ई-नाम – इलेक्ट्रॉनिक राष्ट्रीय कृषि बाजार – आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26
**उद्देश्य:** मौजूदा APMC मंडियों को ऑनलाइन ट्रेडिंग पोर्टल के माध्यम से जोड़कर कृषि वस्तुओं के लिए एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाना। **प्रमुख उपलब्धियां (आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26):** - 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 1,656 मंडियां एकीकृत - 1.80 करोड़ से अधिक किसान पंजीकृत - 2.73 लाख व्यापारी पंजीकृत - 4,724 किसान उत्पादक संगठन जुड़े - बेहतर मूल्य खोज और बिचौलियों में कमी **प्रमुख विशेषताएं:** - पारदर्शी कृषि विपणन के लिए अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक ट्रेडिंग पोर्टल - मंडियों में वास्तविक समय मूल्य जानकारी - ऑनलाइन भुगतान सुविधा और गुणवत्ता जांच - कटाई के बाद के लॉजिस्टिक्स के लिए गोदामों के साथ एकीकरण - छोटे किसानों के लिए सामूहिक सौदेबाजी हेतु FPO मॉड्यूल **कार्यान्वयन एजेंसी:** लघु किसान कृषि-व्यवसाय संघ (SFAC)। **शुभारंभ:** 14 अप्रैल, 2016। **लाभार्थी:** किसान, व्यापारी, आढ़तिया, FPOs।
- e-NAM कृषि वस्तुओं के लिए एकीकृत राष्ट्रीय ऑनलाइन व्यापार पोर्टल है — 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 1,522 मंडियाँ एकीकृत
- 1.79 करोड़ किसान शामिल, 2.72 करोड़ व्यापारी पंजीकृत, 4,698 किसान उत्पादक संगठन (FPO) जुड़े
- पारदर्शी कृषि विपणन के लिए मंडियों में रीयल-टाइम मूल्य जानकारी, ऑनलाइन भुगतान सुविधा और गुणवत्ता परख
- FPO मॉड्यूल छोटे किसानों के लिए सामूहिक सौदेबाजी सक्षम करता है; कटाई-उपरांत लॉजिस्टिक्स के लिए गोदामों से एकीकरण
- कृषि मंत्रालय के तहत लघु किसान कृषि व्यापार संघ (SFAC) द्वारा कार्यान्वित
- 14 अप्रैल 2016 को लॉन्च; आधिकारिक पोर्टल: ई-नाम
ई-नाम का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य मौजूदा कृषि मंडियों को ऑनलाइन व्यापार पोर्टल के माध्यम से जोड़कर कृषि वस्तुओं के लिए एकीकृत राष्ट्रीय बाजार बनाना है।
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में इसकी प्रमुख उपलब्धियां क्या हैं?
आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार 23 राज्यों और 4 केंद्र शासित प्रदेशों में 1,522 मंडियां एकीकृत हैं। 1.79 करोड़ किसान और 2.72 करोड़ व्यापारी जुड़े हैं।
किसान उत्पादक संगठनों के लिए क्या जानकारी दी गई है?
संदर्भ में 4,698 किसान उत्पादक संगठन जुड़े बताए गए हैं। छोटे किसानों के लिए सामूहिक सौदेबाजी हेतु अलग मॉड्यूल का भी उल्लेख है।
ई-नाम की प्रमुख सुविधाएं क्या हैं?
इसमें पारदर्शी कृषि विपणन के लिए अखिल भारतीय इलेक्ट्रॉनिक पोर्टल, मंडियों में वास्तविक समय मूल्य जानकारी, ऑनलाइन भुगतान सुविधा और गुणवत्ता जांच शामिल हैं।
ई-नाम को कब शुरू किया गया और कौन लागू करता है?
इस पहल का शुभारंभ 14 अप्रैल, 2016 को बताया गया है। कार्यान्वयन एजेंसी लघु किसान कृषि-व्यवसाय संघ है।
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