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केंद्र सरकार मंत्रालय - वाणिज्य एवं उद्योग / मंत्रालय - विदेश मामले

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता (भारत-EU FTA)

शुभारंभ 2026-01-27
सारांश

27 जनवरी 2026 को भारत-EU शिखर सम्मेलन, हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में संपन्न। दुनिया का सबसे बड़ा FTA: 2 अरब लोग, ~25% वैश्विक GDP माल व्यापार (2024-25): USD 137 अरब | सेवाएं: USD 83 अरब भारतीय निर्यात के 99% मूल्य के लिए EU बाजार पहुंच EU द्वारा 96.6% माल पर टैरिफ समाप्ति बचत: शुल्क में प्रति वर्ष EUR 4 अरब तक कारें: भारत 5 वर्षों में 110% से 10% तक; 250,000 EU वाहन/वर्ष भारत लाभ: कपड़ा, चमड़ा, जूते, रत्नों पर शून्य-शुल्क वार्ता: 2007 में शुरू, ~19 वर्षों बाद संपन्न लंबित: EU काउंसिल, यूरोपीय संसद, भारत मंत्रिपरिषद

मुख्य बिंदु
  • भारत-EU FTA — 27 जनवरी 2026 को भारत-EU शिखर सम्मेलन, हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में संपन्न — 2 अरब लोगों एवं वैश्विक GDP के लगभग 25% को कवर करने वाला विश्व का सबसे बड़ा FTA।
  • वस्तु व्यापार (2024-25) USD 137 अरब और सेवाएँ USD 83 अरब; EU भारतीय निर्यात के 99% मूल्य पर बाज़ार पहुँच प्रदान करता है।
  • EU भारत को 96.6% वस्तुओं पर शुल्क समाप्त करेगा; प्रतिवर्ष EUR 4 बिलियन तक शुल्क बचत संभव।
  • भारत 5 वर्षों में कार आयात शुल्क 110% से घटाकर 10% — प्रतिवर्ष 2,50,000 EU वाहनों तक; भारत को वस्त्र, चमड़ा, जूते और रत्नों पर शून्य-शुल्क पहुँच।
  • वार्ता 2007 में शुरू, लगभग 19 वर्षों बाद संपन्न; EU काउंसिल, यूरोपीय संसद और भारत मंत्रिपरिषद द्वारा अनुसमर्थन लंबित।
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

भारत-यूरोपीय संघ मुक्त व्यापार समझौता कब संपन्न हुआ?

यह समझौता 27 जनवरी 2026 को भारत-यूरोपीय संघ शिखर सम्मेलन में हैदराबाद हाउस, नई दिल्ली में संपन्न हुआ।

इसे दुनिया का सबसे बड़ा मुक्त व्यापार समझौता क्यों बताया गया है?

संदर्भ में इसे 2 अरब लोगों और लगभग 25% वैश्विक सकल घरेलू उत्पाद से जुड़ा समझौता बताया गया है।

भारतीय निर्यात को इसमें क्या बाजार पहुंच मिलेगी?

भारतीय निर्यात के 99% मूल्य के लिए यूरोपीय संघ के बाजार तक पहुंच बताई गई है, जबकि यूरोपीय संघ की टैरिफ रियायतें लगभग 97% टैरिफ लाइनों और 99% से अधिक व्यापार मूल्य को कवर करती हैं।

भारत को किन क्षेत्रों में शून्य-शुल्क लाभ बताया गया है?

भारत को कपड़ा, चमड़ा, जूते और रत्नों में शून्य-शुल्क लाभ बताया गया है। यह लाभ भारतीय निर्यात से जुड़े क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है।

कारों और शुल्क बचत से जुड़े मुख्य बिंदु क्या हैं?

संदर्भ के अनुसार शुल्क में प्रति वर्ष 4 अरब यूरो तक की बचत हो सकती है। कारों में भारत 5 वर्षों में शुल्क 110% से 10% तक घटाएगा।

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