1.92 करोड़ पहली बार EPFO कर्मचारी - भाग A (कर्मचारी): पहली बार EPFO पंजीकृत कर्मचारी जो 1 लाख/माह तक कमाते हैं, उन्हें एक माह का EPF वेतन (अधिकतम 15,000 रुपये) दो किस्तों में - भाग B (नियोक्ता): प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए 2 वर्ष तक 3,000 रुपये/माह; विनिर्माण क्षेत्र को 3-4 वर्ष का विस्तार - प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस (15 अगस्त 2025) पर लाल किले से घोषणा की - श्रम एवं रोजगार मंत्रालय नोडल मंत्रालय है
- प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना (PM-VBRY) — केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा 1 जुलाई 2025 को ₹99,446 करोड़ कुल परिव्यय के साथ 2 वर्षों (अगस्त 2025-जुलाई 2027) के लिए अनुमोदित।
- लक्ष्य: 3.5 करोड़ से अधिक रोज़गार सृजन, जिसमें 1.92 करोड़ पहली बार EPFO कामगार शामिल।
- भाग A (कर्मचारी): ₹1 लाख/माह तक वेतन पाने वाले पहली बार EPFO कामगारों को एक माह का EPF वेतन (अधिकतम ₹15,000) दो किस्तों में।
- भाग B (नियोक्ता): 2 वर्षों के लिए प्रति अतिरिक्त कर्मचारी ₹3,000/माह तक; विनिर्माण क्षेत्र को वर्ष 3-4 के लिए विस्तार।
- न्यूनतम नियुक्ति आवश्यकता: 50 से कम कर्मचारियों वाली फर्मों के लिए 2 कर्मचारी या 50+ कर्मचारियों वाली फर्मों के लिए 5 कर्मचारी, 6 माह तक बनाए रखें।
- कर्मचारियों के लिए आधार द्वारा DBT और नियोक्ताओं के लिए PAN द्वारा भुगतान; श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय नोडल मंत्रालय।
प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना क्या है?
यह रोजगार संबद्ध प्रोत्साहन योजना है, जिसे केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 1 जुलाई 2025 को मंजूरी दी और 1 अगस्त 2025 से प्रभावी किया।
इस योजना का नोडल मंत्रालय कौन सा है?
इस योजना का नोडल मंत्रालय श्रम एवं रोजगार मंत्रालय है, जो रोजगार सृजन और प्रोत्साहन से जुड़े क्रियान्वयन का केंद्र है।
योजना का कुल परिव्यय कितना है?
इस योजना का कुल परिव्यय 2 वर्षों में 99,446 करोड़ रुपये है, जिसकी अवधि अगस्त 2025 से जुलाई 2027 तक बताई गई है।
कर्मचारी भाग में क्या लाभ है?
पहली बार पंजीकृत कर्मचारी, जो 1 लाख रुपये प्रतिमाह तक कमाते हैं, उन्हें एक माह का वेतन अधिकतम 15,000 रुपये तक दो किस्तों में मिलता है।
नियोक्ता भाग में क्या सहायता मिलती है?
नियोक्ता को प्रत्येक अतिरिक्त कर्मचारी के लिए 2 वर्ष तक 3,000 रुपये प्रतिमाह तक सहायता मिलती है; विनिर्माण क्षेत्र के लिए 3-4 वर्ष का विस्तार है।
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