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केंद्र सरकार मंत्रालय - कृषि एवं किसान कल्याण

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन (दालों में आत्मनिर्भरता मिशन)

शुभारंभ 2025-10-11
सारांश

**उद्देश्य:** दालों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना; घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात निर्भरता कम करना और किसानों की आय में सुधार। **बजट:** 11,440 करोड़ रुपये (2025-26 से 2030-31)। **लाभार्थी:** ~2 करोड़ दलहन किसान। **प्राथमिक फसलें:** तूर (अरहर), उड़द और मसूर। **मुख्य विशेषताएँ:** - उत्पादन लक्ष्य: 2030-31 तक 350 लाख टन (वर्तमान 252 लाख टन) - क्षेत्र विस्तार: 310 लाख हेक्टेयर (अतिरिक्त 35 लाख हेक्टेयर) - उपज लक्ष्य: 1,130 किग्रा/हेक्टेयर - 88 लाख मुफ्त बीज किट + 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज - PM-AASHA के तहत 4 वर्षों के लिए MSP पर तूर, उड़द, मसूर की 100% खरीद (NAFED/NCCF) - 1,000 प्रसंस्करण/पैकेजिंग इकाइयाँ (प्रत्येक को 25 लाख रुपये तक सब्सिडी) **पात्रता:** पंजीकृत दलहन किसान; भाग लेने वाले राज्यों में PM-AASHA के तहत खरीद।

मुख्य बिंदु
  • दालों में आत्मनिर्भरता मिशन — आयात निर्भरता कम करने हेतु 2025-26 से 2030-31 तक 11,440 करोड़ रुपये का बजट
  • लक्ष्य: उत्पादन 252 लाख टन से बढ़ाकर 350 लाख टन और 2030-31 तक क्षेत्रफल 310 लाख हेक्टेयर तक विस्तार
  • तूर, उड़द और मसूर पर ध्यान के साथ पूरे भारत में लगभग 2 करोड़ दलहन किसानों को लाभ
  • SATHI पोर्टल के माध्यम से 88 लाख मुफ्त बीज किट और 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज वितरित
  • PM-AASHA के तहत NAFED और NCCF के माध्यम से 4 वर्षों के लिए तूर, उड़द और मसूर की MSP पर 100% खरीद
  • मूल्य संवर्धन के लिए प्रति इकाई 25 लाख रुपये तक की सब्सिडी के साथ 1,000 प्रसंस्करण एवं पैकेजिंग इकाइयाँ
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का मुख्य उद्देश्य क्या है?

इस मिशन का उद्देश्य दालों में आत्मनिर्भरता प्राप्त करना, घरेलू उत्पादन बढ़ाना, आयात निर्भरता कम करना और दलहन किसानों की आय में सुधार करना है।

इस मिशन में किन फसलों पर प्राथमिक ध्यान है?

संदर्भ के अनुसार मिशन में तूर, उड़द और मसूर को प्राथमिक फसल माना गया है, ताकि दाल उत्पादन को मजबूत किया जा सके।

दलहन आत्मनिर्भरता मिशन का बजट कितना है?

इस मिशन के लिए 11,440 करोड़ रुपये का बजट बताया गया है, जो 2025-26 से 2030-31 की अवधि के लिए है।

इस योजना के लाभार्थी कौन हैं?

लाभार्थी पंजीकृत दलहन किसान हैं। संदर्भ में लगभग 2 करोड़ दलहन किसानों और भाग लेने वाले राज्यों में खरीद व्यवस्था का उल्लेख है।

मिशन में बीज और प्रसंस्करण से जुड़ी क्या सहायता दी गई है?

मिशन में 88 लाख मुफ्त बीज किट, 126 लाख क्विंटल प्रमाणित बीज और 1,000 प्रसंस्करण या पैकेजिंग इकाइयों को सहायता का प्रावधान बताया गया है।

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