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केंद्र सरकार मंत्रालय - श्रम एवं रोज़गार

ई-श्रम पोर्टल – असंगठित कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस – आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26

शुभारंभ 2021-08-26
सारांश

**उद्देश्य:** सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं के लक्षित वितरण के लिए असंगठित कामगारों का व्यापक राष्ट्रीय डेटाबेस (NDUW) बनाना। **प्रमुख उपलब्धियां (आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26):** - जनवरी 2026 तक 31 करोड़ से अधिक असंगठित कामगार पंजीकृत (31.48 करोड़) - 54% पंजीकृत कामगार महिलाएं - कामगारों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN) – आजीवन डिजिटल पहचान मिलती है - 14 केंद्रीय सरकारी योजनाएं ई-श्रम से एकीकृत **प्रमुख विशेषताएं:** - स्व-घोषणा आधारित पंजीकरण; आधार और मोबाइल के अलावा कोई दस्तावेज नहीं - NCS (नौकरी), स्किल इंडिया डिजिटल हब (कौशल), PM-SYM (पेंशन) से जुड़ा - पंजीकृत कामगारों के लिए PMSBY के तहत 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा - राज्यों में सामाजिक सुरक्षा लाभों की पोर्टेबिलिटी सक्षम करता है **पात्रता:** 16-59 वर्ष की आयु के असंगठित कामगार जिनके पास आधार और सक्रिय मोबाइल नंबर हो। **मंत्रालय:** श्रम और रोजगार मंत्रालय। **शुभारंभ:** 26 अगस्त, 2021।

मुख्य बिंदु
  • ई-श्रम पोर्टल — सामाजिक सुरक्षा एवं कल्याण योजनाओं की लक्षित डिलीवरी हेतु असंगठित कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस (NDUW) बनाता है।
  • जनवरी 2026 तक 31.48 करोड़ से अधिक असंगठित कामगार पंजीकृत, 54% महिलाएँ; प्रत्येक कामगार को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर (UAN)।
  • 26 अगस्त, 2021 को श्रम एवं रोज़गार मंत्रालय द्वारा लॉन्च; स्व-घोषणा आधारित पंजीकरण हेतु केवल आधार और मोबाइल नंबर आवश्यक।
  • ई-श्रम से 14 केंद्र सरकार की योजनाएँ एकीकृत; NCS, स्किल इंडिया डिजिटल हब, PM-SYM और MoHUA कन्वर्जेंस पोर्टल से जुड़ा।
  • पंजीकृत कामगारों को PMSBY के तहत ₹2 लाख दुर्घटना बीमा; राज्यों में सामाजिक सुरक्षा पोर्टेबिलिटी का लाभ।
आधिकारिक स्रोत
आधिकारिक वेबसाइट देखें
अक्सर पूछे गए

ई-श्रम पोर्टल क्या है?

ई-श्रम पोर्टल का शुभारंभ 26 अगस्त, 2021 को हुआ। इसका उद्देश्य असंगठित कामगारों का राष्ट्रीय डेटाबेस बनाकर सामाजिक सुरक्षा और कल्याण योजनाओं का लक्षित वितरण करना है।

आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में कितने कामगार पंजीकृत बताए गए हैं?

जनवरी 2026 तक 31.48 करोड़ असंगठित कामगार पंजीकृत बताए गए हैं। इनमें 54% पंजीकृत कामगार महिलाएं हैं।

कामगारों को कौन सी डिजिटल पहचान मिलती है?

कामगारों को यूनिवर्सल अकाउंट नंबर के रूप में आजीवन डिजिटल पहचान मिलती है। संदर्भ में 14 केंद्रीय सरकारी योजनाओं का ई-श्रम से एकीकरण भी दिया गया है।

ई-श्रम पर पंजीकरण कैसे होता है?

पंजीकरण स्व-घोषणा आधारित है। आधार और मोबाइल के अलावा कोई दस्तावेज आवश्यक नहीं बताया गया है।

पात्रता और दुर्घटना बीमा क्या है?

16-59 वर्ष की आयु के असंगठित कामगार पात्र हैं, जिनके पास आधार और सक्रिय मोबाइल नंबर हो। पंजीकृत कामगारों के लिए 2 लाख रुपये का दुर्घटना बीमा बताया गया है।

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