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दैनिक समसामयिकी
Cabinet Committee on Economic Affairs 5 मई 2026 rajasthan

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 5 मई 2026 को राजस्थान सहित छह राज्यों में लगभग 901 किलोमीटर रेल नेटवर्क जोड़ने वाली 23,437 करोड़ रुपये की बहु-पटरीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी

आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 5 मई 2026 को 23,437 करोड़ रुपये की तीन रेल बहु-पटरीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी। राजस्थान और पांच अन्य राज्यों को कवर करने वाले ये कार्य भारतीय रेल में लगभग 901 किलोमीटर जोड़ेंगे, 4,161 गांवों का संपर्क सुधारेंगे, भीड़ कम करेंगे और माल ढुलाई को सहारा देंगे। वे प्रधानमंत्री गति शक्ति के तहत नियोजित हैं और विज्ञप्ति में तेल आयात तथा कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी का अनुमान भी दिया गया है।

Cabinet Committee on Economic Affairs आधिकारिक

pib.gov.in

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 5 मई 2026 को रेल मंत्रालय की तीन बहु-पटरीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी।
  • कुल अनुमानित लागत 23,437 करोड़ रुपये है और पूर्णता 2030-31 तक लक्षित है।
  • परियोजनाएं मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों को कवर करती हैं।
  • वे भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर जोड़ेंगी।
  • लगभग 83 लाख आबादी वाले करीब 4,161 गांवों के लिए संपर्क सुधरने की उम्मीद है।
  • परियोजनाओं से तेल आयात 37 करोड़ लीटर घटने और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन 185 करोड़ किलोग्राम कम होने का अनुमान है।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता वाली आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने 5 मई 2026 को रेल मंत्रालय की तीन बहु-पटरीकरण परियोजनाओं को मंजूरी दी, जिनकी अनुमानित लागत 23,437 करोड़ रुपये है। स्वीकृत कार्यों में नागदा-मथुरा तीसरी और चौथी लाइन, गुंतकल-वाड़ी तीसरी और चौथी लाइन तथा बुढ़वल-सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन शामिल हैं। ये परियोजनाएं मध्य प्रदेश, राजस्थान, उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, आंध्र प्रदेश और तेलंगाना के 19 जिलों को कवर करेंगी तथा भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर जोड़ेंगी। यह विज्ञप्ति राजस्थान के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नागदा-मथुरा गलियारे और व्यापक क्षमता वृद्धि से रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान और केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान जैसे स्थलों तक संपर्क बेहतर होने की उम्मीद है। मंत्रिमंडल ने कहा कि परियोजनाएं आवश्यक मार्गों पर भीड़ कम कर गतिशीलता और सेवा विश्वसनीयता बढ़ाएंगी। इन्हें प्रधानमंत्री गति शक्ति राष्ट्रीय मास्टर प्लान के तहत बहु-माध्यम संपर्क, लॉजिस्टिक्स दक्षता, एकीकृत योजना और हितधारक परामर्श पर जोर देते हुए नियोजित किया गया है। परियोजनाएं नए भारत के दृष्टिकोण से भी जुड़ी हैं क्योंकि बेहतर रेल क्षमता व्यापक क्षेत्रीय विकास को सहारा दे सकती है और रोजगार तथा स्वरोजगार अवसरों में सुधार कर सकती है। बहु-पटरीकरण कार्य लगभग 83 लाख आबादी वाले करीब 4,161 गांवों का संपर्क बढ़ाने की उम्मीद रखते हैं। ये मार्ग कोयला, खाद्यान्न, सीमेंट, पेट्रोलियम उत्पाद, लोहा और इस्पात, लौह अयस्क, कंटेनर तथा उर्वरक की ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्षमता वृद्धि से 60 एमटीपीए अतिरिक्त माल यातायात मिलने की उम्मीद है। ऊर्जा-कुशल परिवहन माध्यम के रूप में रेल तेल आयात को 37 करोड़ लीटर घटा सकती है और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन को 185 करोड़ किलोग्राम कम कर सकती है, जो 7 करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 5 मई 2026 को आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने किन रेल परियोजनाओं को मंजूरी दी?

स्वीकृत कार्य नागदा-मथुरा, गुंतकल-वाड़ी और बुढ़वल-सीतापुर तीसरी और चौथी लाइन परियोजनाएं थीं।

2 यह निर्णय राजस्थान के लिए क्यों प्रासंगिक है?

परियोजनाओं में छह राज्यों में राजस्थान शामिल है और रणथंभौर राष्ट्रीय उद्यान तथा केवलादेव राष्ट्रीय उद्यान जैसे स्थलों तक संपर्क सुधारने की उम्मीद है।

3 परियोजनाओं की कुल अनुमानित लागत कितनी है?

कुल अनुमानित लागत लगभग 23,437 करोड़ रुपये है।

4 रेल नेटवर्क में कितनी वृद्धि होगी?

परियोजनाएं भारतीय रेल के मौजूदा नेटवर्क में लगभग 901 किलोमीटर की वृद्धि करेंगी।

5 कौन से पर्यावरणीय लाभ अनुमानित किए गए?

विज्ञप्ति में तेल आयात में 37 करोड़ लीटर और कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में 185 करोड़ किलोग्राम कमी का अनुमान दिया गया।

पाठ्यक्रम विषय

Subjects

राजस्थान इतिहास, कला एवं संस्कृतिअवसंरचना