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केंद्र सरकार मंत्रालय - आवास एवं शहरी मामले

प्रधानमंत्री स्ट्रीट वेंडर्स आत्मनिर्भर निधि (PM SVANidhi) - पुनर्गठित और विस्तारित

शुभारंभ 2025-08-27
सारांश

- 27 अगस्त 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा पुनर्गठन अनुमोदित - कुल परिव्यय: 7,332 करोड़ रुपये; ऋण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई - बढ़ी हुई ऋण संरचना: पहली किस्त 15,000 रुपये (10,000 से), दूसरी 25,000 रुपये (20,000 से), तीसरी 50,000 रुपये (अपरिवर्तित) - नया: दूसरे ऋण चुकौती के बाद 30,000 रुपये सीमा वाला UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड - डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन: खुदरा/थोक लेनदेन पर 1,600 रुपये तक - लक्ष्य: 1.15 करोड़ लाभार्थी, जिसमें 50 लाख नए स्ट्रीट वेंडर शामिल - क्षमता निर्माण: उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल कौशल, FSSAI के साथ स्वच्छता प्रशिक्षण - आवास और शहरी मामलों का मंत्रालय और DFS संयुक्त रूप से कार्यान्वयन करते हैं

मुख्य बिंदु
  • PM SVANidhi पुनर्गठित और 27 अगस्त 2025 को केंद्रीय कैबिनेट द्वारा कुल 7,332 करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ विस्तारित; ऋण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई
  • बढ़ी हुई ऋण संरचना: पहली किस्त 15,000 रुपये (10,000 रुपये से), दूसरी किस्त 25,000 रुपये (20,000 रुपये से), तीसरी किस्त 50,000 रुपये अपरिवर्तित
  • दूसरे ऋण के पुनर्भुगतान के बाद 30,000 रुपये की सीमा वाला नया UPI-लिंक्ड RuPay क्रेडिट कार्ड; 1,600 रुपये तक की डिजिटल कैशबैक प्रोत्साहन राशि
  • लक्ष्य: 50 लाख नए स्ट्रीट वेंडर सहित 1.15 करोड़ लाभार्थी; FSSAI के साथ उद्यमिता और डिजिटल कौशल प्रशिक्षण सहित क्षमता निर्माण
  • जुलाई 2025 तक प्रगति: 68 लाख+ वेंडरों को 96 लाख+ ऋण (13,797 करोड़ रुपये); 47 लाख डिजिटल रूप से सक्रिय लाभार्थी
  • आवासन और शहरी कार्य मंत्रालय एवं वित्तीय सेवा विभाग द्वारा संयुक्त रूप से कार्यान्वित
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

प्रधानमंत्री स्वनिधि का पुनर्गठन कब अनुमोदित हुआ?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 27 अगस्त 2025 को प्रधानमंत्री स्वनिधि के पुनर्गठन को अनुमोदित किया। यह योजना स्ट्रीट वेंडर्स के लिए कार्यशील पूंजी सहायता से जुड़ी है।

पुनर्गठित योजना का कुल परिव्यय और ऋण अवधि क्या है?

कुल परिव्यय 7,332 करोड़ रुपये है। ऋण अवधि 31 मार्च 2030 तक बढ़ाई गई है, जिससे स्ट्रीट वेंडर्स को विस्तारित सहायता मिलती है।

इस योजना में ऋण संरचना कैसे बदली गई है?

पहली किस्त 15,000 रुपये, दूसरी किस्त 25,000 रुपये और तीसरी किस्त 50,000 रुपये बताई गई है। पहली और दूसरी किस्त पहले की तुलना में बढ़ाई गई हैं।

दूसरे ऋण की चुकौती के बाद क्या नई सुविधा मिलती है?

दूसरे ऋण की चुकौती के बाद 30,000 रुपये सीमा वाला यूपीआई-लिंक्ड रुपे क्रेडिट कार्ड मिलता है। डिजिटल लेनदेन पर 1,600 रुपये तक कैशबैक भी है।

पुनर्गठित प्रधानमंत्री स्वनिधि का लाभार्थी लक्ष्य क्या है?

लक्ष्य 1.15 करोड़ लाभार्थियों का है, जिसमें 50 लाख नए स्ट्रीट वेंडर शामिल हैं। क्षमता निर्माण में उद्यमिता, वित्तीय साक्षरता, डिजिटल कौशल और स्वच्छता प्रशिक्षण शामिल हैं।

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