प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना (PMFBY) एवं RWBCIS की 2025-26 तक निरंतरता
मुख्य बिंदु: - उद्देश्य: देश भर के किसानों को गैर-रोकथाम योग्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल बीमा कवरेज प्रदान करना - कैबिनेट मंजूरी: 1 जनवरी 2025 को प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में - बजट: 2021-22 से 2025-26 के लिए कुल 69,515.71 करोड़ रुपये का परिव्यय - FIAT कोष: नवाचार एवं प्रौद्योगिकी कोष (FIAT) 824.77 करोड़ रुपये के कॉर्पस के साथ - प्रौद्योगिकी घटक: YES-TECH (उपज अनुमान प्रणाली) और WINDS (मौसम सूचना नेटवर्क) - लाभार्थी: अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलें उगाने वाले सभी किसान - प्रीमियम: खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी के लिए 1.5%, वाणिज्यिक/बागवानी के लिए 5% - उत्तर-पूर्वी राज्यों को 90% केंद्रीय अनुदान
- PMFBY एवं RWBCIS की निरंतरता 1 जनवरी 2025 को अनुमोदित — 2021-22 से 2025-26 के लिए कुल ₹69,515.71 करोड़ का परिव्यय।
- प्रौद्योगिकी अपनाने हेतु ₹824.77 करोड़ कॉर्पस के साथ नवाचार एवं प्रौद्योगिकी कोष (FIAT) स्थापित।
- प्रौद्योगिकी: YES-TECH (रिमोट सेंसिंग से उपज अनुमान) और WINDS (ब्लॉक स्तर पर स्वचालित मौसम स्टेशनों सहित मौसम सूचना नेटवर्क)।
- प्रीमियम: खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5%, वाणिज्यिक/बागवानी फसलों के लिए 5% — शेष केंद्र एवं राज्य द्वारा वहन।
- पूर्वोत्तर राज्यों को 90% बढ़ी हुई केंद्रीय सब्सिडी हिस्सेदारी; स्वैच्छिक भागीदारी से कोष पुनर्आवंटन सक्षम।
- लाभार्थी: भारत भर में अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसल उगाने वाले सभी किसान।
इस फसल बीमा निरंतरता का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य देश भर के किसानों को गैर-रोकथाम योग्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल बीमा कवरेज देना है। यह कवरेज अधिसूचित क्षेत्रों की अधिसूचित फसलों से जुड़ा है।
कैबिनेट ने इसे कब मंजूरी दी?
संदर्भ के अनुसार, प्रधानमंत्री मोदी की अध्यक्षता में 1 जनवरी 2025 को कैबिनेट ने इसकी मंजूरी दी। योजना की निरंतरता 2025-26 तक बताई गई है।
इस योजना के लिए बजट परिव्यय कितना है?
2021-22 से 2025-26 के लिए कुल 69,515.71 करोड़ रुपये का परिव्यय दिया गया है। यह राशि फसल बीमा कवरेज की निरंतरता से जुड़ी है।
किस तरह के किसान लाभार्थी बताए गए हैं?
लाभार्थी वे सभी किसान हैं जो अधिसूचित क्षेत्रों में अधिसूचित फसलें उगाते हैं। कवरेज देश भर के किसानों के लिए बताया गया है।
प्रीमियम दरें कैसे बताई गई हैं?
खरीफ फसलों के लिए 2%, रबी फसलों के लिए 1.5% और वाणिज्यिक या बागवानी फसलों के लिए 5% प्रीमियम बताया गया है। उत्तर-पूर्वी राज्यों को 90% केंद्रीय अनुदान मिलता है।
इस विषय पर MCQ अभ्यास करें।
अर्थव्यवस्था, शासन और समसामयिकी पर लक्षित MCQ अभ्यास से अपनी समझ मज़बूत करें।
