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दैनिक समसामयिकी
Ministry of Environment, Forest and Climate Change 5 मई 2026 environment

पर्यावरण मंत्रालय ने कहा कि वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल ने 5 मई 2026 को दिल्ली-एनसीआर की 174 निरीक्षण कार्रवाइयों और 61 उल्लंघनों की समीक्षा की तथा डीजल जनरेटर, निर्माण-विध्वंस स्थलों और औद्योगिक उत्सर्जन को प्राथमिकता दी

वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल ने 5 मई 2026 को दिल्ली-एनसीआर प्रवर्तन की समीक्षा की, जब 11 से 28 अप्रैल के 174 निरीक्षणों में 61 उल्लंघन मिले। प्रस्तावित कार्रवाइयों में बंदी, डीजल जनरेटर सेट सीलिंग, कारण बताओ नोटिस, पर्यावरण क्षतिपूर्ति और एक अभियोजन प्रस्ताव शामिल थे। 4 मई 2026 तक संचयी निरीक्षण 27,008 इकाइयों, परियोजनाओं या संस्थाओं तक दिल्ली-एनसीआर में पहुंच गए।

Ministry of Environment, Forest and Climate Change आधिकारिक

pib.gov.in

RAS के लिए मुख्य बिंदु

  • वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल की 130वीं बैठक ने 4 मई को दिल्ली-एनसीआर प्रवर्तन कार्रवाइयों की समीक्षा की, जिसकी विज्ञप्ति 5 मई 2026 को जारी हुई।
  • उड़न दस्तों ने 11 से 28 अप्रैल 2026 के दौरान 174 निरीक्षण किए।
  • निरीक्षणों में 61 उल्लंघन मिले, जिनमें 41 डीजल जनरेटर सेटों से संबंधित थे।
  • प्रस्तावित कार्रवाइयों में 6 इकाइयों या परियोजनाओं का बंद किया जाना, 31 डीजल जनरेटर सेटों की सीलिंग और 6 कारण बताओ नोटिस शामिल हैं।
  • 11 मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति और एक मामले में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम की धारा 14 के तहत अभियोजन प्रस्तावित हुआ।
  • 4 मई 2026 तक उड़न दस्तों द्वारा संचयी निरीक्षण 27,008 इकाइयों, परियोजनाओं या संस्थाओं तक पहुंचे।
  • प्राथमिक क्षेत्र डीजल जनरेटर सेट, निर्माण और विध्वंस गतिविधियां, औद्योगिक उत्सर्जन और सड़क धूल प्रबंधन हैं।

पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन मंत्रालय ने 5 मई 2026 को कहा कि राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र और आसपास के क्षेत्रों में वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल की 130वीं बैठक ने दिल्ली-एनसीआर में बढ़ी हुई प्रवर्तन कार्रवाइयों की समीक्षा की। बैठक 4 मई 2026 को हुई और इसमें 11 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक की रिपोर्टिंग अवधि के दौरान किए गए निरीक्षणों की जांच की गई। इन 18 दिनों में आयोग के उड़न दस्तों ने 174 निरीक्षण किए: 26 निर्माण और विध्वंस स्थलों पर, 40 औद्योगिक क्षेत्र में तथा 108 डीजल जनरेटर सेटों से संबंधित। कुल 61 उल्लंघन रिपोर्ट हुए, जिनमें 12 निर्माण और विध्वंस स्थलों से, 8 औद्योगिक क्षेत्र से और 41 डीजल जनरेटर सेटों से जुड़े थे। निरीक्षण रिपोर्टों के आधार पर प्रस्तावित कार्रवाइयों में 6 इकाइयों या परियोजनाओं का बंद किया जाना, 31 डीजल जनरेटर सेटों की सीलिंग, 6 कारण बताओ नोटिस जारी करना और 11 मामलों में पर्यावरण क्षतिपूर्ति लगाना शामिल है। एक मामला वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग अधिनियम की धारा 14 के तहत अभियोजन के लिए प्रस्तावित है, जबकि कुछ मामले आगे की जांच के लिए केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड या राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्डों को लौटाए गए हैं। कार्य बल ने 17 अप्रैल 2026 को हुई पिछली बैठक के बाद की कार्रवाई की भी समीक्षा की। उसने 66 बंदी, कारण बताओ नोटिस, सीलिंग और पर्यावरण क्षतिपूर्ति पत्रों का उल्लेख किया, जिनमें 6 औद्योगिक क्षेत्र से, 22 निर्माण और विध्वंस स्थलों से तथा 38 डीजल जनरेटर सेटों से संबंधित थे, साथ ही अनुपालन सत्यापन के बाद 16 पुनरारंभ आदेश भी जारी हुए। 4 मई 2026 तक उड़न दस्तों ने संचयी रूप से 27,008 इकाइयों, परियोजनाओं या संस्थाओं का निरीक्षण किया था। इन निरीक्षणों से 1,779 बंदी निर्देश जारी हुए, जिनमें से 1,365 पुनरारंभ आदेश अनुपालन के बाद जारी किए गए। आयोग ने डीजल जनरेटर सेटों, निर्माण और विध्वंस गतिविधियों, औद्योगिक उत्सर्जन और सड़क धूल प्रबंधन के लिए प्राथमिकता प्रवर्तन, साथ ही मजबूत डेटा अखंडता, अंतर-एजेंसी समन्वय और जवाबदेही पर बल दिया।

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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

1 वायु गुणवत्ता प्रबंधन आयोग के प्रवर्तन कार्य बल ने किस अवधि की समीक्षा की?

उसने 11 अप्रैल से 28 अप्रैल 2026 तक के निरीक्षणों और प्रवर्तन कार्रवाइयों की समीक्षा की।

2 18 दिनों की अवधि में कितने निरीक्षण किए गए?

आयोग के उड़न दस्तों ने 174 निरीक्षण किए।

3 किस क्षेत्र में सबसे अधिक रिपोर्टेड उल्लंघन थे?

61 रिपोर्टेड उल्लंघनों में से 41 डीजल जनरेटर सेटों से संबंधित थे।

4 निरीक्षणों के बाद कौन सी कार्रवाइयां प्रस्तावित हुईं?

कार्रवाइयों में बंदी, डीजल जनरेटर सेटों की सीलिंग, कारण बताओ नोटिस, पर्यावरण क्षतिपूर्ति और एक अभियोजन प्रस्ताव शामिल थे।

5 कौन सा संचयी निरीक्षण आंकड़ा बताया गया?

4 मई 2026 तक उड़न दस्तों ने 27,008 इकाइयों, परियोजनाओं या संस्थाओं का निरीक्षण किया था।

पाठ्यक्रम विषय

Subjects

पर्यावरण एवं पारिस्थितिकीशासन