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केंद्र सरकार मंत्रालय - इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0

शुभारंभ 2026-02-01
सारांश

**उद्देश्य:** भारत में सेमीकंडक्टर उपकरण और सामग्री का उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय IP डिजाइन और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना। **बजट:** FY 2026-27 के लिए 1,000 करोड़ रुपये; व्यापक सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन 40,000 करोड़ रुपये। **प्रमुख विशेषताएं:** - घरेलू स्तर पर उपकरण और सामग्री निर्माण - पूर्ण-स्टैक भारतीय सेमीकंडक्टर बौद्धिक संपदा डिजाइन - प्रौद्योगिकी और कुशल कार्यबल के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान और प्रशिक्षण केंद्र - ISM 1.0 की उपलब्धियों पर निर्मित - इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स विनिर्माण योजना का परिव्यय 22,919 करोड़ से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये **लाभार्थी:** सेमीकंडक्टर निर्माता, चिप डिजाइनर, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग, अनुसंधान संस्थान। **घोषणा:** केंद्रीय बजट 2026-27 (1 फरवरी, 2026)।

मुख्य बिंदु
  • इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन (ISM) 2.0 को FY 2026-27 के लिए 1,000 करोड़ रुपये मिले; व्यापक सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र सहायता 40,000 करोड़ रुपये
  • सेमीकंडक्टर उपकरणों और सामग्रियों के घरेलू निर्माण तथा पूर्ण-स्टैक भारतीय सेमीकंडक्टर बौद्धिक संपदा डिजाइन पर केंद्रित
  • इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का परिव्यय 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया
  • प्रौद्योगिकी विकास और कुशल कार्यबल निर्माण के लिए उद्योग-नेतृत्व वाले अनुसंधान एवं प्रशिक्षण केंद्र स्थापित
  • ISM 1.0 के नीति निर्माण से समेकन, तकनीकी गहराई और वैश्विक एकीकरण की ओर संक्रमण को दर्शाता है
  • केंद्रीय बजट 2026-27 (1 फरवरी 2026) में घोषित; सेमीकंडक्टर निर्माताओं, चिप डिजाइनरों और अनुसंधान संस्थानों को लाभ
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 का उद्देश्य क्या है?

इसका उद्देश्य भारत में सेमीकंडक्टर उपकरण और सामग्री का उत्पादन, पूर्ण-स्टैक भारतीय बौद्धिक संपदा डिजाइन और आपूर्ति श्रृंखलाओं को मजबूत करना है।

इस मिशन के लिए बजट क्या बताया गया है?

वित्त वर्ष 2026-27 के लिए 1,000 करोड़ रुपये आवंटित हैं, और व्यापक सेमीकंडक्टर पारिस्थितिकी तंत्र समर्थन 40,000 करोड़ रुपये बताया गया है।

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स योजना में क्या बदलाव हुआ?

इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स विनिर्माण योजना का परिव्यय 22,919 करोड़ रुपये से बढ़ाकर 40,000 करोड़ रुपये किया गया है।

इसके मुख्य लाभार्थी कौन हैं?

लाभार्थियों में सेमीकंडक्टर निर्माता, चिप डिजाइनर, इलेक्ट्रॉनिक्स उद्योग और अनुसंधान संस्थान शामिल हैं।

यह मिशन किस बदलाव पर केंद्रित है?

यह पहले चरण की नीति-निर्माण दिशा से आगे बढ़कर समेकन, तकनीकी गहराई और वैश्विक एकीकरण पर केंद्रित है।

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