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केंद्र सरकार मंत्रालय - भारी उद्योग

पीएम इलेक्ट्रिक ड्राइव रिवोल्यूशन इन इनोवेटिव व्हीकल एन्हांसमेंट (PM E-DRIVE) योजना

शुभारंभ 2024-10-01
सारांश

उद्देश्य: खरीदारों को मांग प्रोत्साहन प्रदान कर भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) को अपनाने में तेजी लाना और EV चार्जिंग अवसंरचना का समर्थन करना। बजट: दो वर्षों में ₹10,900 करोड़ (अक्टूबर 2024 – मार्च 2026), पूर्व FAME-II योजना का स्थान लेती है। मुख्य विशेषताएँ: • ई-2 व्हीलर (FY25 में ₹5,000/kWh, FY26 में ₹2,500/kWh), ई-3 व्हीलर, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक के लिए मांग प्रोत्साहन • 24.79 लाख ई-2W, 3.28 लाख ई-3W और 14,028 ई-बसों का समर्थन • देशव्यापी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना के लिए ₹2,000 करोड़ • परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन हेतु ₹780 करोड़ • पारदर्शी सब्सिडी हस्तांतरण के लिए आधार फेस ऑथेंटिकेशन सहित ई-वाउचर प्रणाली पात्रता: भारत में पंजीकृत पात्र इलेक्ट्रिक वाहनों के खरीदार; OEM को PM E-DRIVE पोर्टल पर पंजीकृत होना चाहिए। दिसंबर 2025 अपडेट: 22 दिसंबर 2025 तक 2,85,931 ई-3W (L5) को 2,88,809 के लक्ष्य के विरुद्ध समर्थन दिया गया। 31 दिसंबर 2025 तक OEM को ₹1,703 करोड़ की प्रतिपूर्ति।

मुख्य बिंदु
  • PM E-DRIVE योजना — ₹10,900 करोड़ बजट, 31 मार्च 2028 तक उसी परिव्यय में विस्तारित, पूर्व FAME-II योजना को प्रतिस्थापित कर भारत में इलेक्ट्रिक वाहन अपनाने में तेज़ी।
  • माँग प्रोत्साहन: ई-2 व्हीलर (FY25 में ₹5,000/kWh, FY26 में ₹2,500/kWh), ई-3 व्हीलर, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक — 24.79 लाख ई-2W, 3.28 लाख ई-3W और 14,028 ई-बसें कवर।
  • देशव्यापी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना हेतु ₹2,000 करोड़ और परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन हेतु ₹780 करोड़ आवंटित।
  • पारदर्शी सब्सिडी हस्तांतरण हेतु आधार फेस ऑथेंटिकेशन सहित ई-वाउचर प्रणाली; केवल उन्नत बैटरी वाले वाहन पात्र।
  • 30 दिसंबर 2025 तक 2,88,508 ई-3W (L5) बिके; L5 प्रोत्साहन 26 दिसंबर 2025 के बाद बंद और ई-2W तथा ई-3W हेतु OEMs को ₹1,703 करोड़ माँग प्रोत्साहन प्रतिपूर्ति।
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

पीएम ई-ड्राइव योजना का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस योजना का उद्देश्य खरीदारों को मांग प्रोत्साहन देकर भारत में इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने में तेजी लाना और चार्जिंग अवसंरचना को समर्थन देना है।

पीएम ई-ड्राइव योजना का बजट और अवधि क्या है?

योजना का बजट ₹10,900 करोड़ है। इसे 31 मार्च 2028 तक उसी परिव्यय में विस्तारित किया गया है और यह पहले की योजना का स्थान लेती है।

इस योजना में किन इलेक्ट्रिक वाहनों को प्रोत्साहन मिलता है?

संदर्भ के अनुसार ई-2 व्हीलर, ई-3 व्हीलर, ई-एम्बुलेंस और ई-ट्रक के लिए मांग प्रोत्साहन दिए जाते हैं। पात्र वाहन भारत में पंजीकृत होने चाहिए।

चार्जिंग अवसंरचना के लिए क्या प्रावधान है?

योजना में देशव्यापी इलेक्ट्रिक वाहन चार्जिंग अवसंरचना के लिए ₹2,000 करोड़ का प्रावधान है। परीक्षण एजेंसियों के उन्नयन के लिए ₹780 करोड़ भी रखे गए हैं।

इस योजना में सब्सिडी हस्तांतरण कैसे पारदर्शी बनाया गया है?

पारदर्शी सब्सिडी हस्तांतरण के लिए ई-वाउचर प्रणाली दी गई है, जिसमें आधार फेस ऑथेंटिकेशन शामिल है। पात्र खरीदारों और पंजीकृत निर्माताओं पर योजना लागू होती है।

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