8वें केंद्रीय वेतन आयोग का गठन
मुख्य बिंदु: - उद्देश्य: केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन में सुधार की सिफारिश करना - मंजूरी तिथि: 16 जनवरी 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल द्वारा - संरचना: एक अध्यक्ष (न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई), एक अंशकालिक सदस्य (प्रो. पुलक घोष, IIM बैंगलोर), एक सदस्य-सचिव (पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन) - लाभार्थी: लगभग 49 लाख कार्यरत केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख सेवानिवृत्त पेंशनभोगी - समयसीमा: गठन के 18 महीने के भीतर सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी - कार्यान्वयन: 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित - संदर्भ: 7वें वेतन आयोग (2014) का स्थान लेगा - दायरा: सभी केंद्रीय सिविल सेवक, अखिल भारतीय सेवा सदस्य और रक्षा कर्मी
- 8वाँ केंद्रीय वेतन आयोग — जनवरी 2025 में घोषित और 3 नवंबर 2025 की भारत सरकार अधिसूचना से केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों एवं पेंशन की समीक्षा हेतु गठित।
- संरचना: अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई, अंशकालिक सदस्य प्रो. पुलक घोष (IIM बैंगलोर), सदस्य-सचिव पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन।
- लाभार्थी: लगभग 49 लाख सेवारत केंद्र सरकार कर्मचारी और 65 लाख सेवानिवृत्त पेंशनभोगी।
- गठन से 18 महीने के भीतर सिफारिशें प्रस्तुत; 1 जनवरी, 2026 से कार्यान्वयन अपेक्षित।
- 7वें वेतन आयोग (2014) का स्थान लेता है जिसका कार्यकाल 2026 में समाप्त।
- दायरा: सभी केंद्रीय सिविल सेवक, अखिल भारतीय सेवा के सदस्य और रक्षा कर्मी।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का उद्देश्य क्या है?
इसका उद्देश्य केंद्र सरकार के कर्मचारियों के वेतन, भत्तों और पेंशन की समीक्षा करना और सुधारों की सिफारिश देना है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग को कब मंजूरी मिली?
संदर्भ के अनुसार 16 जनवरी 2025 को केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8वें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन को मंजूरी दी।
आयोग की संरचना कैसी है?
संरचना में न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई अध्यक्ष, प्रो. पुलक घोष अंशकालिक सदस्य और पेट्रोलियम सचिव पंकज जैन सदस्य-सचिव बताए गए हैं।
इस आयोग से कौन लाभान्वित होंगे?
लगभग 49 लाख कार्यरत केंद्रीय कर्मचारी और 65 लाख सेवानिवृत्त पेंशनभोगी इसके लाभार्थी बताए गए हैं।
सिफारिशों की समयसीमा क्या है?
आयोग को गठन के 18 महीने के भीतर सिफारिशें प्रस्तुत करनी होंगी, और कार्यान्वयन 1 जनवरी 2026 से अपेक्षित बताया गया है।
8वें केंद्रीय वेतन आयोग का दायरा किन कर्मियों तक है?
दायरे में सभी केंद्रीय सिविल सेवक, अखिल भारतीय सेवा सदस्य और रक्षा कर्मी शामिल बताए गए हैं।
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