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दैनिक समसामयिकी
CM Office Rajasthan / DIPR 11 मई 2026 rajasthan

राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने ११ मई २०२६ को कहा कि १७.५ लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं; राज्य ने ऋण सीमा बढ़ाकर १.५ लाख रुपये की और ब्याज दर घटाकर १.५ प्रतिशत कर दी

११ मई २०२६ को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि राज्य में क्रियान्वित योजना के तहत १७.५ लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं; राज्य ने ऋण सीमा बढ़ाकर १.५ लाख रुपये तथा ब्याज दर घटाकर १.५ प्रतिशत कर दी है, तथा राजीविका, DAY-NRLM, पीएम स्वनिधि और पीएम विश्वकर्मा से अभिसरण है।

CM Office Rajasthan / DIPR आधिकारिक

cmo.rajasthan.gov.in

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • ११ मई २०२६ तक राजस्थान में योजना के तहत १७.५ लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं
  • राज्य क्रियान्वयन के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर १.५ लाख रुपये कर दी गई है
  • महिला उद्यमियों के लिए ब्याज दर घटाकर १.५ प्रतिशत की गई है
  • क्रियान्वयन राजीविका तथा DAY-NRLM के माध्यम से हो रहा है
  • योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह महिलाओं की वार्षिक आय कम से कम १ लाख रुपये तक बढ़ाना है
  • राज्य की घोषणा तीन करोड़ लखपति दीदियों के राष्ट्रीय लक्ष्य से संरेखित है

११ मई २०२६ को राजस्थान के मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने घोषणा की कि ग्रामीण विकास मंत्रालय की केंद्र प्रायोजित लखपति दीदी योजना के तहत राज्य में लगभग १७.५ लाख महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं, जिसका उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की वार्षिक आय कम से कम १ लाख रुपये तक बढ़ाना है। उन्होंने कहा कि महिलाओं का आर्थिक सशक्तिकरण राज्य सरकार की प्रमुख प्राथमिकता है और राजस्थान ने महिला उद्यमियों के लिए ऋण पहुँच को गहराने के उद्देश्य से योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर १.५ लाख रुपये कर दी है तथा ब्याज दर घटाकर १.५ प्रतिशत कर दी है। राज्य ने स्वयं सहायता समूह की महिलाओं को दीनदयाल अंत्योदय योजना राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन तथा राज्य की ग्रामीण आजीविका मिशन राजीविका से जोड़ा है ताकि दुग्ध, हस्तशिल्प, कृषि-प्रसंस्करण, लाख, मेहंदी और वस्त्र क्षेत्र में गतिविधियों का विस्तार किया जा सके। मुख्यमंत्री ने रेखांकित किया कि घूमता हुआ कोष, सामुदायिक निवेश कोष तथा बैंक लिंकेज के माध्यम से महिलाओं को कृषि मजदूरी से परे आय के विविध स्रोत विकसित करने में सहायता मिली है। राजस्थान की घोषणा केंद्रीय बजट में घोषित तीन करोड़ लखपति दीदियों के राष्ट्रीय लक्ष्य से संरेखित है। अधिकारियों ने बताया कि सूक्ष्म उद्यमों को सहारा देने के लिए पीएम स्वनिधि, पीएम विश्वकर्मा तथा पीएमएफएमई के साथ अभिसरण किया जा रहा है। राज्य सभी जिलों में राजीविका क्लस्टरों के माध्यम से प्रशिक्षण, बाज़ार लिंकेज और डिजिटल साक्षरता मॉड्यूल भी सशक्त करेगा ताकि एक लाख रुपये की सीमा से ऊपर आय बनी रहे।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 लखपति दीदी योजना का उद्देश्य क्या है?

ग्रामीण विकास मंत्रालय की इस योजना का उद्देश्य स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की वार्षिक आय कौशल, ऋण और आजीविका गतिविधियों के माध्यम से कम से कम १ लाख रुपये तक बढ़ाना है।

2 ११ मई २०२६ तक राजस्थान में कितनी महिलाएँ लखपति दीदी बन चुकी हैं?

राज्य में लगभग १७.५ लाख महिलाएँ इस योजना के तहत १ लाख रुपये की वार्षिक आय सीमा पार कर चुकी हैं।

3 राजस्थान ने ऋण शर्तों में कौन से परिवर्तन किए हैं?

योजना के तहत ऋण सीमा बढ़ाकर १.५ लाख रुपये की गई है और महिला उद्यमियों के लिए ब्याज दर घटाकर १.५ प्रतिशत की गई है।

4 राजस्थान में इस योजना का क्रियान्वयन कौन सा राज्य मिशन करता है?

राजस्थान राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन राजीविका, जो DAY-NRLM के अंतर्गत है, यह योजना जिलों में स्वयं सहायता समूह संघों के माध्यम से लागू करता है।

पाठ्यक्रम विषय

Subjects

राजस्थान सामान्य ज्ञानभारतीय अर्थव्यवस्थाशासन