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दैनिक समसामयिकी
PMO India / PIB 8 अप्रैल 2026 rajasthan

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 13,037 करोड़ रुपये की जयपुर मेट्रो फेज-2 परियोजना को मंजूरी दी

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 अप्रैल 2026 को जयपुर मेट्रो फेज-2 को 13,037.66 करोड़ रुपये की लागत से मंजूरी दी। प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक 41 किलोमीटर का उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर 36 स्टेशनों के साथ आरएमआरसीएल द्वारा बनाया जाएगा और सितंबर 2031 तक पूरा होगा।

PMO India / PIB आधिकारिक

pmindia.gov.in

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • परियोजना लागत: फेज-2 के लिए 13,037.66 करोड़ रुपये की मंजूरी
  • प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर और 36 स्टेशन
  • क्रियान्वयन एजेंसी राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमआरसीएल) है, जो केंद्र एवं राज्य का 50:50 संयुक्त उपक्रम है
  • जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा क्षेत्र के पास भूमिगत खंड की योजना बनाई गई है
  • सितंबर 2031 तक परियोजना पूरी करने का लक्ष्य, 2031 तक 6 लाख से अधिक दैनिक यात्री अनुमानित
  • मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि यह मंजूरी जयपुर के स्मार्ट सिटी रूपांतरण में तेजी लाएगी

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 अप्रैल 2026 को 13,037.66 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत वाली जयपुर मेट्रो रेल परियोजना फेज-2 को स्वीकृति प्रदान की। इस परियोजना में प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक 41 किलोमीटर लंबा उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर बनाया जाएगा जिसमें कुल 36 स्टेशन होंगे और यह राजस्थान की राजधानी में शहरी परिवहन व्यवस्था का बड़े पैमाने पर विस्तार करेगा। इस परियोजना का क्रियान्वयन राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमआरसीएल) करेगा, जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार की 50:50 की संयुक्त विशेष प्रयोजन कंपनी है, और इसे सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। फेज-2 का मार्ग सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, विश्वकर्मा औद्योगिक क्षेत्र (वीकेआईए), जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल और सवाई मानसिंह स्टेडियम, आंबाबाड़ी तथा विद्याधर नगर जैसे प्रमुख क्षेत्रों को निर्बाध कनेक्टिविटी प्रदान करेगा। एयरपोर्ट क्षेत्र में एक भूमिगत खंड की योजना है और नया कॉरिडोर पहले से संचालित फेज-1 के साथ इंटरचेंज स्टेशनों और फीडर सेवाओं के माध्यम से जुड़ेगा ताकि शहर को एक समेकित मेट्रो नेटवर्क मिल सके। केंद्र और राज्य सरकार वायबिलिटी गैप फंडिंग साझा करेंगे, साथ ही जाइका तथा एडीबी जैसी बहुपक्षीय एजेंसियों से ऋण सहायता मिलने की भी उम्मीद है। अधिकारियों के अनुसार, फेज-2 से 2031 तक प्रतिदिन 6 लाख से अधिक यात्रियों के आवागमन का अनुमान है और यह वाहन उत्सर्जन कम करने, टोंक रोड व सीकर रोड पर भीड़ घटाने तथा मार्ग के किनारे रियल एस्टेट को प्रोत्साहन देने में सहायक होगा। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस निर्णय का स्वागत करते हुए कहा कि इससे जयपुर को विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धी स्मार्ट सिटी के रूप में बदलने की प्रक्रिया में तेजी आएगी।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 जयपुर मेट्रो फेज-2 का क्रियान्वयन कौन करेगा?

राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन लिमिटेड (आरएमआरसीएल), जो भारत सरकार और राजस्थान सरकार का 50:50 संयुक्त उपक्रम है, इस परियोजना का क्रियान्वयन करेगा।

2 परियोजना की स्वीकृत लागत कितनी है?

केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 41 किलोमीटर उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर और 36 स्टेशनों के लिए 13,037.66 करोड़ रुपये की मंजूरी दी है।

3 परियोजना पूरी होने का लक्ष्य वर्ष क्या है?

परियोजना को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

4 फेज-2 कॉरिडोर किन प्रमुख क्षेत्रों को जोड़ेगा?

यह सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, वीकेआईए, जयपुर अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा, टोंक रोड, एसएमएस अस्पताल, सवाई मानसिंह स्टेडियम, आंबाबाड़ी और विद्याधर नगर को जोड़ेगा।

मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण

RAS मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न एवं आदर्श उत्तर

प्रश्न: 13,037 करोड़ रुपये की जयपुर मेट्रो फेज-2 की केंद्रीय मंत्रिमंडल स्वीकृति और राजस्थान में शहरी गतिशीलता पर इसके अपेक्षित प्रभाव का विश्लेषण कीजिए।

उत्तर (50 शब्द):
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 8 अप्रैल 2026 को 13,037.66 करोड़ रुपये की जयपुर मेट्रो फेज-2 को मंजूरी दी, जो प्रहलादपुरा से टोडी मोड तक 36 स्टेशनों सहित 41 किमी का उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर है। आरएमआरसीएल द्वारा क्रियान्वित, इसका लक्ष्य सितंबर 2031 तक पूर्णता और 6 लाख दैनिक यात्री क्षमता है, जो सीतापुरा औद्योगिक क्षेत्र, जयपुर हवाई अड्डे और एसएमएस अस्पताल को जोड़ेगी।

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