सरकार 18 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया विनियमन कानून की योजना
सरकार 18 से कम उम्र के लिए श्रेणीबद्ध सोशल मीडिया विनियमन; मानसून सत्र में संभावित।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- केंद्र सरकार 18 वर्ष से कम आयु के बच्चों में सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए अलग कानून बनाने पर विचार कर रही है।
- ऑस्ट्रेलिया ने 2024 में 16 वर्ष से कम आयु के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग पर प्रतिबंध लगाया।
- Digital Personal Data Protection Act, 2023 में बच्चों के डेटा संरक्षण के प्रावधान हैं।
- सोशल मीडिया के बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर प्रभाव को लेकर वैश्विक स्तर पर चिंता बढ़ रही है।
- भारत में 30 करोड़ से अधिक सोशल मीडिया उपयोगकर्ता हैं जिनमें बड़ी संख्या में किशोर हैं।
केंद्र सरकार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों में सोशल मीडिया उपयोग को विनियमित करने के लिए अलग कानून पर विचार कर रही है, जो पूर्ण प्रतिबंध के बजाय श्रेणीबद्ध, आयु-आधारित प्रतिबंध ढांचे को अपनाएगा।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 भारत 18 साल से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए क्या कानून बनाने की योजना है?
केंद्र सरकार 18 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया उपयोग को नियंत्रित करने के लिए अलग कानून पर विचार कर रही है। नियम श्रेणीबद्ध, आयु-आधारित होगा, न कि पूर्ण प्रतिबंध।
2 भारत के बच्चों के सोशल मीडिया कानून के तहत क्या ढांचा है?
यह कानून श्रेणीबद्ध, आयु-आधारित प्रतिबंध ढांचा अपनाएगा — अलग-अलग आयु वर्गों के लिए अलग-अलग प्रतिबंध। इसे मानसून सत्र से पहले संसद में पेश किया जा सकता है।
3 भारत का सोशल मीडिया कानून संसद के किस सत्र में आने की संभावना है?
भारत का बच्चों के सोशल मीडिया कानून मानसून सत्र में विधेयक हो सकता है। पहले हितधारक परामर्श होंगे।
4 भारत सरकार बच्चों के सोशल मीडिया कानून क्यों लाना चाहती है?
बच्चों की सुरक्षा और स्क्रीन टाइम की चिंता ने सरकार को यह कदम उठाने पर मजबूर किया। आयु-आधारित ढांचा संतुलित नीति है।
5 भारत का बच्चों के सोशल मीडिया कानून पूर्ण प्रतिबंध से कैसे अलग है?
पूर्ण प्रतिबंध की जगह इस कानून में श्रेणीबद्ध, आयु-आधारित ढांचा है। अलग-अलग आयु वर्गों के लिए अलग-अलग प्रतिबंध होंगे, न कि सभी के लिए एक समान प्रतिबंध।
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