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केंद्र सरकार मंत्रालय - सहकारिता

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम (NCDC) को अनुदान सहायता योजना

शुभारंभ 2025-07-31
सारांश

- 31 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा अनुमोदित - कुल परिव्यय: 4 वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये (वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29) - वार्षिक आवंटन: 500 करोड़ रुपये - NCDC 4 वर्षों में खुले बाजार से 20,000 करोड़ रुपये जुटाएगा - लाभार्थी: 13,288 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों (PACS) के 2.9 करोड़ सदस्य - सहकारी समितियों को ऋण: स्थापना, आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी उन्नयन, विस्तार, कार्यशील पूंजी - क्षेत्र: डेयरी, पशुधन, मत्स्य पालन, चीनी, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण - विशेष फोकस: श्रमिक और महिला-नेतृत्व वाली सहकारी समितियां - NCDC (सहकारिता मंत्रालय के तहत) कार्यान्वयन एजेंसी है

मुख्य बिंदु
  • केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 31 जुलाई 2025 को NCDC को 4 वर्षों (FY 2025-26 से FY 2028-29) में ₹2,000 करोड़ अनुदान सहायता अनुमोदित की, प्रतिवर्ष ₹500 करोड़।
  • NCDC इस अनुदान को आधार बनाकर 4 वर्षों में खुले बाज़ार से ₹20,000 करोड़ जुटाएगा।
  • लाभार्थी: 13,288 प्राथमिक कृषि साख सहकारी समितियों (PACS) के 2.9 करोड़ सदस्य।
  • डेयरी, पशुधन, मत्स्य पालन, चीनी, वस्त्र, खाद्य प्रसंस्करण, भंडारण और शीत भंडारण के लिए सहकारी समितियों को ऋण।
  • श्रमिक एवं महिला-नेतृत्व वाली सहकारी समितियों पर विशेष ध्यान — स्थापना, आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी उन्नयन और विस्तार हेतु।
  • सहकारिता मंत्रालय के अंतर्गत NCDC कार्यान्वयन एजेंसी है।
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम को अनुदान सहायता योजना कब मंजूर हुई?

यह केंद्रीय क्षेत्र की योजना 31 जुलाई 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा मंजूर की गई, और इसका कार्यान्वयन सहकारिता मंत्रालय के तहत बताया गया है।

इस योजना का कुल परिव्यय कितना है?

योजना का कुल परिव्यय 4 वर्षों में 2,000 करोड़ रुपये है, वित्त वर्ष 2025-26 से 2028-29 तक। वार्षिक आवंटन 500 करोड़ रुपये है।

खुले बाजार से कितनी राशि जुटाने की बात है?

संदर्भ में बताया गया है कि राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम 4 वर्षों में खुले बाजार से 20,000 करोड़ रुपये जुटाएगा।

इस योजना से किन सदस्यों को लाभ मिलेगा?

लाभार्थियों में 13,288 प्राथमिक कृषि ऋण समितियों के 2.9 करोड़ सदस्य बताए गए हैं। विशेष फोकस श्रमिक और महिला-नेतृत्व वाली सहकारी समितियों पर है।

किस प्रकार के सहकारी क्षेत्रों को ऋण मिल सकता है?

सहकारी समितियों को स्थापना, आधुनिकीकरण, प्रौद्योगिकी उन्नयन, विस्तार और कार्यशील पूंजी के लिए ऋण मिल सकता है। क्षेत्र में डेयरी, पशुधन, मत्स्य पालन, चीनी, कपड़ा, खाद्य प्रसंस्करण और भंडारण शामिल हैं।

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