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केंद्र सरकार मंत्रालय - इस्पात and भारी उद्योग

विशेष इस्पात के लिए PLI योजना — तीसरा दौर (PLI 1.2)

शुभारंभ 2025-11-04
सारांश

इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 4 नवंबर 2025 को विशेष इस्पात के लिए PLI योजना का तीसरा दौर शुरू किया। उद्देश्य: विशेष इस्पात के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, आयात कम करना और आत्मनिर्भर भारत के तहत उच्च-मूल्य इस्पात विनिर्माण में निवेश आकर्षित करना। प्रमुख विशेषताएं: - 5 खंडों में 22 उत्पाद उप-श्रेणियां (रणनीतिक इस्पात ग्रेड, वाणिज्यिक ग्रेड, कोटेड/वायर उत्पाद) - प्रोत्साहन: 5 वर्षों तक वृद्धिशील बिक्री का 4% से 15% - MSME और डाउनस्ट्रीम इकाइयों की भागीदारी के लिए संशोधित सीमाएं - आधार वर्ष 2019-20 से 2024-25 में अपडेट लाभार्थी: भारत में पंजीकृत कंपनियां जो एंड-टू-एंड विशेष इस्पात विनिर्माण में हैं बजट: 6,322 करोड़ रुपये (जुलाई 2021 में कैबिनेट मंजूरी से कुल परिव्यय) प्रभाव: पहले दो दौरों में 43,874 करोड़ रुपये का निवेश, 30,760 नौकरियां

मुख्य बिंदु
  • विशेष इस्पात के लिए PLI योजना का तीसरा दौर — 4 नवंबर 2025 को इस्पात एवं भारी उद्योग मंत्रालय द्वारा लॉन्च।
  • जुलाई 2021 में मंत्रिमंडल अनुमोदन से कुल परिव्यय ₹6,322 करोड़; 5 वर्षों तक वृद्धिशील बिक्री का 4% से 15% प्रोत्साहन।
  • 5 खंडों में 22 उत्पाद उप-श्रेणियाँ — रणनीतिक इस्पात ग्रेड, वाणिज्यिक ग्रेड, कोटेड एवं तार उत्पाद शामिल।
  • MSME एवं डाउनस्ट्रीम इकाई भागीदारी हेतु संशोधित सीमाएँ; आधार वर्ष 2019-20 से अद्यतन कर 2024-25।
  • पहले दो दौरों में ₹44,106 करोड़ निवेश प्रतिबद्धता, 33,460 प्रत्यक्ष रोजगार की गारंटी और 14.34 MT अतिरिक्त उत्पादन।
  • लॉन्च से 30 दिनों तक ऑनलाइन पोर्टल द्वारा आवेदन; FY 2025-26 से लाभ, FY 2026-27 से संवितरण।
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

विशेष इस्पात प्रोत्साहन योजना का तीसरा दौर कब शुरू हुआ?

इस्पात और भारी उद्योग मंत्री एच.डी. कुमारस्वामी ने 4 नवंबर 2025 को विशेष इस्पात प्रोत्साहन योजना का तीसरा दौर शुरू किया।

इस योजना का उद्देश्य क्या है?

योजना का उद्देश्य विशेष इस्पात के घरेलू उत्पादन को बढ़ावा देना, आयात कम करना और आत्मनिर्भर भारत के तहत उच्च-मूल्य इस्पात विनिर्माण में निवेश आकर्षित करना है।

योजना किन उत्पाद श्रेणियों को कवर करती है?

यह योजना 5 खंडों में 22 उत्पाद उप-श्रेणियों को कवर करती है, जिनमें रणनीतिक इस्पात ग्रेड, वाणिज्यिक ग्रेड और कोटेड या वायर उत्पाद शामिल हैं।

प्रोत्साहन की दर कितनी है?

संदर्भ के अनुसार प्रोत्साहन 5 वर्षों तक वृद्धिशील बिक्री का 4% से 15% तक है।

योजना का बजट और पहले दौरों का प्रभाव क्या है?

कुल परिव्यय 6,322 करोड़ रुपये है। पहले दो दौरों में 43,874 करोड़ रुपये निवेश और 30,760 नौकरियां बताई गई हैं।

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