भारत ने ११ मई २०२६ को २८वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस "समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार" विषय के साथ मनाया; सरकार ने भारत मंडपम में तीन दिवसीय विज्ञान टेक २०२६ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया
भारत ने ११ मई २०२६ को २८वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस "समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार" विषय के साथ १९९८ के पोखरण-२ परीक्षणों की स्मृति में मनाया तथा भारत मंडपम में ३,०००+ हितधारकों और ५००+ प्रौद्योगिकियों के साथ तीन दिवसीय विज्ञान टेक २०२६ प्रदर्शनी का शुभारंभ किया।
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RAS के लिए मुख्य बिंदु
- २८वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस ११ मई २०२६ को समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार विषय के साथ मनाया गया
- ११ मई १९९८ को ऑपरेशन शक्ति कूट नाम के तहत किए गए पोखरण-२ परमाणु परीक्षणों की स्मृति में मनाया जाता है
- पोखरण-२ के समय डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार थे
- सरकार ने भारत मंडपम में तीन दिवसीय विज्ञान टेक २०२६ का शुभारंभ किया जिसमें ३,०००+ हितधारक और ५००+ प्रौद्योगिकियाँ शामिल हुईं
- विषय नैतिक AI, सेमीकंडक्टर, डीप-टेक तथा सुगम्यता पर केंद्रित है
- स्वदेशी प्रौद्योगिकी व्यावसायीकरण तथा स्टार्टअप नवाचार के लिए राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार प्रदान किए गए
भारत ने ११ मई २०२६ को २८वां राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस "समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार" विषय के साथ मनाया, जो ११ मई १९९८ को परमाणु ऊर्जा आयोग और रक्षा अनुसंधान एवं विकास संगठन द्वारा ऑपरेशन शक्ति के कूट नाम से किए गए सफल पोखरण-२ परमाणु परीक्षणों की स्मृति में मनाया जाता है, जब डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम वैज्ञानिक सलाहकार थे। विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग तथा अनुसंधान राष्ट्रीय अनुसंधान फाउंडेशन ने संयुक्त रूप से नई दिल्ली के भारत मंडपम में तीन दिवसीय "विज्ञान टेक २०२६" प्रदर्शनी का शुभारंभ किया, जिसमें ३,००० से अधिक हितधारक तथा राष्ट्रीय अनुसंधान संगठनों, वैज्ञानिक मंत्रालयों और स्टार्टअप्स की ५०० से अधिक तकनीकें और नवाचार एकत्र हुए। यह विषय नैतिक AI तैनाती, सेमीकंडक्टर आत्मनिर्भरता, डीप-टेक स्टार्टअप, दिव्यांगजनों के लिए सुगम्यता तथा डिजिटल अवसंरचना की स्थिरता पर बल देता है। प्रधानमंत्री ने राष्ट्र को संबोधित करते हुए कहा कि पोखरण-२ परीक्षणों ने भारत की वैज्ञानिक उत्कृष्टता को दर्शाया था और इस दिन को विकसित भारत २०४७ दृष्टिकोण को गति देने वाले वैज्ञानिकों, इंजीनियरों तथा नवप्रवर्तकों के प्रति श्रद्धांजलि बताया। स्वदेशी प्रौद्योगिकी का व्यावसायीकरण, स्टार्टअप नवाचार तथा अनुप्रयोग अनुसंधान जैसी श्रेणियों में राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी पुरस्कार प्रदान किए गए। यह दिन सोमनाथ अमृत महोत्सव से भी मेल खाता रहा, जिसने सभ्यतागत गौरव और वैज्ञानिक शक्ति को जोड़ा। उद्योग जगत के नेताओं ने नवाचार-आधारित अर्थव्यवस्था के विस्तार के साथ उभरती प्रौद्योगिकियों की उत्तरदायी तैनाती का आह्वान किया।
अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न
1 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस ११ मई को क्यों मनाया जाता है?
यह ११ मई १९९८ को ऑपरेशन शक्ति कूट नाम के तहत किए गए सफल पोखरण-२ परमाणु परीक्षणों की स्मृति में मनाया जाता है, जिसमें भारत पूर्ण परमाणु शक्ति संपन्न राष्ट्र के रूप में स्थापित हुआ।
2 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस २०२६ का विषय क्या है?
विषय है समावेशी विकास के लिए उत्तरदायी नवाचार, जो नैतिक AI, सेमीकंडक्टर, डीप-टेक, सुगम्यता तथा स्थिरता पर केंद्रित है।
3 विज्ञान टेक २०२६ क्या है?
११ मई २०२६ को नई दिल्ली के भारत मंडपम में आरंभ हुई तीन दिवसीय प्रदर्शनी, जिसमें ३,००० से अधिक हितधारक तथा अनुसंधान संस्थानों, मंत्रालयों और स्टार्टअप्स की ५०० से अधिक प्रौद्योगिकियाँ एकत्र हुईं।
4 पोखरण-२ के समय वैज्ञानिक सलाहकार कौन थे?
डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम भारत सरकार के प्रमुख वैज्ञानिक सलाहकार तथा ऑपरेशन शक्ति के प्रमुख शिल्पकार थे।
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