आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश: भारत की GDP वृद्धि 7.4%, मुद्रास्फीति 1.7% तक गिरी
29 जनवरी 2026 को पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार वित्त वर्ष 2026 में GDP वृद्धि 7.4%, खुदरा मुद्रास्फीति 1.7% और CAD GDP का 0.8% — भारत की मजबूत समष्टि-आर्थिक नींव का संकेत।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- 29 जनवरी 2026 को पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 ने वित्त वर्ष 2026 में GDP वृद्धि 7.4% अनुमानित की।
- अप्रैल-दिसंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 1.7% के निचले स्तर पर रही।
- चालू खाता घाटा GDP का मात्र 0.8% रहा जो मजबूत मूलभूत तत्वों का संकेत है।
- भारत लगातार चौथे वर्ष सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा।
- निजी उपभोग व्यय 7.0% बढ़ा और GDP में 61.5% हिस्सेदारी — 2012 के बाद सर्वाधिक।
- वित्त वर्ष 2027 में GDP वृद्धि 6.8-7.2% उपभोग और निवेश से अनुमानित है।
29 जनवरी 2026 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, जो केंद्रीय बजट से एक दिन पहले प्रस्तुत किया गया। सर्वेक्षण के अनुसार 2025-26 में भारत की वास्तविक GDP वृद्धि 7.4% रहने का अनुमान है — जो 2024-25 के 6.5% से अधिक है — और यह वृद्धि उपभोग तथा निवेश के दोहरे इंजन से संचालित है। निजी अंतिम उपभोग व्यय GDP का 61.5% हो गया, जो 2011-12 के बाद सर्वाधिक है।
खुदरा मुद्रास्फीति 2024-25 के 4.6% से घटकर 2025-26 के अप्रैल–दिसंबर में मात्र 1.7% रह गई। भारत का चालू खाता घाटा (CAD) 2025-26 की पहली छमाही में GDP का 0.8% रहा, जो पिछले वर्ष 1.3% था। 2026-27 में वास्तविक GDP वृद्धि 6.8% से 7.2% के बीच रहने का अनुमान है।
सर्वेक्षण ने वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की समष्टि-आर्थिक मजबूती को उजागर किया है। विनियमन में सुधार, कौशल विकास और डिजिटल सार्वजनिक अवसंरचना को उच्च विकास बनाए रखने के प्रमुख साधन के रूप में चिन्हित किया गया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP वृद्धि दर कितनी अनुमानित की गई?
29 जनवरी 2026 को पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में वित्त वर्ष 2026 के लिए GDP वृद्धि 7.4% अनुमानित की गई, जिससे भारत लगातार चौथे वर्ष सबसे तेज बढ़ती प्रमुख अर्थव्यवस्था बना रहा।
2 आर्थिक सर्वेक्षण के अनुसार अप्रैल-दिसंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति कितनी रही?
अप्रैल-दिसंबर 2025 में खुदरा मुद्रास्फीति 1.7% के निचले स्तर पर रही — RBI के 4% लक्ष्य से काफी नीचे, जो खाद्य और वस्तु कीमतों में नरमी को दर्शाता है।
3 वित्त वर्ष 2026 में भारत का चालू खाता घाटा (CAD) GDP का कितना प्रतिशत था?
वित्त वर्ष 2026 में भारत का चालू खाता घाटा GDP का मात्र 0.8% रहा, जो मजबूत बाह्य क्षेत्र और प्रबंधनीय व्यापार संतुलन को दर्शाता है।
4 वित्त वर्ष 2026 में निजी उपभोग का प्रदर्शन कैसा रहा और यह क्यों महत्वपूर्ण है?
निजी उपभोग व्यय 7.0% बढ़ा और GDP में 61.5% की हिस्सेदारी हुई — 2012 के बाद सर्वाधिक। यह भारतीय अर्थव्यवस्था में मांग-आधारित मजबूत सुधार का संकेत है।
5 आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 के अनुसार वित्त वर्ष 2027 में GDP वृद्धि कितनी अनुमानित है?
वित्त वर्ष 2027 में GDP वृद्धि 6.8-7.2% अनुमानित है, जो उपभोग और निवेश से प्रेरित होगी और भारत को शीर्ष प्रदर्शन करने वाली अर्थव्यवस्थाओं में बनाए रखेगी।
मुख्य परीक्षा दृष्टिकोण
RAS मुख्य परीक्षा के लिए अभ्यास प्रश्न एवं आदर्श उत्तर
प्रश्न: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा पेश आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में प्रक्षेपित प्रमुख समष्टि-आर्थिक संकेतकों का विश्लेषण कीजिए, जिसमें जीडीपी वृद्धि, मुद्रास्फीति प्रक्षेपवक्र तथा चालू खाता घाटे के कारकों को रेखांकित किया जाए।
उत्तर (50 शब्द):
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने 29 जनवरी 2026 को आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 पेश किया, वास्तविक जीडीपी वृद्धि 7.4% प्रक्षेपित — 2024-25 के 6.5% से अधिक। निजी अंतिम उपभोग व्यय जीडीपी का 61.5%, 2011-12 के बाद उच्चतम। खुदरा मुद्रास्फीति 4.6% से घटकर 1.7% हुई, जबकि चालू खाता घाटा जीडीपी का 0.8% तक संकुचित हुआ।
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